बोलिविया: जीनाइन अनेज पर अब आतंकवाद और राजद्रोह के आरोप में मुकदमा चलेगा
बोलिविया में 2019 में तत्कालीन राष्ट्रपति इवो मोरालेस का तख्ता पलट कर अंतरिम राष्ट्रपति बने जीनाइन अनेज पर अब आतंकवाद और राजद्रोह के आरोप में मुकदमा चलेगा। पिछले दिसंबर में हुए चुनाव में मोरालेस की पार्टी मूवमेंट टुवार्ड्स सोशलिज्म (मास) भारी बहुमत से सत्ता में लौट आई थी।
मास मोरालेस को हटाने की घटना को गैर-कानूनी तख्ता पलट मानती रही है। अब उसने तब के घटनाक्रमों को लेकर कानूनी कार्रवाई की शुरुआत कर दी है।
Denuncio ante Bolivia y el mundo, que en un acto de abuso y persecución política el gobierno del MAS me ha mandado arrestar. Me acusa de haber participado en un golpe de estado que nunca ocurrió. Mis oraciones por Bolivia y por todos los bolvianos.
— Jeanine Añez Chavez (@JeanineAnez) March 13, 2021
पूर्व अंतरिम राष्ट्रपति अनेज ने सरकार के ताजा फैसले को ‘राजनीतिक उत्पीड़न’ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी मूवमेंट टुवार्ड्स सोशलिज्म पार्टी अपने तानाशाही के रवैये की तरफ लौट गई है।
जबकि सत्ताधारी पार्टी का कहना है कि अनेज ने दक्षिणपंथी गुटों की मदद से एक निर्वाचित राष्ट्रपति को गैर-कानूनी तरीके से सत्ता हटाया था। इसलिए उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें उन्हें अपना बचाव करने का पूरा मौका मिलेगा।
नवंबर 2019 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में मोरालेस विजयी रहे थे। लेकिन तब दक्षिणपंथी विपक्षी गुटों ने आरोप लगाया था कि उन्होंने धांधली करके चुनाव जीता। विपक्षी गुटों के आंदोलन के बीच पुलिस और सेना का साथ भी उन्हें मिल गया। तब कई पुलिस और सैन्य अधिकारियों ने मोरालेस पर इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाया था।
अब उन सबको वारंट जारी किया गया है। अनेज सरकार में न्याय मंत्री रहे अल्वारो कोइम्ब्रा ने शुक्रवार को एक ट्विट में कहा कि उन पर भी गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके मंत्रालय में उप मंत्री रहे एक नेता को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सेना में बगावत के बाद मोरालेस ने नवंबर 2019 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद वे निर्वासन में चले गए। मोरालस 2006 में पहली बार राष्ट्रपति बने थे। बोलिविया के मूलवासी समुदाय से आए वे देश के पहले राष्ट्रपति रहे हैं।
Por justicia y verdad para las 36 víctimas fatales, los más de 800 heridos y más de 1.500 detenidos ilegalmente en el golpe de Estado. Que se investigue y sancione a los autores y cómplices de la dictadura que saqueó la economía y atentó contra la vida y la democracia en Bolivia.
— Evo Morales Ayma (@evoespueblo) March 13, 2021
अपने 13 साल के कार्यकाल में मोरालेस ने गरीब और कमजोर तबकों के लोगों के सशक्तीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। इस कारण उनकी लोकप्रियता ऊंचे स्तर पर रही है, जो पिछले दिसंबर में हुए आम चुनाव में भी जाहिर हुई, जब उनकी पार्टी को भारी बहुमत मिला।
तख्ता पलट के बाद बनी अंतरिम सरकार ने मोरालेस और उनकी सरकार के कई मंत्रियों पर मुकदमा शुरू किया था। उन पर चुनावी धांधली और असहमति के दमन के आरोप लगाए गए थे। लेकिन चुनाव नतीजों से जाहिर हुआ कि बोलिविया की जनता का समर्थन मोरालेस की पार्टी के साथ है। अब इसी पार्टी के लुई आर्चे देश के राष्ट्रपति हैं।
अब जो लोग जांच के दायरे में हैं, उनमें सांता क्रूज राज्य के निर्वाचित गवर्नर लुई फर्नांदो केमाचो भी हैं। वे भी मोरालेस को हटाने के अभियान में शामिल हुए थे।
बीते गुरुवार को केमाचो को जिरह के लिए कोर्ट में बुलाया गया था। लेकिन वहां बड़ी संख्या में उनके समर्थकों के जमा हो जाने के कारण सुनवाई टालनी पड़ी। अभी तक अनेज या केमाचो की गिरफ्तारी का वारंट जारी नहीं हुआ है।

