वैश्विक

Uttarakhand के भीमताल में बस हादसे का दर्दनाक मंजर: सरकार ने घोषित किया मुआवजा, घायलों के इलाज की व्यवस्था

भीमताल,Uttarakhand: उत्तराखंड के अल्मोड़ा से हल्द्वानी जा रही एक बस के 1500 फुट गहरी खाई में गिरने से भयावह हादसा हो गया। इस दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बस में कुल 27 लोग सवार थे। यह दर्दनाक घटना भीमताल के पास हुई, जहां बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।

राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें

दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंचीं। स्थानीय निवासियों ने भी राहत कार्यों में भरपूर सहयोग किया। खाई की गहराई और कठिन भू-भाग के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। घायलों को रस्सियों की मदद से खाई से बाहर निकाला गया और उन्हें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया।

उत्तराखंड सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा:
“भीमताल के पास दुर्भाग्यपूर्ण बस दुर्घटना में 4 लोगों की मौत की खबर बेहद हृदय विदारक है। गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल में किया जा रहा है। एम्स ऋषिकेश से भी घायलों को हल्द्वानी भेजा गया है।”
मुख्यमंत्री ने सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुआवजे की घोषणा

उत्तराखंड सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 3 लाख रुपये, और सामान्य रूप से घायलों को 15 से 25 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। इस आर्थिक सहायता से पीड़ित परिवारों को संकट की इस घड़ी में राहत मिलने की उम्मीद है।

राहगीरों और प्रत्यक्षदर्शियों का बयान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस अनियंत्रित होकर तीखे मोड़ पर खाई में गिर गई। स्थानीय निवासी मोहन सिंह ने बताया, “हमने तेज आवाज सुनी और मौके पर पहुंचे। दृश्य बेहद भयावह था। घायलों की मदद करना हमारी प्राथमिकता थी।”

आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाएं

उत्तराखंड में पहाड़ी मार्गों पर दुर्घटनाएं आम बात होती जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब सड़कें, तेज रफ्तार, और वाहन चालकों की लापरवाही ऐसी घटनाओं का प्रमुख कारण बनती हैं। परिवहन विभाग को इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

सड़क सुरक्षा पर सवाल

इस हादसे ने उत्तराखंड की सड़कों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को सड़कों की नियमित जांच, साइन बोर्ड लगाने, और तीखे मोड़ों पर बैरिकेड्स लगाने की आवश्यकता है।

जनता की मांग: यातायात नियमों का पालन हो अनिवार्य

स्थानीय नागरिकों ने सरकार से यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

सरकारी कदमों पर निगाहें

यह घटना न केवल उत्तराखंड सरकार बल्कि केंद्र सरकार के लिए भी सड़क सुरक्षा को लेकर चेतावनी है। राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने और पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान करने में सरकार की भूमिका अहम होगी।

मीडिया और सोशल मीडिया का प्रभाव

घटना की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए तेजी से फैल गई। ANI ने भी इस घटना की रिपोर्ट करते हुए ट्वीट किया:
“Dehradun | Bhimtal bus accident | Uttarakhand government announces a compensation of Rs 10 lakh for the families of deceased, Rs 3 lakh for the families of seriously injured and Rs 15-25 thousand for the families of normally injured persons.”

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव

  • पहाड़ी सड़कों की नियमित मरम्मत और चौड़ीकरण।
  • चालकों के लिए सख्त ट्रेनिंग और नियम पालन की बाध्यता।
  • बसों में जीपीएस और ट्रैकिंग सिस्टम की अनिवार्यता।
  • स्थानीय प्रशासन द्वारा खतरनाक स्थानों की पहचान और सुरक्षा उपाय।

हादसे का व्यापक प्रभाव

भीमताल बस हादसा न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। यह समय है कि सरकार और जनता मिलकर इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर कदम उठाएं।

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: [email protected]

News-Desk has 20655 posts and counting. See all posts by News-Desk

Avatar Of News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

eighteen − thirteen =