कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं सोमवार से शुरू, अभिभावकों को सहमति जरूरी -बीएसए
मुजफ्फरनगर । देश में कोविड-१९ संक्रमण के कारण बीते मार्च से प्रदेश में बंद चल रहे विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं एक मार्च से यानी कल सोमवार से करीब ११ महीने बाद शुरू होंगी।
कोविड-१९ प्रोटोकॉल के तहत समस्त संबद्ध माध्यमिक के साथ ही परिषदीय विद्यालयों में बच्चे पहुंचेंगे और कक्षाएं शुरू होंगी। सभी विद्यालयों को एसओपी जारी कर उसके अनुसार व्यवस्थाएं कराने और कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कक्षाओं में बुलाए जाएंगे ५० फीसदी छात्र -शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में शासन ने स्पष्ट लिखा है कि कक्षाओं में पहले ५०-५० फीसद बच्चों को बुलाया जाए।
पहले दिन प्रत्येक कक्षा के ५० फीसद बच्चे बुलाए जाएंगे। बाकी के ५० फीसद अगले दिन कक्षाएं लेंगे। वहीं, जिन विद्यालयों जूनियर कक्षाओं में बच्चों की संख्या अधिक है वहां दो पालियों में कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसका सभी विद्यालयों को पालन करना होगा।
अभिभावकों को सहमति जरूरी -बीएसए ने बताया कि बच्चों को विद्यालय में कक्षाओं के लिए बुलाने हेतु प्रबंधन और प्रिंसिपल को अभिभावकों को अनुमति लेनी होगी।
अगर अभिभावक अनुमति नहीं देते हैं और बच्चों को विद्यालय भेजने से इंकार करते हैं तो प्रबंधन और विद्यालय के प्रिंसिपल उन्हें बाध्य नहीं कर सकते हैं।
जारी किया गया ये शेड्यूल– सोमवार व बृहस्पतिवार को कक्षा एक व पांच की कक्षाएं।
- मंगलवार व शुक्रवार को कक्षा दो व चार की कक्षाएं।
- बुधवार व शनिवार को कक्षा तीन की कक्षाएं संचालित होंगी।
- कोरोना से सुरक्षा के मद्देनजर जारी किए गए विद्यालयों को निर्देश
- बच्चों में छह फीट की दूरी और मास्क जरूरी होगा।
- खेलकूद और अन्य प्रकार के कार्यक्रम नहीं होंगे।
- विद्यालय में शिक्षकों एवं छात्रों की नियमित जांच की व्यवस्था की जाए।
- अगर विद्यालय में कोई कोविड-१९ का संदिग्ध हो तो उसे तत्काल आइसोलेट कर दिया जाए।
- विद्यालयों में कक्ष, शौचालय, दरवाजे, कुंडी, सीट का निरंतर सैनिटाइजेशन हो साफ सफाई होनी चाहिए।
- बच्चों के पीने के लिए साफ पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।
- बच्चे पाठ्य पुस्तकें, नोटबुक, पेन और लंच किसी से साझा न करें।
- बच्चों के रिक्शे, बसों आदि के प्रापर सैनिटाइजेशन की व्यवस्था होनी चाहिए।
- विद्यालय में प्रवेश के समय बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग होनी चाहिए।
- छात्र-छात्राओं को विद्यालय बुलाने से पहले उनके अभिभावकों की सहमति आवश्यक है।

