Corona virus infection: रविवार को देश में कोरोना के 1,79,000 से अधिक मामले

corona virus infection: रविवार रात पौने ग्यारह बजे तक 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना विषाणु संक्रमण के 1,79,872 मामले आए जबकि संक्रमण की वजह से 142 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों की ओर से जारी किए गए। इन आंकड़ों में त्रिपुरा, दादर नागर हवेली व दमन दीव, झारखंड और लक्षद्वीप के आंकड़े शामिल नहीं हैं।

देश में सबसे अधिक कोरोना विषाणु संक्रमण के मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए। महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में 44,388 मामले सामने आए और 12 लोगों की मौत हुई। महाराष्ट्र के अलावा पश्चिम बंगाल में 24,287, दिल्ली में 22,751, तमिलनाडु में 12,895, कर्नाटक में 12,000, उत्तर प्रदेश में 7,680, गुजरात में 6,275, केरल में 6,238, राजस्थान में 5,660, हरियाणा में 5,166, बिहार में 5,022, ओड़ीशा में 4,714, पंजाब में 3,922, झारखंड में 3,444, छत्तीसगढ़ में 2,494, मध्य प्रदेश में 2,039, गोवा में 1,922, तेलंगाना में 1,673, उत्तराखंड में 1,413, आंध्र प्रदेश में 1,257, असम में 988, मिजोरम में 903, जम्मू कश्मीर में 687 मामले दर्ज किए गए।

चंडीगढ़ में 666, हिमाचल प्रदेश में 498, पुदुचेरी में 444, अंडमान निकोबार में 175, मेघालय में 76, मणिपुर में 68, लद्दाख में 59, अरुणाचल प्रदेश में 37, सिक्किम में 25 और नगालैंड में छह मामले दर्ज किए गए।

नए प्रतिबंधों का एलान

कोरोना विषाणु संक्रमण के मामले बढ़ने के कारण कई राज्यों में नए प्रतिबंधों का एलान किया है। महाराष्ट्र और हिमाचल ने सख्ती बढ़ा दी है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं और केंद्र सरकार के दिव्यांग कर्मचारियों को कार्यालय जाने से छूट दे दी है। हालांकि, ऐसे कर्मचारियों को उपलब्ध रहना होगा और घर से काम करना होगा।

केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह के मुताबिक, कोविड निरुद्ध क्षेत्र में रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी तब तक कार्यालय जाने से छूट दी गई है जब तक कि निरुद्ध क्षेत्र को गैर अधिसूचित नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि अवर सचिव स्तर से नीचे के सरकारी कर्मचारियों की कार्यालय में उपस्थिति वास्तविक क्षमता के 50 फीसद तक सीमित कर दी गई है और शेष 50 फीसद घर से काम करेंगे। यह जानकारी कार्मिक मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी बयान में दी गई।

महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को जिम और ब्यूटी सैलून के लिए कोविड-19 से संबंधित प्रतिबंधों को संशोधित किया और उन्हें 10 जनवरी की मध्यरात्रि से 50 फीसद क्षमता के साथ काम करने की अनुमति दे दी। शनिवार को राज्य में कोरोना विषाणु के 41,000 मामले सामने आए थे, तब सरकार ने कहा था कि जिम और ब्यूटी सैलून बंद रहेंगे

जबकि नाई की दुकान पर 50 फीसद क्षमता के साथ काम हो सकेगा। आदेश में रविवार को संशोधन किया गया और ब्यूटी सैलून को भी 50 फीसदी क्षमता के साथ काम करने की अनुमति दे दी गई। संशोधित आदेश के मुताबिक, सिर्फ उन गतिविधियों की इजाजत है जिसमें मास्क नहीं उतारना पड़े।

हिमाचल प्रदेश सरकार

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश सरकार ने 50 फीसद सरकारी कर्मचारियों को ही दफ्तर पहुंचने का आदेश जारी किया है। सरकारी दफ्तर पांच दिन ही खुलेंगे। राज्य आपदा प्रबंधन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। सोमवार से प्रदेश में पांच दिन का कार्य दिवस घोषित किया गया है। इंडोर होने वाले मनोरंजन, सांस्कृतिक और राजनीति कार्यक्रमों में अधिकतम सौ लोगों को आने की अनुमति होगी। आउटडोर होने वाले कार्यक्रमों में अधिकतम 300 लोगों को आने की अनुमति होगी।

दिल्ली

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि पूर्णबंदी लागू करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है और यदि लोग मास्क पहनने के नियम का पालन करते हैं, तो पूर्णबंदी नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रविवार को 24 घंटे में कोविड-19 के 22 हजार मामले दर्ज होने की आशंका है।

केजरीवाल ने आनलाइन प्रेस कांफ्रेस में कहा कि कोविड-19 मामलों का बढ़ना चिंता की बात है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। बहुत कम लोग अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। मास्क पहनना बहुत महत्त्वपूर्ण है। यदि आप मास्क पहनना जारी रखेंगे, तो पूर्णबंदी नहीं लगेगी। फिलहाल पूर्णबंदी लागू करने की कोई योजना नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे उपराज्यपाल अनिल बैजल और केंद्र के साथ मिलकर कोविड की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा- हमारा प्रयास न्यूनतम पाबंदियां लगाने का है ताकि आजीविका प्रभावित न हो। पिछले साल अप्रैल-मई में आई कोविड की दूसरी लहर के साथ मौजूदा तीसरी लहर की तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सात मई, 2021 को 341 रोगियों की मौत हुई थी और संक्रमण के 20,000 मामले दर्ज किए गए थे, लेकिन शनिवार को दिल्ली में सात लोगों की मौत हुईं, जबकि संक्रमण के 20 हजार मामले सामने आए। उन्होंने कहा कि हालांकि एक भी मौत नहीं होनी चाहिए।

 पिछले साल सात मई को लगभग 20,000 कोविड बिस्तरों पर रोगी थे, जबकि कल इतने ही मामले सामने आने के बावजूद अस्पताल के बिस्तरों पर केवल 1,500 रोगी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति की समीक्षा और आगे किए जाने वाले प्रयासों पर चर्चा करने के लिए सोमवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक बुलाई जाएगी।

केजरीवाल ने कहा- हमने पिछले साल आई खतरनाक दूसरी लहर से पार पा लिया है और हम इससे भी पार पाएंगे। उन्होंने लोगों से टीका लगवाने और खुद को वायरस से सुरक्षित रखने का भी आग्रह किया।

राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कुछ दिनों में कोविड के दैनिक मामलों में तेजी देखी जा रही है। ऐसा मुख्य रूप से संक्रमण के ओमीक्रान बहुरूप के कारण हुआ है। डीडीएमए ने वायरस को फैलने से रोकने के लिये शहर में सप्ताहांत कर्फ्यू लागू किया है।

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