बढी बिजली दरों पर दिया ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। व्यापारियों ने विद्युत दरों में वृद्धि और नई परिवहन नीति में यातायात नियमों को लेकर किये गये भारी जुर्माने पर रोष जताते हुए प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल से जुड़े व्यापारियों ने विद्युत दरों में वृद्धि और नई परिवहन नीति के खिलाफ कलैक्ट्रेट पहुंचकर डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन डीएम सेल्वा कुमारी जे. को सौंपा।
इसमें कहा गया कि उत्तर प्रदेश में घरेलू, औद्योगिक एवं कृषि विद्युत उपभोक्ताओं पर बिजली की दरों में भारी वृ( प्रस्तावित है, जिसे अगले कुछ दिनों में लागू कर दिया जायेगा। उत्तर प्रदेश में पहले से ही पडौसी अन्य प्रदेशों की अपेक्षा बिजली की दरें अत्याधिक हैं, जिसके कारण प्रदेश का औद्योगिक विकास बहुत पिछड़ गया है तथा यहां से फैक्ट्रियां अन्य प्रदेशों में पलायन कर रही है, जहां पर बिजली के रेट कम हैं।
इसी कारण बेरोजगारी भी बढ़ रही है। कामर्शियल बिजली दर भी इतनी ज्यादा है कि छोटे दुकानदार भी उसको सहन नहीं कर पा रहे हैं। व्यापारिक मंदी होने से भी समस्या बढ़ी है। व्यापारियों ने कहा कि वर्तमान में बिजली की चोरी बहुत कम है तथा ग्रामीण क्षेत्रों एवं किसानों के टयूबवैलों पर भी मीटर लग गये हैं, ऐसे में बिजली की दरें बढ़ाने का औचित्य नहीं है। व्यापारियों ने सरकार से यह फैसला वापस लेने और राज्य में पडौसी प्रदेशों की भांति ही विद्युत दरें लागू करने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से संजय मित्तल, महेश चौहान, राजेन्द्र काटी, राजेन्द सिंघल, जयपाल शर्मा, नीरजबंसल, अनुराग सिंघल, प्रमोद तयागी, सचिन अग्रवाल, गौरव जैन, अंशुमान अग्रवाल, अनिल तायल, उज्जवल, राजीव कुमार, सुरेश बिन्दल, कस्तूरी लाल बोहरा,राजेशगोयल, श्याम बेडिया, संदीप कुमार, दिनेश बंसल, मुदित जैन, सुभाष मित्तल आदि मौजूद रहे।
