भाकियू अम्बावता व भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने प्रदर्शन कर कानून वापसी की मांग
मुजफ्फरनगर। भाकियू अम्बावता व भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने कचहरी मे प्रदर्शन कर सीएए, एनआरसी, एनपीआर कानून को वापिस लिए जाने की मांग करते हुए राष्ट्रपति को सम्बोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौपा। भारतीय किसान यूनियतन अम्बावता के जिलाध्यक्ष मौ.शाह आलम के नेतृत्व मे कचहरी स्थित डीएम कार्यालय पर एकत्रित भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौपा।
भाकियू ने ज्ञापन मे मांग की कि 20 दिसम्बर 2019 मे हुए उपद्रव मे कुछ निर्दोष लोग जेल मे बंद हैं। उनको रिहा किया जाए। सभी थानो पर लिखे मुकदमे वापस लिए जाए। सीएए,एनआरसी, एनपीआर कानून को वापिस किया जाए।
सम्पूर्ण भारत मे राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। आवारा पशुओ पर तुरन्त रोक लगाई जाए। 60 वर्ष से अधिक आयू पर सम्पूर्ण भारत मे 5000 रूपये प्रतिमाह पेंशन दिलाई जाये। इस दौरान भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिलाध्यक्ष टीकम के नेतृत्व मे कचहरी मे प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौपा गया। जिसमे एन.आर.सी. व सी.ए.ए. कानू रदद करने तथा भीम आर्मी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनजीत सिंह नौटीयाल व राष्ट्रीय महासचिव कमल सिह वालिया को रिहा कराने की मांग की।
ज्ञापन मे अवगत कराया कि भारत सरकार द्वारा विगत दिनो पूर्व नागरिकता संशोधन बिल पानिक कराकर देश को धर्म और जाति के आधार पर बांटने प्रयास किया गया है। जिसका भीम आर्मी एकता मिशन पूर्णतः विरोध करती है।
धरने पर भाकियू अम्बावता जिलाध्यक्ष मौ.शाह आलम, मुसासा त्यागी,ईसाफ भोलू, जीशान सिददकी,शाहिद नेता, साजिद अली हैदर,आशिक अली, मौ.रोशन मिस्त्री, मौ.शाहिद आलम तथा भीम आर्मी की और से मनीष चमार, सतीश जौला, गुडडू प्रधान, पूरण सिह बौ(, अभिनव पालीवाल, अजय पालीवाल, आलोक दर्शन, टिकम बौ( आदि भीम आर्मी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
