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Muzaffarnagar में 1017 जोड़ों का भव्य सामूहिक विवाह: एकता और समरसता की मिसाल

मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना” के अंतर्गत मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में एक भव्य विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 1017 जोड़े शादी के पवित्र बंधन में बंधे। यह समारोह जिले का अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक विवाह आयोजन बना।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार एवं राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, विधायक मिथलेश पाल, नगर पालिका चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

सरकारी योजना के तहत हिंदू और मुस्लिम जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। जहां एक ओर विद्वान पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी करवाई, वहीं दूसरी ओर मौलवियों ने निकाह पढ़वाया। इस पहल से दोनों समुदायों के बीच सौहार्द और एकता का संदेश दिया गया।


सरकारी मदद से भव्य आयोजन: नवविवाहितों को मिले उपहार

सरकार की ओर से नवविवाहित जोड़ों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता के साथ-साथ गृहस्थी का सामान भी दिया गया। इस योजना का उद्देश्य गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को शादी के खर्च से राहत देना है।

समारोह में नवदम्पत्तियों को अलमारी, डबल बेड, गैस चूल्हा, बर्तन सेट, साड़ी, सूट, गहने, घड़ी और अन्य जरूरी सामान भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम में शामिल मंत्रीगण एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने नवविवाहितों को सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।


आध्यात्मिक माहौल में गूंजी शहनाई, गवाह बना पूरा शहर

मेरठ रोड स्थित नुमाइश ग्राउंड का माहौल किसी बड़े विवाह महाकुंभ से कम नहीं था। चारों तरफ फूलों की सजावट, शहनाई की मधुर ध्वनि और शादी की रौनक माहौल को भव्य बना रही थी।

  • हिंदू रीति-रिवाजों के तहत अग्नि के सात फेरे लिए गए, और पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार किया गया।
  • मुस्लिम जोड़ों के लिए मौलवियों ने निकाह पढ़वाया, और शादी को इस्लामी मान्यताओं के अनुसार संपन्न कराया गया।
  • विवाह के बाद नवविवाहितों को विशेष भोज में शामिल किया गया, जिसमें हलवा-पूरी, चावल, सब्जी और मिठाई परोसी गई।

इस सामूहिक विवाह में शामिल हुए जोड़ों और उनके परिवारों की खुशी देखते ही बन रही थी। बहुत से माता-पिता ने इस योजना को “गरीबों के लिए वरदान” बताया।


सरकारी योजना ने पूरे प्रदेश में लहराया परचम

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब परिवारों के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में इस योजना के तहत लाखों जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है।

  • योजना के तहत SC/ST, OBC, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अल्पसंख्यकों को शामिल किया जाता है।
  • सरकार द्वारा प्रत्येक जोड़े को 51,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
  • इस योजना से लाखों गरीब परिवारों को सामाजिक और आर्थिक संबल मिला है।

मंत्री अनिल कुमार ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस योजना के लिए धन्यवाद देते हुए कहा,
“यह योजना गरीब बेटियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे न केवल उनका विवाह संपन्न हो रहा है, बल्कि उन्हें गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए जरूरी सुविधाएं भी मिल रही हैं।”


प्रशासन की शानदार व्यवस्था, हर वर्ग ने की सराहना

सामूहिक विवाह आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने बेहतरीन व्यवस्था की थी। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, सीडीओ संदीप भागिया, एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत, सीओ सिटी राजकुमार साहू, एसडीएम निकिता शर्मा सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पूरे समय व्यवस्था संभालने में जुटी रही।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे—
CCTV कैमरों से निगरानी
महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती
मेडिकल टीम की व्यवस्था
फ्री हेल्प डेस्क और सहायता केंद्र

इस आयोजन को लेकर शहर के नागरिकों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हजारों लोगों ने इस अनोखी शादी के साक्षी बनकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।


बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को मिलेगा बल

इस योजना के जरिए “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को भी मजबूती मिल रही है। अब गरीब परिवारों को बेटियों की शादी की चिंता नहीं सताती, जिससे वे उनकी पढ़ाई-लिखाई पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।

राज्य सरकार के अनुसार,
“अगले वर्ष मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत और भी बड़े स्तर पर शादियों का आयोजन किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब बेटी बिना शादी के न रहे।”


जनता ने कहा – गरीबों के लिए मसीहा है यह योजना

कार्यक्रम में शामिल होने आए ग्रामीणों और शहरी लोगों ने इस योजना की जमकर सराहना की। शादी करने आए कई नवविवाहित जोड़ों और उनके परिवारों ने कहा कि अगर यह योजना नहीं होती, तो उनकी शादी कराना बहुत मुश्किल होता।

👉 फरीद नाम के युवक ने कहा: “हम गरीब आदमी हैं, शादी का खर्च उठाना बहुत मुश्किल था, लेकिन इस योजना ने हमारी जिंदगी संवार दी।”
👉 गुड़िया नाम की दुल्हन ने कहा: “हमारे माता-पिता इतने गरीब हैं कि शादी का खर्च नहीं उठा सकते थे। सरकार का धन्यवाद जो हमें इतनी भव्य शादी का मौका मिला।”


मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने रचा इतिहास

मुजफ्फरनगर का यह सामूहिक विवाह समारोह गरीबों के लिए उम्मीद की किरण बन गया। इस आयोजन ने सामाजिक एकता, धार्मिक सौहार्द और सरकारी प्रयासों की सफलता को दर्शाया।

प्रदेश सरकार की यह योजना भविष्य में भी कई जरूरतमंद परिवारों की सहायता करेगी और गरीब बेटियों के लिए सुखद दांपत्य जीवन की राह आसान बनाएगी।

 

News-Desk

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