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बच्चों के लिए कोरोना की गाइडलाइन जारी , नहीं दे सकते एंटी वायरल रेमडेसिविर रेमडेसिविर

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहत अब कुछ कम हो गई है। लेकिन अब भी हजारों की संख्या में लोगों की मौत हो रही है। इसी बीच केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमित बच्चों के इलाज के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी हैं। गाइडलाइन में साफ कहा गया कि संक्रमित बच्चों को एंटी वायरल रेमडेसिविर नहीं दी जाए।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज ने 18 वर्ष से कम बच्चों में कोविड-19 को लेकर कुछ गाइडलाइन जारी किया है। गाइडलाइन के अनुसार, बच्चों के इलाज के लिए रेमडेसिविर के उपयोग के लिए मनाही है वहीं एचआरसीटी को बढ़ावा देने की बात कही गई है। बच्चों की शारीरिक क्षमता को देखने के लिए 6 मिनट का वॉक टेस्ट लेने की सलाह दी गई है।

बच्चों में कार्डियो-पलमोनरी एक्सरसाइज टोलरेंस की जांच करने के लिए बच्चों की उंगली में पल्स ऑक्सीमीटर लगा कर उनसे 6 मिनट तक लगातार चलाने के निर्देश दिये हैं। 6 मिनट लगातार चलने के बाद अगर उनका सैचुरेशन 94 प्रतिशत से कम होता है, 3-5 प्रतिशत तक नीचे चला जाता है या बच्चों को चक्कर आ रहा है और उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो वह हाइपोक्सिक की तरफ अग्रसर हो सकते हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है।

मंत्रालय ने साफ कहा कि ज्यादा गंभीर मरीजों को ही स्टेरॉयड दी जाए। डीडीएचएस ने यह साफ मना किया है कि लोग खुद से स्टेरॉयड का इस्तेमाल बच्चों के लिए ना करें। एसिंप्टोमेटिक और कोविड-19 के माइल्ड केसेज के लिए स्टेरॉयड हानिकारक साबित हो सकता है।

इसके साथ जो बच्चे माइल्ड कोविड से पीड़ित होंगे उन्हें बुखार के लिए है 4 से 6 घंटे के बीच पेरासिटामोल 10-15 एमजी/केजी/डोज दिया जाएगा। यहां जानें डीजीएचएस ने और क्या गाइडलाइंस जारी किए हैं।

 

News Desk

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