54 वर्षों से अटूट सेवा की मिसाल: छपार Muzaffarnagar में भव्य कांवड़ सेवा शिविर और विशाल भंडारे का शुभारंभ, शिवभक्तों के लिए 24 घंटे निशुल्क व्यवस्थाएं
News-Desk
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हर वर्ष की तरह इस बार भी हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा के लिए व्यापक और सुव्यवस्थित तैयारियां की गई हैं। समिति का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं बल्कि लंबी पदयात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को आराम, सुरक्षा और आत्मीयता का अनुभव कराना भी है।
54 वर्षों से लगातार निभाई जा रही सेवा की परंपरा
श्री विश्वनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह कांवड़ सेवा शिविर केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि क्षेत्र की गौरवशाली सामाजिक परंपरा बन चुका है।
समिति के अध्यक्ष संजय त्यागी और राजकुमार त्यागी ने जानकारी दी कि पिछले 54 वर्षों से बिना किसी व्यवधान के यह सेवा शिविर आयोजित किया जा रहा है। हर वर्ष कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों के लिए यहां निशुल्क भोजन, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
उन्होंने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और वर्षों से स्थानीय ग्रामीण, समाजसेवी तथा श्रद्धालु इसी भावना के साथ इस शिविर को सफल बनाने में योगदान देते आ रहे हैं।
भव्य शुभारंभ के साथ गूंजा पूरा परिसर
शिविर के उद्घाटन अवसर पर धार्मिक उल्लास अपने चरम पर दिखाई दिया।
मुख्य अतिथि सुनील त्यागी उर्फ टीटू त्यागी ने विधिवत फीता काटकर शिविर का शुभारंभ किया। उद्घाटन के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
पूरे आयोजन में श्रद्धा, अनुशासन और सेवा भावना का अनूठा संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और शिवभक्तों ने आयोजन में भाग लेकर सेवा कार्यों में सहयोग का संकल्प लिया।
शिवभक्तों के लिए की गईं व्यापक निशुल्क व्यवस्थाएं
समिति ने इस वर्ष भी कांवड़ियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अनेक आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं।
शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए—
- शुद्ध एवं पौष्टिक भोजन-प्रसाद की व्यवस्था
- जलपान की निशुल्क सुविधा
- स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता
- पदयात्रियों के विश्राम की व्यवस्था
- स्नान की समुचित सुविधा
- आराम करने के लिए पर्याप्त स्थान
जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।
समिति के अनुसार इन सुविधाओं का उद्देश्य लंबी दूरी तय कर रहे कांवड़ियों को सुरक्षित और आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी धार्मिक यात्रा बिना किसी कठिनाई के पूरी कर सकें।
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म, यही है शिविर की पहचान
कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि सामाजिक सहयोग और सेवा भावना का भी बड़ा उदाहरण मानी जाती है।
छपार का यह सेवा शिविर पिछले पांच दशकों से अधिक समय से इसी भावना को आगे बढ़ा रहा है। यहां बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक शिवभक्त का स्वागत किया जाता है और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से यह शिविर हजारों कांवड़ियों के लिए विश्राम और सेवा का विश्वसनीय केंद्र बना हुआ है।
स्थानीय समाजसेवियों ने निभाई सक्रिय भूमिका
उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के अनेक समाजसेवी, गणमान्य नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से—
- डॉ. गजेंद्र सिंह त्यागी
- राजकुमार त्यागी
- संजय त्यागी (चेयरमैन)
- उमेश त्यागी (मलीरा)
- अशोक त्यागी (घलोली)
- सुभाष धीमान
- योगिंदर त्यागी
- सत्यवीर त्यागी
- सोमदत्त धीमान
- जोनी त्यागी
- सेंकी त्यागी
- दीपांशु त्यागी
- अंशुल त्यागी
- विवेक
- वंश
सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे।
सभी ने शिवभक्तों की सेवा को पुण्य कार्य बताते हुए पूरे मनोयोग से सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।
कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ेगी रौनक
दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग-58 कांवड़ यात्रा के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल रहता है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले हजारों कांवड़िये इस मार्ग से गुजरते हैं।
ऐसे में छपार का यह सेवा शिविर यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में जाना जाता है। यात्रा के चरम पर पहुंचने के साथ यहां श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
समिति ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त भोजन सामग्री, पेयजल, स्वयंसेवकों और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था पहले से कर ली गई है।
आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी संदेश
कांवड़ सेवा शिविर केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक सहयोग का भी प्रतीक है।
इस प्रकार के आयोजन समाज में सेवा, सहयोग, अनुशासन और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं। स्थानीय लोग अपने समय, श्रम और संसाधनों से शिवभक्तों की सेवा में जुटकर सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता और सामुदायिक सहयोग की परंपरा को भी मजबूत बनाते हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान
श्री विश्वनाथ मंदिर समिति ने स्पष्ट किया कि पूरे कांवड़ मेले के दौरान शिविर में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
सेवा शिविर में स्वयंसेवकों की टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी, ताकि भोजन वितरण, विश्राम व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सेवाएं व्यवस्थित रूप से संचालित होती रहें। समिति का उद्देश्य है कि हर शिवभक्त यहां से संतुष्ट होकर अपनी यात्रा आगे बढ़ाए और उसे किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

