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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के सृजन को मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के सृजन को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रक्षा स्टाफ के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया जाने वाला अधिकारी एक चार सितारा जनरल होगा और सैन्य मामलों के विभाग का प्रमुख भी होगा।

सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजित करने को मंजूरी दे दी है। सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का दायित्व निर्धारण करने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के नेतृत्व वाली समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दी।

 केंद्र सरकार आज देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और उनके कार्यों के चार्टर की घोषणा भी कर सकती है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उच्च रक्षा व्यवस्था की दिशा में ये एक ऐतिहासिक फैसला है। सरकार ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद और रक्षा मंत्रालय के अंदर मिलिटरी अफेयर्स डिपार्टमेंट का सृजन करने का फैसला लिया है। 

समाचार एजेंसी एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि सशस्त्र बल सैन्य मामलों के विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स) के दायरे में आएगा, जिसमें सैन्य मामलों के प्रबंधन के लिए उचित विशेषज्ञता होगी। जिसे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ संभालेंगे। डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स नागिरकों और सैन्य अधिकारियों के बीच सामंजस्य बैठाने वाला उपयुक्त विभाग होगा।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ तीनों सेना प्रमुखों सहित किसी भी सैन्य कमान को आदेश नहीं देंगे।चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ तीनों रक्षा सेवाओं के मामलों पर रक्षा मंत्री के प्रधान सैन्य सलाहकार के रूप में कार्य करेंगे। वहीं तीनों प्रमुख अपने संबंधित सेवाओं से संबंधित मामलों पर रक्षा मंत्री को सलाह देना जारी रखेंगे। एक संयुक्त कमान को सैन्य टुकड़ी (सेना, वायु सेना और नौसेना) में एक ‘थिएटर कमांड’ कहा जाता है। यह एक वरिष्ठ सैन्य कमांडर की कमान में सभी बलों के संसाधनों को रखता है।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की दूसरी भूमिका भी होगी, जो चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के स्थायी अध्यक्ष होंगे। इस भूमिका में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को एकीकृत रक्षा स्टाफ का समर्थन मिलेगा।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद पर एक चार सितारा जनरल की नियुक्ति की जाएगी और सीडीएस कार्यकाल को त्यागने के बाद किसी भी सरकारी कार्यालय में काम करने के लिए पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा वह सीडीएस के पद से हटने के बाद पांच साल तक पूर्व स्वीकृति के बिना कोई निजी रोजगार भी नहीं कर सकेंगे।

सैन्य मामलों का विभाग चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के दायरे में आएगा जो संयुक्त या थिएटर कमांड की स्थापना के माध्यम से संचालन में संयुक्तता लाकर, संसाधनों के इष्टतम उपयोग के लिए सैन्य आदेशों के पुनर्गठन की सुविधा प्रदान करेगा।

News-Desk

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