Delhi में बम धमाके में गिरफ्तार Doctor Shaheen: एमएलएन मेडिकल कॉलेज की एकलौती फार्माकोलॉजी छात्रा का रहस्यमय बदलाव
Delhi में हुए बम धमाके के बाद एक Doctor Shaheen का नाम चर्चा में आया है। डॉ. शाहीन सईद, जो एमएलएन मेडिकल कॉलेज में फार्माकोलॉजी की एकलौती छात्रा थी, अब आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार हुई है। कॉलेज के पूर्व प्राचार्य और उसके सहपाठी इस घटनाक्रम से हैरान हैं। शाहीन के बारे में जानने के बाद कई सवाल उठते हैं—क्या वह वास्तव में आतंकवादी संगठन के साथ जुड़ी हुई थी या फिर उसकी मानसिकता में कुछ और बदलाव हुआ था? यह सब तब सामने आया जब शाहीन के पुराने सहपाठियों और उसके संपर्कों की जांच की गई।
शाहीन का कॉलेज जीवन और उसकी व्यक्तिगत यात्रा
डॉ. शाहीन सईद ने अपनी पढ़ाई की शुरुआत बहुत ही सामान्य तरीके से की थी। एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान वह किसी अन्य सामान्य छात्रा की तरह ही सलवार कुर्ते में रहती थी और कभी भी हिजाब नहीं पहनती थी। उसके सहपाठियों का कहना है कि वह अन्य छात्रों से अलग व्यवहार नहीं करती थी। उसके व्यवहार में कोई भी ऐसा संकेत नहीं था जो यह साबित कर सके कि वह किसी खतरनाक रास्ते पर चल रही है।
लेकिन जब वह फार्माकोलॉजी में एमडी की पढ़ाई के लिए वापस आई, तो उसके व्यवहार में एक परिवर्तन दिखाई देने लगा। उसके दोस्त और सहपाठी बताते हैं कि वह पहले की तरह खुलकर नहीं रहती थी और कुछ हद तक लोगों से कटी-कटी रहने लगी थी।
फार्माकोलॉजी और उसकी विशेषताएँ
फार्माकोलॉजी, दवाओं और रसायन विज्ञान से संबंधित एक महत्वपूर्ण शाखा है, जिसमें दवाओं के मानव शरीर पर प्रभाव को समझा जाता है। इसमें दवाओं के अवशोषण, वितरण, चयापचय और उत्सर्जन का अध्ययन किया जाता है। फार्माकोलॉजी में शरीर क्रिया विज्ञान, जैव रसायन विज्ञान, कोशिका और आणविक जीवविज्ञान का गहरा ज्ञान और कौशल शामिल होता है। इसके तहत नई दवाओं के विकास और उनके सुरक्षित उपयोग के तरीकों को भी समझा जाता है।
इस क्षेत्र में डॉ. शाहीन की गहरी रुचि थी और वह इस अध्ययन में अपने समय की एकलौती छात्रा थीं। कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह बताते हैं कि फार्माकोलॉजी में एमडी की दो सीटें थीं, लेकिन शाहीन के अलावा अन्य किसी ने उस वर्ष प्रवेश नहीं लिया।
शाहीन और उसकी संदिग्ध यात्रा
वह 2016 से 2018 तक यूएई में रही थी, जहाँ पर उसकी संदिग्ध गतिविधियों का पता चला है। एजेंसियों को शाहीन के पासपोर्ट की छानबीन में यह पता चला कि उसने इस दौरान कई लोगों से संपर्क किया था। चर्चा है कि यूएई में ही शाहीन को जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग, जमात उल मोमिनात के लिए ट्रेनिंग दी गई थी। इसके बाद से उसका विदेश यात्रा रिकॉर्ड खंगाला गया, जिसमें आतंकवादी संगठनों से संपर्क होने की बातें सामने आई।
इसी दौरान शाहीन को आतंकवादियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने का कार्य सौंपा गया था, और वह इस काम में शामिल हो गई थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि विदेश यात्रा के दौरान शाहीन का आतंकवादियों से मिलना और उनसे ट्रेनिंग लेना एक महत्वपूर्ण पहलू है जिसे अभी भी जांचा जा रहा है।
शाहीन का संबंध आतंकी संगठनों से
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, डॉ. शाहीन के कई दोस्तों और परिचितों से जानकारी ली जा रही है, जिनसे वह पहले संपर्क में थी। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, शाहीन का एक पुरुष मित्र डॉ. मुज्जमिल तुर्की से जुड़ा हुआ था, जिसके बाद शाहीन की कई देशों में यात्रा की जांच की जा रही है। उसकी यात्रा और आतंकी समूहों के साथ संभावित संपर्कों पर नजर डाली जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, शाहीन को कुछ समय के लिए आतंकी समूहों से जुड़ी ट्रेनिंग दी गई थी, और उसके बाद उसने कई देशों में आतंकी गतिविधियों में सहायता प्रदान की। उसकी गिरफ्तारियों के बाद यह स्पष्ट हुआ कि उसकी यात्रा और संबंध बेहद संदिग्ध थे।
शाहीन के परिवार से पूछताछ और जानकारी
पुलिस और एटीएस द्वारा शाहीन के परिवार के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। यह जांच यह जानने के लिए है कि वह किन लोगों के संपर्क में थी और क्या उसे आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाया गया था। शाहीन के पूर्व पति डॉ. जफर हयात का कहना है कि वह अक्सर यूरोप में बसने की बात करती थी और यह भी बताती थी कि उसकी विदेश यात्रा के दौरान उसके साथ कुछ संदिग्ध लोग जुड़े हुए थे।
हालांकि, शाहीन के सहपाठियों और शिक्षिकाओं का कहना है कि वह बहुत ही अनुशासित और सामान्य छात्रा थी, और किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि वह किसी आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त हो सकती है।
नए सुराग और जांच
हाल ही में एटीएस को शाहीन के कॉल डिटेल्स से कुछ अहम सुराग मिले हैं। उसके पिछले दो माह लखनऊ में बिताने की जानकारी भी मिली है। इसके अलावा, शाहीन के परिवार के सदस्यों से भी दोबारा पूछताछ की जा सकती है ताकि इस मामले में और भी जानकारी प्राप्त की जा सके।
इस मामले ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं और यह घटना यह दर्शाती है कि कभी-कभी हमारे आस-पास के लोग भी उन रास्तों पर चल सकते हैं, जिन्हें हम नहीं समझ पाते। शाहीन की तरह दिखने वाली सामान्य छात्रा का आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ना हम सभी को हैरान कर देता है। इस मामले की जांच अभी चल रही है और आगे क्या घटनाक्रम होगा, यह समय ही बताएगा।

