प्रवासी मजदूरों को लेकर नियमों में बदलाव: सऊदी नियोक्ता के साथ बंधे रहने की पाबंदी खत्म
सऊदी अरब में प्रवासी मजदूरों को लेकर आज से नियमों में बदलाव किया गया है, जिसका वहां काम कर रहे लाखों भारतीय कामगारों का फायदा मिलेगा।
अब सऊदी अरब में भारतीय कामगारों समेत एक करोड़ से अधिक प्रवासी मजदूर अपनी मर्जी से नौकरी बदल सकेंगे। साथ ही अपनी मर्जी से अपने देश आ-जा सकेंगें।
सऊदी अरब ने पिछले साल नवंबर में कफाला सिस्टम में बदलाव कर नए ‘कफाला स्पॉन्सरशिप सिस्टम’ को लागू करने का वादा किया था, उसे रविवार को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है।
‘कफाला स्पॉन्सरशिप सिस्टम’ को लागू होने से वहां काम करने वाले लाखों भारतीय कामगारों को फायदा होगा। इसके तहत नियोक्ताओं (मालिक या कंपनियों) के दुर्व्यवहार और शोषण की स्थिति में कम वेतन पाने वाले ऐसे लाखों प्रवासी मजदूरों पर अपने उसी नियोक्ता के साथ बंधे रहने की पाबंदी खत्म हो गई।
सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने कहा कि इन सुधारों के तहत विदेशी कर्मचारियों को एक जगह से दूसरी जगह काम करने, नौकरी छोड़ने, देश में फिर से प्रवेश करने और अपने नियोक्ता की सहमति के बिना अंतिम निकासी वीजा सुरक्षित करने की अनुमति दी जाएगी।
इन सुधारों की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। मजदूर सीधे तौर पर सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे। कंपनी के मालिकों के साथ जो भी कॉन्ट्रैक्ट होगा, उसे ऑनलाइन रखा जाएगा। बता दें कि इससे पहले, बिना कंपनी की अनुमति के प्रवासी मजदूर ऐसा नहीं कर सकते थे और ज्यादातर मामलों में वीजा का डर दिखाकर मजदूरों का शोषण किया जाता था।
सऊदी अरब के मानव संसाधन मंत्रालय के उप मंत्री अब्दुल्लाह बिन नसीर अबुथुनायन कहा था कि हम देश में एक बेहतर श्रम बाजार बनाना चाहते हैं और साथ ही मजदूरों के लिए काम के माहौल को भी बेहतर बनाना चाहते हैं।श्रम कानूनों में इन बदलावों से विजन 2030 के उद्देश्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।

