वैश्विक

भारत ने मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण दस्तावेज के साथ एक निजी विमान को डोमिनिका भेजा

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से संबंधित घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को भारत लाने के प्रयास तेज हो चले हैं।डोमिनिका की पुलिस हिरासत में बंद भगोड़े हीरा कारोबारी को लेकर भारत की ओर से साफ कहा गया है कि उसे भारत को सौंप दिया जाए।समाचार एजेंसी ‘ANI’ के अनुसार, इस मसले पर कई एजेंसियां डोमिनिका की सरकार के संपर्क में हैं। वे इस दौरान यह भी बता चुकी हैं कि चोकसी मूल रूप से भारतीय है। भारत के कानून से बचकर भागने के लिए उसने नई नागरिकता ली थी।

एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक, भारत की तरफ से विभिन्न चैनलों (जरियों) और राजनयिक रास्ते के जरिए डोमिनिका से कहा था कि चोकसी के साथ भारत के भगोड़े नागरिक के तौर पर सलूक किया जाना चाहिए, जिसके खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुकी है।

उसे वहां से निकालने (भारत लाने) के लिए भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया जाना चाहिए, ताकि हिंदुस्तान की जो मोटी रकम उसने लूटी है, उसके लिए उसे भारतीय कानून का सामना करना पड़े।

यहां तक कि पड़ोसी एंटीगुआ ने भी डोमिनिका से गुजारिश की है कि वह चोकसी को सीधे भारत के हवाले कर दे। हालांकि, डोमिनिका ने इस पर फिलहाल कोई आश्वासन नहीं दिया। दो दिन पहले उसने बयान दिया था कि चोकसी को एंटीगुआ को सौंप दिया जाएगा।

वहीं, भारत ने बैंक से कर्ज धोखाधड़ी के मामले में वांछित भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण दस्तावेज के साथ एक निजी विमान को डोमिनिका भेजा है। एंटीगुआ और बारबुडा के प्रधानमंत्री गेस्टन ब्राउन ने अपने देश में एक रेडियो शो में इस बारे में बताया। वैसे, भारतीय प्राधिकारों ने इस बारे में हालांकि आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।

‘एंटीगुआ न्यूज रूम’ के मुताबिक कतर एयरवेज का एक निजी विमान डोमिनिका में डगलस-चार्ल्स हवाई अड्डे पर उतरा। जिसके बाद चोकसी के प्रत्यर्पण को लेकर अटकलें लगने लगी हैं। एंटीगुआ और बारबुडा से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुए चोकसी को पड़ोस के डोमिनिका में पकड़ा गया। ब्राउन ने रेडिशा शो में बताया कि चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए जरूरी दस्तावेज लेकर विमान भारत से आया है। कतर की एक्जीक्यूटिव उड़ान ए7सीईई के सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस विमान ने 28 मई को तड़के तीन बजकर 44 मिनट पर दिल्ली हवाई अड्डे से उड़ान भरी और उसी दिन स्थानीय समयानुसार दिन में एक बजकर 16 मिनट पर डोमिनिका पहुंचा।

 

चूंकि, एंटीगुआ में चोकसी को भरपूर लीगल प्रोटेक्शन (कानूनी सुरक्षा) मिलती है, इसलिए उसे वहां से वापस वतन लाने में भारत को अधिक समय और पेंचीदगियों का सामना करना पड़ सकता है। वैसे, एंटीगुआ के पीएम ने एएनआई से कहा था कि वह चोकसी को वहां घुसने नहीं देंगे, जहां से वह भागकर कथित तौर पर अवैध तरीके से डोमिनिका में जा घुसा और उसी वक्त पकड़ा गया।

उधर, चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने गुरुवार को दावा किया था कि चोकसी के शरीर पर किए गए टॉर्चर के निशान देखे गए। एएनआई से अग्रवाल ने कहा- मुझे बताया गया है कि उनके शरीर पर जुल्म के निशान हैं। अब हम डोमिनिका में कानूनी तौर पर अपनी जान झोंक रहे हैं, ताकि उन्हें वापस एंटीगुआ लाया जा सके।

वकील ने आगे यह भी आरोप लगाया, चोकसी को एंटीगुआ से जबरन उठाया गया और फिर वहां से डोमिनिका ले जाया गया। जॉली हार्बर से उन्हें कुछ लोगों ने उठा लिया था, जो दूसरे देश ले गए। वह वहां रविवार को था, जबकि सोमवार को पुलिस थाने ले जाया गया।

इससे पहले, चोकसी जब गायब हो गया था, तब उसे खोजने के लिए बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चल रहे थे और दबिश दी जा रही थीं। एंटीगुआ और बारबुडा ने इंटरपोल यलो नोटिस भी जारी कर दिया था। हालांकि, वह बाद में ट्रेस कर डोमिनिका में पकड़ लिया गया।

चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक से 13,500 करोड़ रुपये की धनराशि का कथित तौर पर गबन किया। नीरव मोदी लंदन की एक जेल में बंद है और वह भारत प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ मुकदमा लड़ रहा है।

चोकसी ने 2017 में एंटीगुआ एंड बारबुडा की नागरिकता ली थी और जनवरी 2018 के पहले हफ्ते में भारत से भाग गया था। इसके बाद ही यह घोटाला सामने आया था। दोनों ही सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं.

 

News Desk

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