उत्तर प्रदेश

Bareilly में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई: सुपीरियर इंडस्ट्रीज शराब फैक्टरी में तीसरे दिन भी जांच जारी, रिकॉर्ड 2003 तक खंगाले जा रहे

Bareilly income tax raid ने जिले के औद्योगिक और कारोबारी जगत में खलबली मचा दी है। उत्तर प्रदेश के बरेली में सीबीगंज थाना क्षेत्र के रामपुर रोड स्थित सुपीरियर इंडस्ट्रीज (शराब फैक्टरी) में आयकर विभाग की जांच तीसरे दिन भी लगातार जारी रही। जांच की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बृहस्पतिवार को भी फैक्टरी के अधिकांश अधिकारी परिसर से बाहर नहीं निकल सके।


🔴 तीसरे दिन भी फैक्टरी परिसर में सख्ती बरकरार

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को भी फैक्टरी के अधिकारियों को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। केवल एचआर मैनेजर को ही फैक्टरी से बाहर रहने की इजाजत दी गई है। बताया जा रहा है कि जब आयकर टीम मंगलवार को फैक्टरी पहुंची थी, उस समय एचआर मैनेजर भी परिसर में मौजूद थे।

जांच के दौरान फैक्टरी के अंदर और बाहर हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


🔴 2003 तक के रिकॉर्ड तलब, जांच का दायरा बेहद व्यापक

Bareilly income tax raid की सबसे अहम बात यह है कि जांच का दायरा सिर्फ हालिया वर्षों तक सीमित नहीं है। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग ने वर्ष 2003 तक के सभी वित्तीय और आयकर रिकॉर्ड तलब किए हैं।

इनमें बैलेंस शीट, रिटर्न फाइलिंग, टैक्स भुगतान, बिक्री और उत्पादन से जुड़े दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं। टीम को संदेह है कि लंबे समय से आयकर से संबंधित गंभीर अनियमितताएं की जा रही थीं।


🔴 अधिकारियों के मोबाइल फोन जब्त

जांच के दौरान आयकर विभाग ने फैक्टरी के सभी अधिकारियों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जांच प्रभावित न हो और किसी प्रकार का डेटा डिलीट या बाहरी संपर्क न किया जा सके।

फैक्टरी के कार्यालय में रखे लैपटॉप, कंप्यूटर, रजिस्टर, बिल, वाउचर और अन्य दस्तावेज पहले ही कब्जे में लिए जा चुके हैं।


🔴 मंगलवार शाम शुरू हुई थी कार्रवाई

आयकर विभाग ने मंगलवार शाम करीब सवा छह बजे अचानक यह कार्रवाई शुरू की थी। पांच गाड़ियों में आयकर अधिकारी और एक अलग वाहन में पीएसी के जवान फैक्टरी पहुंचे थे। प्रवेश करते ही पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया गया।

सबसे पहले फैक्टरी के गेट अंदर से बंद कराए गए और कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त किए गए। इसके बाद दस्तावेजों की जांच शुरू की गई।


🔴 बिना अनुमति आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित

जांच के दौरान फैक्टरी परिसर में बिना अनुमति किसी भी तरह के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। गोदामों में काम कर रहे मजदूरों को भी मोबाइल फोन जमा कराकर शटर बंद करके काम जारी रखने की अनुमति दी गई।

शिफ्ट समाप्त होने पर कर्मचारियों को एक-एक कर सघन तलाशी के बाद ही बाहर जाने दिया गया।


🔴 स्थानीय पुलिस को भी नहीं थी भनक

Bareilly income tax raid को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। कार्रवाई से पहले स्थानीय पुलिस चौकी या थाने को भी इसकी सूचना नहीं दी गई थी। इसी कारण आसपास स्थित अन्य फैक्टरी संचालकों को देर रात तक इसकी भनक तक नहीं लगी।

बुधवार सुबह जब इस छापेमारी की जानकारी फैली, तो औद्योगिक क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।


🔴 कारोबारियों में मची हलचल, कयासों का दौर

जैसे ही छापे की खबर फैली, जिले के उद्यमियों और कारोबारियों में हलचल मच गई। लोग एक-दूसरे को फोन कर पल-पल की जानकारी लेने लगे। फैक्टरी संचालक का फोन स्विच ऑफ होने से अफवाहों और अटकलों का दौर और तेज हो गया।

कई लोग सौ करोड़ से लेकर दो सौ करोड़ रुपये तक की कथित टैक्स चोरी के अनुमान लगाने लगे, हालांकि आयकर विभाग के अधिकारियों ने गोपनीयता का हवाला देते हुए किसी भी तरह की पुष्टि से इनकार किया है।


🔴 आयकर में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की आशंका

सूत्रों का कहना है कि सुपीरियर इंडस्ट्रीज द्वारा आयकर विभाग में जमा किए जा रहे रिकॉर्ड में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। आय, उत्पादन और टैक्स भुगतान के आंकड़ों में असंतुलन को देखते हुए विभाग को बड़े पैमाने पर हेराफेरी की आशंका है।

इसी वजह से जांच को लंबा खींचा गया है और पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।


🔴 शराब उद्योग पर कड़ी नजर

Bareilly income tax raid के बाद साफ संकेत हैं कि शराब उद्योग पर आयकर विभाग की निगरानी और सख्त हो सकती है। शराब उत्पादन और बिक्री से जुड़े कारोबार पहले से ही राजस्व के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो आगे और भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।


बरेली की सुपीरियर इंडस्ट्रीज में चल रही आयकर जांच ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र को सतर्क कर दिया है। तीसरे दिन भी जारी कार्रवाई यह संकेत देती है कि मामला साधारण नहीं है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच पूरी होने के बाद आयकर विभाग क्या निष्कर्ष निकालता है और आगे किस स्तर की कार्रवाई सामने आती है।

 

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