कोहरे-Fog की चादर में ठिठका गांव–किसान बेहाल: चरथावल–चोकड़ा मार्ग पर जनजीवन ठप, गन्ना सीजन पर भारी असर
चरथावल विकासखंड के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों घना कोहरा Fog जनजीवन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। ग्राम चोकड़ा से मथुरा की ओर जाने वाला मार्ग बुधवार को पूरी तरह कोहरे की चादर में लिपटा रहा। हालात ऐसे रहे कि सुबह 10 बजे तक भी दृश्यता बेहद सीमित बनी रही, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा की आवाजाही में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर कुछ ही मीटर आगे देख पाना मुश्किल हो गया था। बाइक, ट्रैक्टर, साइकिल और पैदल चलने वालों के लिए यह स्थिति जोखिम भरी साबित हुई। कोहरे के कारण गांवों की रफ्तार मानो थम सी गई।
गन्ना सीजन पर कोहरे की मार, खेत से मिल तक सफर बना चुनौती
Muzaffarnagar News के अनुसार, इस समय क्षेत्र में गन्ना कटाई का चरम सीजन चल रहा है। किसान अपने खेतों से गन्ना काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से चीनी मिलों तक पहुंचाते हैं।
लेकिन लगातार पड़ रहे घने कोहरे ने किसानों की इस पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर दिया है।
कई किसानों ने बताया कि—
सुबह खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है
गन्ना कटाई का काम टल रहा है
मिलों तक समय पर गन्ना पहुंचाना कठिन हो गया है
देर होने से आर्थिक नुकसान का डर बना हुआ है
कोहरे और अत्यधिक ठंड के चलते किसान मजबूरी में खेतों में जाने से बच रहे हैं, जिससे उनकी दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ गई है।
खराब दृश्यता बनी सबसे बड़ी समस्या, दुर्घटना का खतरा बढ़ा
चरथावल क्षेत्र के ग्रामीण मार्ग पहले से ही संकरे और रोशनी की सीमित व्यवस्था वाले हैं। ऐसे में घना कोहरा स्थिति को और खतरनाक बना रहा है।
Muzaffarnagar News के तहत सामने आई जानकारी के अनुसार, कई ग्रामीण ट्रैक्टरों में हेडलाइट या पर्याप्त लाइट की व्यवस्था नहीं होती। कोहरे में यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।
ग्रामीणों ने बताया कि कोहरे के बीच ट्रैक्टर, बाइक और अन्य वाहन अचानक सामने आ जाते हैं, जिससे टक्कर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
तस्वीरों में भी एक बिना लाइट का ट्रैक्टर सड़क किनारे चलता हुआ देखा गया, जो खतरे की गंभीरता को साफ दिखाता है।
सड़कें बनीं डर का रास्ता, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित
Muzaffarnagar News के अनुसार, कोहरे का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं पर पड़ रहा है।
स्कूल जाने वाले बच्चों को रास्ते में परेशानी
बुजुर्गों का सुबह की दिनचर्या पर असर
बीमार लोगों को अस्पताल तक पहुंचने में दिक्कत
ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक परिवहन सीमित होने के कारण लोग निजी साधनों पर निर्भर रहते हैं, लेकिन कोहरे में वही साधन जोखिम का कारण बन रहे हैं।
ठंड और कोहरे की दोहरी मार, ग्रामीण जीवन अस्त-व्यस्त
चरथावल और आसपास के गांवों में ठंड पहले से ही अपना असर दिखा रही है। उस पर लगातार छाए कोहरे ने हालात और कठिन कर दिए हैं।
Muzaffarnagar News के अनुसार, अलाव जलाने, गर्म कपड़ों और सुबह देर से निकलने जैसी स्थितियां आम हो गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि—
सुबह जल्दी निकलना संभव नहीं
काम के घंटे घट गए हैं
खेत, बाजार और मिल तीनों प्रभावित हैं
यह स्थिति केवल किसानों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण समाज को प्रभावित कर रही है।
प्रशासन और यातायात सुरक्षा पर उठे सवाल
घने कोहरे के बीच सड़क सुरक्षा और जागरूकता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का मानना है कि—
ट्रैक्टरों और अन्य कृषि वाहनों में लाइट अनिवार्य हो
कोहरे के दौरान चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं
ग्रामीण सड़कों पर रिफ्लेक्टर और संकेतक बढ़ाए जाएं
Muzaffarnagar News में यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि गन्ना सीजन के दौरान सड़कों पर भारी वाहनों की संख्या बढ़ जाती है।
मौसम का असर आगे भी जारी रहने की आशंका
स्थानीय लोगों के अनुसार, मौसम में फिलहाल सुधार के संकेत कम हैं। यदि कोहरा इसी तरह बना रहा, तो आने वाले दिनों में—
गन्ना आपूर्ति और प्रभावित होगी
किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा
सड़क हादसों की आशंका बनी रहेगी
ग्रामीण क्षेत्र इस समय मौसम की मार से जूझ रहा है और सभी की नजरें जल्द राहत पर टिकी हैं।

