Kanpur: दहेज के लिए महिला को प्रताड़ित करने के आरोप में पति समेत नौ पर एफआईआर दर्ज, ससुरालीजनों पर मामला दर्ज
Kanpur में एक गंभीर दहेज उत्पीड़न का मामला सामने आया है। कस्बा कुलपहाड़ के टोरियापुरा निवासी मीरा ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसके पति और ससुरालीजन शादी के बाद से उसे दहेज में रुपये और संपत्ति देने के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।
शिकायत के अनुसार, मीरा की शादी 30 अप्रैल 2021 को जनपद हमीरपुर के थाना मझगवां के जड़ाखर गांव निवासी सुनील कुमार से हुई थी। शादी के तुरंत बाद ही पति और परिवार के अन्य सदस्य दहेज की मांग करने लगे।
दहेज में दो लाख रुपये और बाइक की मांग
मीरा ने आरोप लगाया कि उसके पति सुनील कुमार, ननद पार्वती, ननदोई प्रमोद, ससुर मइयादीन, सास कुंवर, जेठ अनिल, जेठानी पूजा, छोटी ननद देववती और चचिया ससुर हरनाथ ने शादी के बाद से ही दहेज में दो लाख रुपये और एक बाइक की मांग शुरू कर दी थी।
मांग पूरी न होने पर उसे कथित रूप से प्रताड़ित किया गया और घर से बाहर निकाल दिया गया। पीड़ित महिला ने बताया कि इस दौरान उसके पिता कैंसर से ग्रसित थे, इसलिए वह मायके में रहकर अपने पिता की देखभाल करने लगी।
पति की दूसरी शादी और संतान का आरोप
मीरा ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति सुनील कुमार ने इस दौरान दूसरी शादी कर ली और दूसरी पत्नी से उसकी संतान भी है। यह कथित घटनाक्रम महिला के मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल रहा है।
पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर थाना महिला अधिकारी निकिता शुक्ला ने बताया कि सुनील कुमार और अन्य ससुरालीजनों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई
थानाध्यक्ष ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामला पुलिस जांच में है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि जांच में महिला के आरोपों की पुष्टि के लिए सभी साक्ष्यों और गवाहों का संकलन किया जा रहा है। वहीं महिला सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
दहेज प्रताड़ना और महिला सुरक्षा की चिंता
इस मामले ने एक बार फिर दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ प्रताड़ना के गंभीर मुद्दे को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत जरूरी है।
कानपुर जिले में महिला सुरक्षा के लिए लगातार उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन इस तरह के प्रकरण यह दिखाते हैं कि जागरूकता और प्रशासनिक तत्परता दोनों ही समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।










