फर्जी वारंट पर बेकसूर पिता-पुत्र को भेजा जेल, मामला खुला तो मची खलबली, फिर किया रिहा
मुजफ्फरनगर। पुलिस ने बेकसूर पिता पुत्र को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। जांच में वारंट फर्जी निकलने पर खलबली मच गई।
मुजफ्फरनगर में पॉक्सो एक्ट अदालत के नाम से पिता पुत्र के खिलाफ फर्जी गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी कर दिया गया।
पुलिस ने भी बेकसूर पिता पुत्र को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। जांच में वारंट फर्जी निकलने पर खलबली मच गई तो, पिता पुत्र को रिहा कराया गया।
मामला मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली का है। गत सात मार्च को बुढ़ाना रोड चौकी प्रभारी एसआई सुरेश कुमार ने टीम के साथ गांव पीनना निवासी नैनसिंह (62) और उनके पुत्र सचिन को गिरफ्तार किया।
परिजनों को बताया कि इनके खिलाफ न्यायालय स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट (एडीजे- 8) से एनबीडब्ल्यू जारी हुआ है। आठ मार्च को न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-दो में पेश करके पिता पुत्र को जेल भेज दिया।
वहीं 13 मार्च को दोनों के अधिवक्ता के प्रार्थनापत्र पर पॉक्सो कोर्ट के लिपिक से आख्या तलब की गई तो, पता चला कि इनके खिलाफ कोई वाद ही लंबित नहीं है। कोर्ट लिपिक ने वारंट जारी करने से भी इनकार किया।
जिला जज राजीव शर्मा को अवगत कराने के बाद जेल में बंद पिता-पुत्र को 14 मार्च (शनिवार) को रिहा कराया गया। जज आंचल राना ने सिविल लाइंस थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित अभिलेख बनाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि फर्जी वारंट जारी होना गंभीर मामला है। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
