मुजफ्फरनगर में कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण हेतु जिला मजिस्ट्रेट ने दिए दिशा-निर्देश
मुजफ्फरनगर। जिला मजिस्ट्रेटने बताया कि अपर मुख्य सचिव द्वारा कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण हेतु दिशा-निर्देश निर्गत किये गये है।
अतः अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, द्वारा दिए गए निर्देशों का जनपद मुजफ्फरनगर में कडाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
2. हाल ही के दिनों कोविड-19 के मामलों में उच्च पॉजिटिव दर के साथ एक तीव्र वृद्धि को अवलोकित किया गया है। मामलों में अभूतपूर्व वृद्धिध्लहर को ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि लहर प्रभावित क्षेत्रों में कडेघ् कोविड प्रबन्धन एवं नियंत्रण उपायों को लागू किया जाय ताकि स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके।
3. इस सम्बन्ध में शासन के पत्र संख्या-600/2021-सी0एक्स0-3 दिनांक 26.03.2021 के क्रम में कोविड-19 के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण हेतु अग्रिम आदेशों तक निम्नलिखित प्रभावी कदम उठाये जाने एवं उनका अनुपालन कराये जाने के निर्देश दिये गये है-
वायरस संचरण की गति को समझना
वायरस संचरण मानवीय सम्पर्क के माध्यम से फैलता है। वायरस संचरण को रोकने के लिए आवश्यक रणनीतियों में न केवल वायरस के प्रसार को प्रतिबन्धित करना शामिल है बल्कि मानीय सम्पर्क को भी प्रतिबन्धित करना शामिल है।
विस्तृत रूप में रणनीतियां निम्नलिखित है-
1. व्यक्तिगत क्रियाएं जैसे मास्क पहनना, दूसरों से 06 फीट की दूरी बनाये रखना, अपने हाथों को समय-समय पर सेनेटाइज करना और किसी भी भीड-भाड वाले क्षेत्रों में शामिल न होना।
2. वायरस को नियंत्रित करने के लिए निम्नलिखित जनस्वास्थ्य उपाय हैः-
ऽ ऐसे व्यक्ति जिनके पॉजिटिव होने का संदेह है तथा सार्स-कोव-टू पॉजिटिव व्यक्ति, ै।त्प् मामलों, फ्लू जैसे लक्षणों को प्रकट करने वाले व्यक्तियों इत्यादि का परीक्षण कर क्वारंटाइन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाये कि वे इकटठे न हो और इस प्रकार वे संक्रमण को फैलाने में सक्षम न हो सके।
ऽ उन समस्त पॉजिटिव व्यक्तियों तथा उनके सम्पर्क में आने वाले अन्य लोगों को क्वारंटाइन, आइसोलेट किये जाय तथा उनका परीक्षण किया जाय।
ऽ ऐसे स्थान जहां एक समूह के रूप में ऐसे मामले पाये जाते है तथा जहां व्यक्तिगत या पारिवारिक रूप से उनकी मदद नहीं की जा सकती। ऐसे मामलों में एक निश्चित सीमा तथा कडे नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए कन्टेनमेंन्ट जोन का निर्माण किया जाय ताकि संक्रमण को बाहर फैलने से रोका जा सके। यह समस्त विश्व में पालन किये जाने वाले रणनीतियों के अनुरूप है साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय के ैव्च् में भी इस बात का उल्लेख किया गया है अर्थात एक बडे भौगोलिक क्षेत्र जैसे कि शहर या जिला अथवा इस प्रकार के अन्य स्थान जहां ऐसे मामले बहुत अधिक है और लगातार उनमें बढोत्तरी हो रही है, को भौतिक रूप से कन्टेन किये जाय। हालांकि सार्वजनिक परिवहन के संचालन की अनुमति होगी।
3. साक्ष्य आधारित निर्णय बडे कन्टैनमेन्ट जोन का निर्माण कहां और कब किया जाना है, यह निर्णय साक्ष्य और परिस्थितियों के बेहतर विश्लेषण पर आधारित होना चाहिए जैसे कि प्रभावित जनसंख्या, भौगोलिक विस्तार, अस्पताल अवसंरचना, मानव शक्ति और प्रवर्तित सीमायें आदि।
4. हालांकि इन उददेश्यों को लागू करने के लिए पारदर्शी उददेश्यपूर्ण और महामरी को दृष्टिगत रखते हुए निर्णय लेने के लिए निम्नलिखित व्यापक आधार वाली रूपरेखा प्रदान किये जाय-
1 परीक्षण सकारात्मकता पिछले एक सप्ताह में 10 प्रतिशत अथवा इससे अधिक सकारात्मक मामलों में।
2. बेड उपलब्धता बेड 60 प्रतिशत से अधिक ऑक्सीजन समर्थित अथवा आई0सी0यू0 बेड
5. ऐसे विशिष्ट क्षेत्र जहां गहन कार्यवाही तथा स्थानीय नियंत्रण को लागू किया जाना आवश्यक है को भली-भॉति समझा जाय। जैसे कि शहर/कस्बा/कस्बो का हिस्सा/जिला मुख्यालय/अर्द्ध शहरी इलाकेध्नगर पालिका वार्ड पंचायत क्षेत्र इत्यादि।
6. गहन कार्यवाही और स्थानीय नियंत्रण के लिए चिन्हित क्षेत्रों पर हस्तक्षेप के निम्नलिखित रणनीतिक क्षेत्र के तहत मुख्य रूप से ध्यान दिया जायें।

