Chiranjeevi और राम चरण ने अमित शाह से की मुलाकात, डीपफेक बनाने वालों पर सख्त कानून की मांग
नई दिल्ली। फिल्मी सितारों की तस्वीरों और वीडियो का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए गलत इस्तेमाल तेजी से चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर तेलुगु सिनेमा के दिग्गज अभिनेता Chiranjeevi और उनके बेटे तथा अभिनेता राम चरण ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दोनों कलाकारों ने फिल्म इंडस्ट्री में डीपफेक और AI तकनीक के दुरुपयोग से कलाकारों की छवि, निजता, अधिकारों और सम्मान को होने वाले नुकसान पर चिंता जताई। चिरंजीवी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मुलाकात की जानकारी साझा की।
चिरंजीवी के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और इस समस्या से निपटने के लिए सख्त नियमों तथा कड़े दंड के प्रावधान पर विचार करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने इस मामले में औपचारिक लिखित आवेदन जमा करने की सलाह भी दी। साथ ही, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को फिल्म उद्योग और सरकार के बीच इस मुद्दे पर समन्वय बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
डीपफेक कलाकारों के अधिकार और आत्मसम्मान के लिए खतरा
चिरंजीवी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए गृह मंत्री से मिलने को सम्मान की बात बताया। उन्होंने कहा कि AI और डीपफेक तकनीक का गलत इस्तेमाल कलाकारों के अधिकारों, आत्मसम्मान और उनकी रचनात्मक सामग्री के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। किसी कलाकार की तस्वीर, आवाज या वीडियो का इस्तेमाल करके ऐसा फर्जी कंटेंट तैयार किया जा सकता है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। कई मामलों में इस तकनीक का इस्तेमाल आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री बनाने के लिए भी किया जा रहा है।
चिरंजीवी ने कहा कि यह केवल फिल्म उद्योग की समस्या नहीं है, बल्कि डिजिटल दुनिया में किसी भी व्यक्ति की निजता और प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है। उनके मुताबिक, गृह मंत्री ने पूरे विषय को ध्यानपूर्वक सुना और इस दिशा में जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया।
राम चरण बोले- गृह मंत्री का सकारात्मक रुख राहत देने वाला
मुलाकात के बाद राम चरण ने भी सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने गृह मंत्री के सकारात्मक रुख और समस्या की गंभीरता को समझने के लिए उनका आभार जताया। राम चरण के अनुसार, अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि फर्जी और आपत्तिजनक कंटेंट तैयार करने तथा उसका गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाएगा।
राम चरण ने उम्मीद जताई कि कलाकारों की निजता, पहचान और अधिकारों की सुरक्षा के लिए जल्द ही ठोस दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे। फिल्म उद्योग लंबे समय से इस बात पर चिंता जता रहा है कि किसी कलाकार की अनुमति के बिना उसकी तस्वीर, आवाज या पहचान का इस्तेमाल करके फर्जी वीडियो बनाए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित कलाकारों के पास शिकायत और कानूनी कार्रवाई के प्रभावी विकल्प होना जरूरी है।
जान्हवी कपूर के गाने ‘चुट्टामल्ले’ का मॉर्फ्ड वीडियो हुआ था वायरल
AI डीपफेक के दुरुपयोग को लेकर हाल के समय में कई चर्चित मामले सामने आए हैं। अभिनेत्री जान्हवी कपूर पर फिल्माए गए फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ के गाने ‘चुट्टामल्ले’ का एक मॉर्फ्ड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में AI तकनीक का इस्तेमाल करके आपत्तिजनक बदलाव किए गए थे। इसके सामने आने के बाद कई कलाकारों ने नाराजगी जताई और इसे बेहद शर्मनाक तथा अस्वीकार्य बताया।
चिरंजीवी ने भी इस वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में ऐसे कंटेंट को क्रूर, शर्मनाक और पूरी तरह अस्वीकार्य बताया था। उनका कहना था कि यह किसी एक अभिनेत्री या फिल्म तक सीमित मामला नहीं है। आज किसी दूसरे व्यक्ति की तस्वीर या वीडियो का गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो भविष्य में किसी के साथ भी ऐसा हो सकता है।
उन्होंने ऐसे वीडियो बनाने और जानबूझकर फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। चिरंजीवी ने इसे मजाक या मनोरंजन मानने से इनकार करते हुए तेलुगु फिल्म चैंबर, प्रोड्यूसर्स काउंसिल और अन्य फिल्म उद्योग संगठनों के साथ मिलकर एक कमेटी और सपोर्ट सेल बनाने का सुझाव भी दिया था। यह व्यवस्था साइबर अपराध अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि ऐसे वीडियो को देखने, डाउनलोड करने या आगे साझा करने के बजाय संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबर अपराध अधिकारियों को इसकी सूचना दें।
रश्मिका मंदाना के डीपफेक वीडियो ने देशभर में छेड़ी थी बहस
AI डीपफेक के दुरुपयोग का मामला वर्ष 2023 में भी बड़े विवाद का कारण बना था, जब अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में किसी अन्य महिला के शरीर पर रश्मिका का चेहरा डिजिटल तकनीक से लगाया गया था। इस घटना के बाद फिल्म जगत के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी AI तकनीक के गलत इस्तेमाल और महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा को लेकर बहस शुरू हो गई थी।
रश्मिका मंदाना ने भी इस घटना पर खुलकर नाराजगी जताई थी और कहा था कि इस तरह का दुरुपयोग बेहद डरावना है। जनवरी 2024 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में आंध्र प्रदेश के गुंटूर से 24 वर्षीय बीटेक स्नातक ईमानी नवीन को गिरफ्तार किया था। उस पर वीडियो बनाने और अपलोड करने का आरोप था।
AI के दौर में कलाकारों की डिजिटल पहचान की सुरक्षा बड़ी चुनौती
AI तकनीक ने फिल्म निर्माण, विजुअल इफेक्ट्स, डबिंग और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में कई नई संभावनाएं खोली हैं। लेकिन इसी तकनीक का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की आवाज, चेहरे और पहचान की नकल करके फर्जी वीडियो या ऑडियो तैयार करने में भी किया जा सकता है। विशेष रूप से डीपफेक के जरिए तैयार की गई आपत्तिजनक सामग्री किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, निजी जीवन और पेशेवर करियर को नुकसान पहुंचा सकती है।
फिल्म उद्योग की मांग है कि कलाकारों की तस्वीर, आवाज और डिजिटल पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल को रोकने के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं। साथ ही, ऐसी सामग्री तैयार करने, प्रकाशित करने और जानबूझकर प्रसारित करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। शिकायत दर्ज कराने और आपत्तिजनक सामग्री हटवाने की प्रक्रिया भी आसान और समयबद्ध होनी चाहिए।
चिरंजीवी और राम चरण की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात इसी व्यापक चिंता का हिस्सा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि फिल्म उद्योग की मांगों के आधार पर सरकार किस तरह के दिशा-निर्देश या कानूनी प्रावधान तैयार करती है।
AI तकनीक मनोरंजन और रचनात्मकता के लिए नए रास्ते खोल रही है, लेकिन किसी की पहचान और तस्वीर का बिना अनुमति गलत इस्तेमाल गंभीर समस्या है। चिरंजीवी और राम चरण की मांग ने कलाकारों की डिजिटल सुरक्षा और डीपफेक के खिलाफ प्रभावी कानूनी व्यवस्था की जरूरत को फिर चर्चा में ला दिया है।

