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Imran Khan की सरकार गिराने में अमेरिका और पाक सेना की भूमिका? नई रिपोर्ट ने मचाया भूचाल

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की सरकार गिरने को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म “ड्रॉप साइट न्यूज” की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इमरान खान की सरकार केवल अविश्वास प्रस्ताव के जरिए नहीं गिरी थी, बल्कि इसके पीछे अमेरिका और पाकिस्तान की सेना की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

रिपोर्ट सामने आने के बाद पाकिस्तान की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इमरान खान की पार्टी PTI ने इसे अपने पुराने आरोपों की पुष्टि बताया है, जबकि राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर “साइफर केस” चर्चा के केंद्र में आ गया है।


रूस यात्रा बनी विवाद की बड़ी वजह

रिपोर्ट के मुताबिक पूरा घटनाक्रम फरवरी 2022 में शुरू हुआ, जब Imran Khan रूस दौरे पर गए थे।

24 फरवरी 2022 को उन्होंने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात की। यही वह दिन था जब रूस ने यूक्रेन पर सैन्य हमला शुरू किया था।

अमेरिका इस यात्रा से बेहद नाराज बताया गया। वॉशिंगटन चाहता था कि पाकिस्तान खुलकर रूस की आलोचना करे, लेकिन इमरान सरकार ने तटस्थ रुख अपनाया।

विशेषज्ञों का मानना है कि उस समय पाकिस्तान की विदेश नीति अमेरिका और पश्चिमी देशों की अपेक्षाओं से अलग दिशा में जाती दिखाई दे रही थी।


वॉशिंगटन में हुई अहम बातचीत का दावा

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 7 मार्च 2022 को वॉशिंगटन में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत असद मजीद खान और अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री Donald Lu के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई थी।

बताया गया कि यह मुलाकात एक होटल में लंच के दौरान हुई, जहां डोनाल्ड लू ने इमरान खान को सत्ता से हटाने का दबाव बनाया।

रिपोर्ट के अनुसार डोनाल्ड लू ने कहा था कि अगर इमरान खान अविश्वास प्रस्ताव में हट जाते हैं तो अमेरिका “सब माफ” कर देगा।

यह भी दावा किया गया कि अमेरिका और यूरोप पाकिस्तान के रूस समर्थक या तटस्थ रुख से खुश नहीं थे।


33 दिन बाद गिर गई इमरान सरकार

इस बातचीत के महज 33 दिन बाद यानी 9 अप्रैल 2022 को पाकिस्तान की संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए इमरान खान की सरकार गिर गई।

इसके अगले ही दिन Shehbaz Sharif पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री बने।

इमरान खान ने उस समय भी आरोप लगाया था कि उनकी सरकार विदेशी साजिश के तहत गिराई गई है। हालांकि उस दौरान विपक्ष और पाकिस्तान की सेना ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।


‘साइफर केस’ फिर चर्चा में

इमरान खान ने मार्च 2022 में एक रैली के दौरान एक कागज लहराते हुए दावा किया था कि विदेशी ताकतें उनकी सरकार गिराने की साजिश रच रही हैं।

बाद में यही मामला “साइफर केस” के नाम से चर्चित हुआ।

अब नई रिपोर्ट सामने आने के बाद PTI नेताओं ने कहा है कि इमरान खान सही थे और साइफर वास्तविक था।

PTI महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा कि अब यह साबित हो चुका है कि इमरान के खिलाफ विदेशी साजिश रची गई थी।


इमरान के बाद पाकिस्तान की राजनीति कैसे बदली

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इमरान खान के सत्ता से हटने के बाद पाकिस्तान की राजनीति में तेजी से बड़े बदलाव हुए।

शहबाज शरीफ बने प्रधानमंत्री

इमरान सरकार गिरने के बाद शहबाज शरीफ ने सत्ता संभाली और पाकिस्तान की विदेश नीति में बदलाव दिखाई देने लगा।

आसिम मुनीर बने सेना प्रमुख

नवंबर 2022 में Asim Munir पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख बने। इमरान खान ने आरोप लगाया था कि यह नियुक्ति राजनीतिक समझौते के तहत हुई।

इमरान की गिरफ्तारी

9 मई 2023 को इमरान खान को भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद पूरे पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे।

PTI पर बढ़ा दबाव

2024 के चुनाव से पहले PTI का चुनाव चिन्ह “बैट” छीन लिया गया, जिसके चलते पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ा।


अमेरिका-पाकिस्तान रिश्तों में बढ़ी नजदीकी

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इमरान खान के सत्ता से हटने के बाद अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में तेजी से सुधार आया।

दोनों देशों के बीच रक्षा, कारोबार और रणनीतिक समझौतों में बढ़ोतरी हुई। पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाया और कई बड़े आर्थिक समझौते किए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी पाकिस्तान की नई नेतृत्व व्यवस्था की सार्वजनिक रूप से तारीफ की।


आसिम मुनीर की बढ़ती ताकत पर चर्चा

रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में संवैधानिक बदलावों के बाद Asim Munir की ताकत और बढ़ी।

बताया गया कि उन्हें फील्ड मार्शल और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज जैसे अतिरिक्त अधिकार दिए गए, जिससे पाकिस्तान की रक्षा और परमाणु कमान पर उनकी पकड़ मजबूत हुई।

विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान की राजनीति में सेना की भूमिका हमेशा प्रभावशाली रही है और यह घटनाक्रम उसी परंपरा का हिस्सा माना जा रहा है।


इमरान खान अब भी जेल में

Imran Khan अगस्त 2023 से जेल में हैं और उनके खिलाफ अब तक 188 से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

अल-कादिर ट्रस्ट केस में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई थी। वहीं साइफर केस में भी उन्हें और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को सजा दी गई थी, हालांकि बाद में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने उसे रद्द कर दिया।

इसके बावजूद इमरान खान की लोकप्रियता पाकिस्तान में अब भी काफी मजबूत मानी जा रही है।


पाकिस्तान की राजनीति में फिर तेज हुआ सत्ता संघर्ष

नई रिपोर्ट सामने आने के बाद पाकिस्तान में एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिपोर्ट पाकिस्तान में सेना, राजनीति और विदेशी प्रभाव को लेकर लंबे समय से चल रही बहस को और तेज कर सकती है।

कई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर इन दावों की पुष्टि होती है तो यह पाकिस्तान के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे विवादित अध्यायों में शामिल हो सकता है।


इमरान खान की सरकार गिरने को लेकर सामने आई नई रिपोर्ट ने पाकिस्तान की राजनीति में फिर बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। अमेरिका, पाकिस्तान सेना और सत्ता परिवर्तन को लेकर उठ रहे सवालों ने पुराने विवादों को दोबारा जीवित कर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि इन दावों पर पाकिस्तान की सत्ता, सेना और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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