गुरु पूर्णिमा पर गोरक्षपीठ में Vishwa Hindu Mahasangh Bharat की श्रद्धापूर्ण उपस्थिति, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने लिया आशीर्वाद
Guru Purnima के अवसर पर गोरखपुर स्थित ऐतिहासिक गोरक्षपीठ में श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपरा का विशेष संगम देखने को मिला। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर Vishwa Hindu Mahasangh Bharat के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद त्यागी अपने सहयोगियों के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज में आध्यात्मिक मूल्यों, संस्कारों और राष्ट्रहित की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश भी दिया। धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मंदिर परिसर में मौजूद रही और पूरे परिसर में गुरु पूर्णिमा की विशेष आध्यात्मिक छटा दिखाई दी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद त्यागी के साथ कई पदाधिकारी रहे मौजूद
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में विश्व हिंदू महासंघ भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद त्यागी के साथ संगठन के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिपाठी तथा गो रक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओ.पी. गोला भी उपस्थित रहे।
सभी पदाधिकारियों ने गोरक्षपीठ पहुंचकर मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन किया और गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। संगठन के प्रतिनिधियों ने इसे आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
मान्य द्वारिका प्रसाद तिवारी का शाल ओढ़ाकर किया सम्मान
गोरक्षपीठ प्रवास के दौरान विश्व हिंदू महासंघ भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने मान्य द्वारिका प्रसाद तिवारी का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया।
इस अवसर पर उन्होंने द्वारिका प्रसाद तिवारी से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा सामाजिक और संगठनात्मक विषयों पर उनका मार्गदर्शन भी लिया। संगठन की ओर से कहा गया कि वरिष्ठजनों का अनुभव और दिशा-निर्देश समाज तथा संगठन दोनों के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं।
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ महाराज के दर्शन कर लिया आशीर्वाद
गुरु पूर्णिमा के इस विशेष अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री परम पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज के दर्शन भी किए।
प्रमोद त्यागी और उनके साथ मौजूद पदाधिकारियों ने योगी आदित्यनाथ महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान सनातन संस्कृति, गुरु परंपरा और समाज सेवा के महत्व पर भी चर्चा हुई।
गोरक्षपीठ लंबे समय से धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है तथा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
गुरु पूर्णिमा का सनातन परंपरा में विशेष महत्व
गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह दिन गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर होता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुरु ही ज्ञान, संस्कार और जीवन के सही मार्ग का परिचय कराते हैं। इसलिए इस दिन विभिन्न मठों, मंदिरों और धार्मिक संस्थानों में विशेष पूजन, सत्संग और आशीर्वाद कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
गोरक्षपीठ में भी गुरु पूर्णिमा का पर्व परंपरागत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों का दिया संदेश
विश्व हिंदू महासंघ भारत के प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, अनुशासन, सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने का भी संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और आने वाली पीढ़ियों तक इसके मूल्यों को पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों को भी नई ऊर्जा मिलती है।

