वैश्विक

सुरक्षा परिषद (security Council) में भारत की स्थायी सदस्य के रूप में जरूरत: TS Tirumurti

UN में भारत के दूत TS Tirumurti ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (security Council) के अस्थायी सदस्य के रूप में भारत का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि दुनिया को प्रमुख मंच पर भारत की स्थायी सदस्य के रूप में जरूरत है. विश्व निकाय में भारत के स्थायी प्रतिनिधि TS Tirumurti ने एक वीडियो में कहा कि भारत ने निर्वाचित सदस्य के रूप में आठवीं बार सुरक्षा परिषद में अपना स्थान ग्रहण किया है और सुरक्षा परिषद (security Council) में अब तक हमारी उपस्थिति की सबसे मुख्य उपलब्धि अगस्त में हमारी अध्यक्षता रही है.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने एक विशेष वीडियो पोस्ट किया जिसमें भारत द्वारा सुरक्षा परिषद में अपनी कई उपलब्धियों के बारे में दुनिया को बताया गया है. वीडियो में भारत द्वारा 2021 में सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में भारत की यात्रा की उपलब्धि के बारे में जानकारी मिलती है.

जिसमें अगस्त में 15 देशों की सदस्यता वाली परिषद की अध्यक्षता, आतंकवाद, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, अफगानिस्तान, म्यांमार, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और जलवायु कार्रवाई जैसे मुद्दों से संबंधित ब्योरा शामिल है.

 

https://twitter.com/IndiaUNNewYork/status/1476359120911572998?ref_src=twsrc%5Etfw

TS Tirumurti ने कहा कि हमारा प्रदर्शन फिर से संकेत देता है कि दुनिया को प्रमुख मंच पर स्थायी सदस्य के रूप में भारत की जरूरत है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को वीटो पावर के साथ स्थायी सदस्यता दिए जाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है. 

इसी वर्ष भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस की अध्यक्षता करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बने. उन्होंने नौ अगस्त को समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग विषय पर उच्चस्तरीय सत्र की अध्यक्षता की थी.

यह अगस्त में परिषद की भारत द्वारा अध्यक्षता किए जाने के दौरान उस समय हुआ जब अफगानिस्तान में स्थिति तेजी से बिगड़ी और सुरक्षा परिषद को इस मुद्दे पर बिना किसी देरी के कार्रवाई करने की आवश्यकता थी. TS Tirumurti ने कहा कि अफगानिस्तान पर प्रस्ताव 2593 को भारत की अध्यक्षता में अपनाया गया था. 

जो यह कहता है कि अफगानिस्तान की धरती का अन्य देशों के खिलाफ आतंकवाद के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए और काबुल में अधिकारी सभी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, जिनमें 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा नामित लोग भी शामिल हैं. गौरतलब है कि भारत ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को सुरक्षा परिषद में लाने के कुछ देशों के प्रयास का भी कड़ा विरोध किया था.

TS Tirumurti ने इस महीने की शुरुआत में परिषद की बैठक में कहा था कि जलवायु कार्रवाई और जलवायु न्याय के मामले में भारत किसी से पीछे नहीं है लेकिन सुरक्षा परिषद हर मुद्दे पर चर्चा करने की जगह नहीं है. उन्होंने कहा था कि वास्तव में ऐसा करने का प्रयास उचित मंच पर जिम्मेदारी से बचने की इच्छा से प्रेरित प्रतीत होता है.

TS Tirumurti ने वीडियो में कहा कि भारत हमेशा लोकतंत्र का समर्थन करता रहा है, चाहे यह म्यांमार में हो या अफ्रीका में और विकासशील दुनिया को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर, भारत उनके हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत आवाज रहा है. 

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