कोरोना वायरस से चीन में हाहाकार- 2000 संक्रमित होने की पुष्टि:मरने वालों की संख्या बढ़कर 56
कोरोनावायरस से चीन में हाहाकार मच गया है। अब तक इस वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है और इससे 2000 लोगों के पीड़ित होने की पुष्टि हुई है। इस विषाणु से मरने वालों की औसत उम्र 73 साल है । चीन के स्वास्थ्य आयोग के अनुसार सभी मौतें चीन के शहर वुहान में हुई जो संक्रमण का केंद्र है। शनिवार को 400 नए संक्रामक रोगी इसकी चपेट में आए। इन्हें मिलाकर कोरोना वायरस अब तक 56 लोगों को लील चुका है और करीब 2000 इससे संक्रमित हैं।
इनमें से 237 की हालात बेहद खराब बताई जा रही है। इसके अलावा 1,965 लोगों को संदिग्ध रोगी मानते हुए निगरानी में रखा गया है। वहीं भारत ने चीन से कहा, कोरोना वायरस के गढ़ वुहान में फंसे 250 से ज्यादा भारतीय छात्रों को वहां से जाने की इजाजत दे।
We are also closely coordinating with Chinese authorities. As of now, we understand that no Indian citizens have been affected by the outbreak & that food & water supplies are available to them. (3/5)
— Raveesh Kumar (@MEAIndia) January 26, 2020
चीन के डॉक्टर वांग गुआंगफा का कहना है कि कोरोनावायरस आंखों से फैलता है। वांग को डर है कि उन्होंने अस्पताल में चश्मा नहीं पहना था जिसके चलते वे इस संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। वहीं इस पर शोध कर रहे वैज्ञानिकों का भी कहना है कि इस रोग से ग्रसित मरीज को छूने के बाद हाथ से अपनी आंखों को छूने पर संक्रमण फैल रहा है।
आम नागरिकों पर भी इसका बुरा असर हो रहा है। चीन द्वारा शनिवार को नए शहरों में आवागमन रोका, जिसके बाद यहां के 18 शहरों के 5.6 करोड़ लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं, उनकी आवाजाही थम गई है। वुहान जैसे शहरों में, जहां पहले से प्रतिबंध लगाए गए थे, उन्हें कड़ा कर दिया गया है। आधी रात से सभी तरह के यातायात पर भी पाबंदी लगा दी है।
इन शहरों को हाइवे को जोड़ते मार्ग बंद कर दिए गए हैं। केवल कुछ क्षेत्रों में सप्लाई ट्रकों व बसों को निर्धारित रूट पर आवागमन की अनुमति दी गई है। हालांकि इससे नागरिकों के लिए समस्याएं बढ़ गई हैं। एक गर्भवती महिला ने सोशल मीडिया पर चीन सरकार पूछा कि प्रसव की तारीख निकट है, क्या वह पैदल चलकर अस्पताल पहुंचे?
वहीं वुहान के प्रशासन ने दावा किया है कि वह अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं मुहैया करवा रहा है, जिनकी कमी हो रही है। बंद किए गए शहरों में सेना के 40 और चिकित्सकों को लगाया गया है, अब तक सेना के 450 चिकित्सक इस काम में लगाए गए हैं। विदेशों से दानस्वरूप मिल रही वस्तुओं को टैक्स से बाहर किया गया है।
मृतकों में सबसे उम्रदराज शख्स 89 साल का था जबकि सबसे कम उम्र के लिहाज से 48 साल के व्यक्ति की मौत हुई। बीमारी को रोकने के लिए आपात कदम उठाते हुए वुहान समेत तीन शहरों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
वुहान, हुआंग्गांग और इजोऊ में सिटी बसों सहित सार्वजनिक यातायात के सभी साधन, सब-वे, नाव, ट्रेन और हवाई जहाज सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
Mission is in touch with Indians in Wuhan and relevant Chinese authorities. We are closely monitoring the evolving situation. We have also started hotlines for those who wish to get in touch with @EOIBeijing. @MEAIndia @DrSJaishankar @SecySanjay @SecretaryCPVOIA @CPVIndia pic.twitter.com/5Pw9tdS9Lg
— India in China (@EOIBeijing) January 23, 2020
नागरिकों को आगाह किया गया है कि बिना महत्वपूर्ण वजह बताए शहर न छोड़ें। ऐसा करते हैं तो उन्हें सजा दी जाएगी। इस पाबंदी से करीब दो करोड़ लोग अपने-अपने शहरों में कैद हो गए हैं। बीजिंग में भारत के दूतावास ने कहा है कि उन्हें कोरोनावायरस महामारी के संबंध में हेबेई प्रांत में रहने वाले भारतीयों के बारे में भारत में रहने वाले उनके रिश्तेदारों से जानकारियां मांगी जा रही है, जिसको देखते हुए दो हॉटलाइन जारी की गई है।
दूतावास ने कहा है कि वह बीजिंग और हेबेई में प्रासंगिक चीनी अधिकारियों के साथ-साथ हेबेई में रहने वाले भारतीयों के साथ भी संपर्क में है। दूतावास का कहना है कि हम इस संबंध में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी की गई सलाह सहित चीन में विकसित स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संबंधित चीनी अधिकारियों ने वुहान के निवासियों को खाद्य आपूर्ति सहित सभी सहायता का आश्वासन दिया है। साथ ही हेबेई और वुहान में रहने वाले भारतीयों के लिए भारतीय दूतावास ने दो हॉटलाइन को जारी किया है। जो +8618612083629 और +8618612083617 हैं।
दुनियाभर में इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। अब तक अज्ञात रहे इस वायरस को किसी जंगली जीव या उसके मांस से मानवों में फैलने की आशंका भी जताई गई है। सबसे पहले वुहान शहर को बंद करने का आदेश दिया गया।
इसके बाद यहां से करीब 70 किमी दूर मौजूद हुआंग्गांग को बंद किया गया। वुहान के पर्यटन अधिकारियों ने सभी क्षेत्रीय एजेंसियों को 22 जनवरी से आठ फरवरी तक सभी तरह के पर्यटन पर रोक लगाने के लिए कहा है। विदेशों से आ रहे सभी ग्रुप टूर भी 30 जनवरी तक रद कर दिए गए हैं, पैसा लौटाने को कहा गया है। पांच सितारा होटलों को चेताया गया है कि वे आठ फरवरी तक अपने सभी आयोजन रद कर दें।
