उत्तर प्रदेश

Bijnor बरकतपुर चीनी मिल हादसा: खौलते शीरे के टैंक में गिरने से सुपरवाइजर समेत तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत, परिजनों ने मिल पर किया बवाल

Bijnor के बरकतपुर क्षेत्र में स्थित उत्तम शुगर मिल में शुक्रवार सुबह एक भयानक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। प्लांट की सफाई के दौरान खौलते शीरे के टैंक में गिरने से सुपरवाइजर समेत तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद घटना ने न केवल मृतकों के परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई बल्कि इलाके में भारी रोष और हंगामा भी मचा दिया।

घटना की विस्तृत जानकारी: मजदूरों को सफाई के लिए लगाया गया था काम

बरकतपुर की इस प्रसिद्ध चीनी मिल में शुक्रवार सुबह ईटीपी (ETP) प्लांट की सफाई के लिए मजदूरों को लगाया गया था। इस दौरान अचानक, खौलते हुए शीरे के टैंक में तीन लोग गिर गए। इस हादसे में तीसोत्र गांव के कपिल देव (40), कबूलपुर के मुनेश्वर (45) और लालपुर के सौपाल (49) की मौत हुई। मुनेश्वर ही इस टीम का सुपरवाइजर था।

मौत की वजह और घटनास्थल पर तनाव

सूचना मिलते ही परिजन दर्द से कराहते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल पर चीनी मिल के कर्मचारियों और पुलिस अधिकारियों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह पता चला है कि टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा प्रबंधों में चूक हुई, जिससे यह भयंकर हादसा हुआ।

परिजनों ने चीनी मिल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजा और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मांग को लेकर परिजनों ने मिल परिसर में जमकर हंगामा किया।

मजदूर सुरक्षा की अनदेखी बनी मौत की वजह

यह हादसा देश के कई औद्योगिक इलाकों में मजदूर सुरक्षा की उपेक्षा की एक नई मिसाल बन गया है। ऐसे खतरनाक प्लांट में सुरक्षा के ठोस इंतजाम न होना और मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण न देना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह के स्थानों पर सावधानीपूर्वक सुरक्षा उपाय लागू किए जाते तो यह हादसा टला जा सकता था। मजदूरों को नियमित ट्रेनिंग देना, सही सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना और प्लांट के संचालन में कड़ी निगरानी अत्यंत आवश्यक है।

उद्योग जगत में सुरक्षा पर नए सिरे से ध्यान देने की जरूरत

इस त्रासदी ने उद्योग जगत के लिए एक बड़ी चेतावनी दी है। देशभर की चीनी मिलों और भारी उद्योगों में मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। दुर्घटना से न केवल जान-माल का नुकसान होता है, बल्कि परिवारों का जीवन भी तहस-नहस हो जाता है।

सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वे कड़े कानून बनाकर औद्योगिक श्रमिकों की सुरक्षा को अनिवार्य करें और नियमों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

परिवारों की न्याय की गुहार और प्रशासन की भूमिका

मृत मजदूरों के परिवार मुआवजा और न्याय की गुहार लगाए हुए हैं। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई के लिए तहरीर मिलने का इंतजार कर रहा है। लोगों की मांग है कि दोषी चाहे जो भी हो, उसे सजा मिले और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।


बरकतपुर चीनी मिल में हुए इस दर्दनाक हादसे ने मजदूर सुरक्षा की अनदेखी को उजागर कर दिया है। तीन परिवारों के लिए यह अपूरणीय क्षति है, जो उनके लिए सदियों की पीड़ा लेकर आई है। प्रशासन को चाहिए कि वे तुरंत न्याय सुनिश्चित करें और उद्योग जगत में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू कर इस तरह की त्रासदियों को दोबारा न होने दें।

 

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: [email protected]

News-Desk has 20655 posts and counting. See all posts by News-Desk

Avatar Of News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

4 × five =