Health Care: कौन कहता है Electro-homeopathy में मुंहासे का इलाज नहीं है?
Health Care: किशोरावस्था के आगमन से लेकर युवावस्था तक प्रायः लड़के-लड़कियों के चेहरे पर मुँहासे (Acne Vulgaris) निकलते हैं। एक तरफ जहां किशोर-किशोरियों के लिए यह जिज्ञासा का विषय है तो दूसरी तरफ अनेकों भ्रांतियाँ भी पैदा करती है। बाजार में इसके निराकरण हेतु कई प्रसाधन उपलब्ध हैं, परन्तु क्षणिक । मैं इसके जरिए संक्षिप्त, सटीक एवं विज्ञानसम्मत तथा इसकी Homeopathy में आसान उपचार की व्यवस्था सुझाने का प्रयास कर रहा हूँ ।
मुँहासे त्वचा के उन भागों में हो सकते हैं जहाँ बाल होते हैं तथा ऑक्सीजन की कमी होती है । ये मुख्य रूप से चेहरे, कंधों, पीठ एवं कमर पर पाए जाते हैं । विशेष स्थिति में गर्दन, बाँहों तथा कूल्हों पर भी पाए जा सकते हैं।
मुँहासों की पहचान निम्न स्थिति को देखकर किए
जा सकते हैं।
1. त्वचा का तैलीय होना (Seborrhoea)
2. त्वचा पर पीपदार दाने (Pustules)
3. कील (Comedone)
मुँहासों के प्रकार :-
1. सामान्य मुँहासे (Moderate Acne)- यह कष्टदायक एवं लम्बे समय तक रहने पर भी निशान नहीं छोड़ते। यह प्रायः किशोरावस्था के समाप्त होते ही स्वयं खत्म हो जाते है ।
2. मामूली मुँहासे ( Mild Acne) – यह बिना शोथ के मुँहासे होते हैं। यह कुछ सप्ताह के भीतर स्वयं नष्ट हो जाते हैं।
3. उग्र मुँहासे (Severe Acne) कई पीपदार एवं शोथ युक्त फुंसियाँ, इसके निशान काफी गहरे होते हैं । किशोरियों की तुलना में किशोरों पर अधिक पाए जाते हैं।
4. अति उग्र मुँहासे (Very severe Acne) –इसका असर शरीर के ऊपरी हिस्से पर अधिक होता है। इसका प्रभाव बड़ा ही उग्र होता है। इसकी चिकित्सा लम्बे समय तक होती है।
विशेष प्रकार के मुँहासे :-
1. व्यावसायिक मुँहासे (Occupational Acne) – कीटाणु नाशक दवाइयों के निर्माण, तारकोल, डी. डी. टी. इत्यादि से संबंधित कार्य से इस प्रकार के मुँहासे उत्पन्न होते हैं।
2. औषधजनित मुँहासे (Drug Induced Acne)- ब्रोमाइड, आयोडाइड, हार्मोन तथा स्टिरायड इत्यादि औषधियों के प्रयोग से अचानक शोथ युक्त फुंसियों के रूप में मुँहासे निकलते हैं।
3. उष्ण कटिबंधीय मुँहासे (Tropical Ance) – जो लोग ठंडे देशों से अचानक उष्ण कटिबंध वाले देशों में आते हैं, उन्हें प्रायः इस प्रकार के मुँहासे होते हैं।
4. प्रसाधनिक मुँहासे (Cosmetic Induced Acne) प्रायः प्रसाधन सामग्रियाँ रोमकूपों को ढँक लेती है जिससे मुँहासे उत्पन्न हो सकते हैं।
5. साबुन जनित मुँहासे (Soap Induced Ance) – वैसा साबुन जिसमें विशेष तेलअम्ल (fatty Acids) मिश्रित होते हैं जिसके प्रयोग से मुँहासे निकलते हैं।
वैज्ञानिक कारण :-
Androgenic Hormone तेल ग्रन्थियों (Sebaceous Glands) के स्रावों को नियंत्रित करता है। Androgenic Hormone यह स्त्री-पुरूष दोनों में होता है, परन्तु पुरूषों में यह स्त्रियों की तुलना में 5 गुणा अधिक होता है। बच्चों में Androgen का स्तर कम होता है, किन्तु किशोरावस्था में इसका स्तर बढ़ने लगता है, इसके फलस्वरूप तैल ग्रंथियों का स्राव बढ़ जाता है ।
इस तरल को sebum कहते हैं, क्योंकि इसका स्राव Sebaceous Gland से होता है। इस वसीय मिश्रण में ट्राईग्लिसरायड मुख्य रूप से पाए जाते हैं। त्वचा की ऊपरी सतह पर ऑक्सीजन की कमी वाले क्षेत्रों में कार्नि-बैक्टीरियम एक्ने तथा स्टेफाइलोकोक्स एपीडर्मिडिस जैसे जीवाणु विशेष एन्जाइमों का स्राव करते हैं, जिससे तेल में व्याप्त स्वतंत्र तेल अम्ल (Fatty Acids) की मात्रा बढ़ जाती है, यही मुँहासों की उत्पत्ति का कारण बनता है।
इलेक्ट्रोहोम्योपैथिक (Electro-Homeopathy) चिकित्सा :-
1. MIX : S, /111 + C / 111 + A / 111 + A. P. P. 10 drops twice daily.
2. Lotion : RE+GE+A.P.P. +C,+S, Paint twice daily. दवाओं का पूरा नाम :-
S- Scrofoloso
C-Canceroso
A-Angiotico
RE- Red Electricity
GE- Green Electricity A.P.P.- Aga Perla Pelle


वैज्ञानिक