Muzaffarnagar में शनि जयंती महोत्सव की भव्य तैयारी शुरू: 27 मई को होगा विशाल सुंदरकांड, महाआरती और भंडारा
News-Desk
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Muzaffarnagar, Shani Dev Abhishek, Shani Dev Bhandara, Shani Dev Puja, Shani Dham Temple, Shani Jayanti Celebration 2025, Shani Jayanti Muzaffarnagar, Sundarkand Muzaffarnagarउत्तर प्रदेश के Muzaffarnagar जिले में स्थित प्रसिद्ध सिद्ध पीठ श्री शनि धाम मंदिर एक बार फिर अपने ऐतिहासिक धार्मिक आयोजनों के लिए सुर्खियों में है। इस वर्ष 27 मई 2025, मंगलवार को यहां भगवान शनि देव की जयंती बेहद भव्य और धार्मिक वातावरण में मनाई जाएगी। यह आयोजन क्षेत्रीय और आसपास के श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष आकर्षण बन चुका है।
शनि धाम मंदिर में हुई बैठक, कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार
चरथावल मोड़ पर स्थित श्री शनि धाम मंदिर की प्रबंध समिति की एक आवश्यक बैठक संपन्न हुई, जिसमें शनि जयंती महोत्सव को सफल बनाने के लिए विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता ललित मोहन शर्मा ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष शरद कपूर ने किया। बैठक में प्रमुख रूप से लक्ष्मी नारायण, मुकेश चौहान, सिद्ध पीठ वाले गुरु जी पंडित संजय कुमार, पंडित संतोष मिश्रा, नरेंद्र पवार सहित कई श्रद्धालु और समिति सदस्य उपस्थित रहे।
सुबह होगी सुंदरकांड का पाठ, 31 यजमान करेंगे शनि देव का अभिषेक
प्रबंध समिति ने बताया कि आयोजन की शुरुआत सुबह 8 बजे सुंदरकांड महायज्ञ से होगी, जिसका पाठ पूरे धार्मिक विधि-विधान से किया जाएगा। सुबह 9:30 बजे 31 यजमानों द्वारा भगवान शनि देव का अभिषेक किया जाएगा। इस विशेष अभिषेक में नील, दूध, दही, घी, शहद, और जल का उपयोग कर विधिवत पूजन किया जाएगा।
महाआरती और 56 भोग से सजेंगे शनि देव
अभिषेक के पश्चात विशाल महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें सैकड़ों भक्त हिस्सा लेंगे। इसके बाद भगवान शनि देव को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे, जिसमें मिठाइयां, फल, खीर, पकवान, और विशेष व्यंजन शामिल होंगे। यह पूरा आयोजन न सिर्फ धार्मिक, बल्कि भावनात्मक रूप से भी श्रद्धालुओं को जोड़ता है।
विशाल भंडारे की भी व्यवस्था
पूरे आयोजन के समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूरदराज़ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी भोजन की उत्तम व्यवस्था की जाएगी। हर साल की तरह इस बार भी हजारों की संख्या में भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।
ज्योतिष गणना से तय हुई तिथि, 27 मई को ही मान्य
शरद कपूर ने स्पष्ट किया कि यद्यपि बट अमावस्या सोमवार को दोपहर 12 बजे के बाद आ रही है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र और अनुभवी विद्वानों के अनुसार वही तिथि मान्य होती है जो सूर्योदय के समय होती है। इसी आधार पर 27 मई को शनि जयंती और बड़ मावस एक साथ मनाई जाएगी।
स्थानीय समाज और युवाओं में भारी उत्साह
इस आयोजन को लेकर न केवल वरिष्ठ नागरिक बल्कि स्थानीय युवा वर्ग और महिलाओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर की सजावट, ध्वनि व्यवस्था, भोजन प्रबंधन और स्वागत की तैयारियों में दर्जनों लोग दिन-रात जुटे हुए हैं। स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय व्यापारी भी आयोजन में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था चाकचौबंद
जैसा कि इस तरह के आयोजनों में भारी भीड़ उमड़ती है, स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग भी अपनी तरफ से आवश्यक तैयारी में जुट चुका है। चरथावल मोड़ पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण, और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल कैंप की भी तैयारी की जा रही है।
शनि जयंती 2025: धार्मिकता और संस्कृति का अद्वितीय संगम
शनि जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक मिलन है, जहाँ भक्ति, समर्पण और भारतीय परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिलती है। सिद्ध पीठ श्री शनि धाम मंदिर, मुजफ्फरनगर में यह आयोजन हर वर्ष भक्ति की नई ऊँचाइयों को छूता है। इस वर्ष की तैयारियों और आयोजन की भव्यता ने पहले से ही लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है।

