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भंडाफोड़: चीनी नागरिकों ने नकली निवेश ऐप के माध्यम से 150 करोड़ से अधिक रुपये ठगे

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने चीनी नागरिकों के एक समूह द्वारा चलाए जा रहे एक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। ये लोग धोखे से डेटा चुराकर उसे पॉवरबैंक, सनफैक्टरी और ईज़प्लान जैसे नकली निवेश ऐप के माध्यम से 150 करोड़ से अधिक रुपये ठग लिए। दिल्ली पुलिस के डीसीपी (साइबर सेल) अन्येश रॉय के मुताबिक इन लोगों ने पांच लाख भारतीयों को ठगा है। ऐप Google Play Store पर सूचीबद्ध है और निवेश पर आकर्षक और त्वरित रिटर्न प्रदान करता है।

पुलिस के मुताबिक ये लोग ऐप के माध्यम से पैसा दुगुना करने का लालच दिया करते थे। पुलिस ने ऐसे 11 धोखेबाज चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों में दो चार्टर्ड एकाउंटेंट भी हैं। पुलिस ने इनके बैंक एकाउंट से 11 करोड़ रुपए सीज किए हैं, जबकि 97 लाख रुपए का कैश भी बरामद किया है।

कुछ समय पहले उत्तराखंड की पुलिस ने भी एक नागरिक की शिकायत पर यूपी के नोएडा से एक ठग को गिरफ्तार किया था। उसके पास से कई लैपटॉप और फर्जी सिमकार्ड भी मिले थे। लोगों का कहना है कि ठग उनसे इस ऐप के जरिए 15 दिन में धन दोगुना करने का वादा किए थे।

दिल्ली पुलिस साइबर सेल ने पावर बैंक नाम के एक निवेश ऐप की मदद से 5 लाख से अधिक लोगों को ठगने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पिछले दो महीनों में आरोपी कथित तौर पर लोगों से 150 करोड़ रुपये ठगने में कामयाब रहा। डीसीपी रॉय ने बताया, “हमें सोशल मीडिया पर दो ऐप- पावर बैंक और ईज़ी प्लान के बारे में सैकड़ों शिकायतें मिलीं।

 

कुछ शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। पावर बैंक ऐप हजारों डाउनलोड के साथ ऐप स्टोर पर ट्रेंड कर रहा था।” कहा कि ऐप के मालिक और निर्माता चीन में हैं और उन्होंने दो महीने पहले आरोपी से भारत में बैंक खातों और शेल कंपनियों की मदद के लिए संपर्क किया था।

इससे पहले इसी साल जनवरी में यूपी पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने 14 ठगों को गिरफ्तार के बाद दो चीनी नागरिकों को भी पकड़ा था। ये लोग ऑनलाइन खाते खोलकर फर्जी लेनदेन करते थे।

चीन की भारत के खिलाफ साजिश कोई नई बात नहीं है। पिछले साल भारत-चीन सीमा विवाद के बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक या दो नहीं बल्कि तीन बार चीनी कंपनियों को ज़ोरदार झटका दिया। सरकार के इस प्रहार से अब तक कई चीनी कंपनियों को मुंह की खानी पड़ी। राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के हित में सरकार ने चीन के कुल 224 मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक कर दिया था।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के राज्य मंत्री संजय धोत्रे (Sanjay Dhotre) ने लोकसभा में बताया था की देश की रक्षा, संप्रभुता और अखंडता के हित में सूचना प्रौद्योगिकी कानून 2000 के सेक्शन 69ए के तहत Helo, Tiktok और WeChat समेत 224 मोबाइल ऐप्स ब्लॉक किए गए हैं।

News Desk

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