गर्मी ने किया जीना दुश्वार
मुजफ्फरनगर। जून का माह जैसे जैसे बढ रहा है वैसे वैसे गर्मी भी सितम ढहाने लगी है। गर्मी ने फिर अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए है। भीषण गर्मी ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए। खेतों पर काम करने वाले किसान-मजदूर काम को छोड़ छाया का सहारा लेते नजर आए।
मई माह के अंतिम सप्ताह में तापमान ४२ डिग्री सेल्सियस को भी पार गया था।
इसके बाद अचानक मौसम ने करवट बदल दी थी। कई दिन तक आंधी-बारिश व बादलों की आवाजाही के साथ तापमान में गिरावट आ गई थी। तापमान सामान्य से भी नीचे आ गया था। अब पिछले दो दिन से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हो रही थी।
बुधवार को भीषण गर्मी पड़ी। लोग पसीना-पसीना हो गए। पारा ४० डिग्री सेल्सियस के निकट पहुंचने लगा। गर्मी के चलते दोपहर में सड़कों पर अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ कम रही। गर्मी में पंखे, कूलर व एसी भी ठीक तरह से काम नहीं कर पा रहे थे।
खेतों में काम करने वाले किसान-मजदूर काम छोड़कर या तो अपने घरों को लौट आए या फिर पेड़ों के नीचे छाया का सहारा लेते नजर आए। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहरी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति भी बाधित हो रही है।
लेकिन पिछले चार पांच दिनों से गर्मी दिन प्रतिदिन अपने तेवर दिखा रही है हालात यह हो चुके है कि लोग अपने जरूरी कामकाजों के लिए भी बचाव के साथ निकल रहे है साथ ही कोशिश सुबह व शाम को ही घर से निकलने की कर रहे है।
लगातार दस दिन पारा काफी नीचे आ जाने के बाद एक बार फिर गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू किर दिए हैं। जून के पहले सप्ताह में अचानक मौसम के बदलने और बरसात होने से पारा यहां अधिकतम तीस और न्यूनतम १५ के आस पास चला गया था।
इससे गर्मी से लोगों को अचानक निजात मिल गई थी। दो दिन से एक बार फिर गर्मी ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। हालात यह हो चुके है कि गर्मी के कारण दोपहर में निकलना भी दुर्भर हो रहा है
जरूरी कामकाज वाले व्यक्ति ही भंयकर गर्मी अपने घर से जरूरी कामकाजों के लिए निकल रहे है नहीं तो सुबह व शाम में अधिक निकलना काम के लिए पसंद कर रहा है आम नागरिक।
