Sai Dhan Foundation ने 140 टीबी मरीजों को वितरित की पोषण पोटली, स्वास्थ्य और उपचार में मिली मदद
Sai Dhan Foundation, गुरुग्राम द्वारा आज मुज़फ्फरनगर में 140 टीबी (तपेदिक) मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई। यह पहल टीबी मरीजों के स्वास्थ्य और उपचार में सुधार लाने के उद्देश्य से की गई है, ताकि मरीजों को आवश्यक पोषण मिले और उनका रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके। इस कार्यक्रम के माध्यम से मरीजों को न केवल दवा, बल्कि पोषण और मानसिक सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।
टीबी मरीजों के लिए पोषण पोटली
कार्यक्रम में साईं धान फाउंडेशन के संस्थापक सुशील और श्रीमती सुनीता ने स्वयं पोषण पोटली वितरित की। इस मौके पर टीबी हॉस्पिटल मुज़फ्फरनगर के डॉ. लोकेश चंद गुप्ता, विपिन शर्मा, हेमंत यादव, रुचिर, संजीव और अभिषेक भी मौजूद रहे। इस पहल के तहत हर टीबी मरीज को एक पोषण पोटली दी गई, जिसमें दालें, चना, सूखे मेवे, ओआरएस (Oral Rehydration Solution), और आवश्यक सप्लीमेंट्स शामिल थे।
टीबी के इलाज में पोषण की भूमिका
टीबी के उपचार और पोषण पर जोर देते हुए डीटीओ डॉ. लोकेश गुप्ता ने बताया कि यह पहल “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत समाज के विभिन्न वर्ग टीबी मरीजों को गोद लेकर उनकी स्वास्थ्य देखभाल और पोषण की जिम्मेदारी ले रहे हैं।
डॉ. गुप्ता ने आगे बताया कि मरीजों को केवल दवा ही नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक पोषण भी दिया जा रहा है, ताकि उनकी रिकवरी प्रक्रिया तेज हो सके। उनका कहना था, “पोषण और मानसिक सहयोग टीबी के इलाज में उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि दवाइयां। ऐसे कार्यक्रमों से मरीजों को आत्मविश्वास मिलता है और वे जल्दी स्वस्थ होते हैं।”
समाज का सहयोग और जागरूकता
साईं धान फाउंडेशन की इस पहल का उद्देश्य केवल दवाइयां उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि मरीजों के संपूर्ण स्वास्थ्य और मानसिक सहयोग का ध्यान रखना है। इस पहल के तहत हर मरीज को यह महसूस कराया जा रहा है कि समाज उनके साथ है और वे अकेले नहीं हैं। टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान के तहत समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को इलाज और पोषण की मदद मिल सके।
टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान का महत्व
“टीबी हारेगा, देश जीतेगा” अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना और मरीजों को इलाज और पोषण उपलब्ध कराना है। यह अभियान न केवल मरीजों के उपचार को बेहतर बनाने का कार्य कर रहा है, बल्कि समाज में टीबी के प्रति सकारात्मक सोच और जागरूकता भी पैदा कर रहा है।
साईं धान फाउंडेशन की पहल से मरीजों को सहायता
साईं धान फाउंडेशन द्वारा इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने से टीबी मरीजों को न केवल स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है, बल्कि उन्हें यह एहसास भी हो रहा है कि समाज उनका साथ दे रहा है। यह पहल मरीजों के लिए एक नई उम्मीद और आत्मविश्वास का स्रोत बन रही है, जिससे वे जल्दी स्वस्थ हो रहे हैं और टीबी से उबरने में सक्षम हो रहे हैं।
साईं धान फाउंडेशन की इस पहल से यह साबित होता है कि टीबी के इलाज में केवल दवाइयां ही नहीं, बल्कि सही पोषण और मानसिक सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पहल न केवल मरीजों की मदद करती है, बल्कि समाज को भी टीबी के प्रति जागरूक बनाती है। इस प्रकार के कार्यक्रम टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान की सफलता की कुंजी बन सकते हैं।

