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पारस ने पार्टी तोड़ने के बजाय चिराग पासवान को ही हटाने की रणनीति बनाई

लोजपा में हुई टूट के बाद बागी सांसदों ने पशुपति कुमार पारस को अपना नेता चुन लिया। चिराग पासवान ने अपने चाचा पशुपति कुमार पारस को मनाने की खूब कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी मां को भी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा लेकिन बागी सांसदों ने इससे इनकार कर दिया। अब कहा यह भी जा रहा है कि पारस तीन महीने भी बागी हो गए थे लेकिन चिराग ने अपने पिता रामविलास पासवान का हवाला देते हुए उन्हें मना लिया था और अपनी कुर्सी बचा ली थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पशुपति कुमार पारस तीन महीने पहले भी अपने बागी सांसदों के साथ चिराग पासवान को किनारे करने की तैयारी में जुटे थे। लेकिन चिराग ने अपने पिता रामविलास पासवान का हवाला देकर उन्हें मना लिया था और अपनी कुर्सी बचा ली थी।

चिराग ने अपने चाचा से कहा था कि पिताजी के नहीं रहने पर आप ही अभिभावक हैं, इसलिए आप जो कहेंगे वही मान्य होगा। जिसके बाद चाचा पशुपति कुमार पारस ने चिराग पासवान से उसके सबसे नजदीकी सौरभ पांडेय को पार्टी से निकालने को कहा था। लेकिन चिराग ने सौरभ को नहीं हटाया।

तभी से ही पशुपति पारस चिराग पासवान से नाराज चल रहे थे। लेकिन बीते दिनों से उठी केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं ने पशुपति पारस को चिराग पासवान को किनारे करने का मौका दे दिया।

पहले भाजपा के बड़े नेताओं से बातकर पशुपति पारस ने अपने को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल करने का भरोसा लिया। बाद में पशुपति कुमार पारस ने अपने बागी सांसदों को इसके लिए तैयार किया। पशुपति कुमार पारस ने पार्टी तोड़ने के बजाय चिराग पासवान को ही हटाने की रणनीति बनाई।

कहा यह भी जा रहा है कि कुछ महीने पहले चिराग पासवान के चाचा और हाजीपुर से सांसद पशुपति पारस ने नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की थी। नीतीश कुमार की तारीफ से गुस्साए चिराग ने अपने चाचा को ही पार्टी से निकालने की धमकी दे दी थी। जिससे पशुपति कुमार पारस भयंकर आहत हुए थे और उन्होंने चिराग से यहां तक कह दिया था कि तुम अब समझो कि तुम्हारा चाचा मर गया। इस घटना के बाद से ही पशुपति कुमार पारस और चिराग पासवान के बीच उपजी खाई गहरी होती रही।

 

रविवार को लोजपा के पांच सांसदों से पशुपति कुमार पारस को पार्टी की कमान सौंप दी। पशुपति कुमार पारस को राष्ट्रीय अध्यक्ष और संसदीय दल का नेता बनाया गया है। इसके अलावा महबूब अली कैसर को उपनेता चुना गया है। सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर उन्हें इस फैसले की जानकारी दी। जिसके बाद लोकसभा सचिवालय से पशुपति पारस को नेता चुने जाने की अधिसूचना भी जारी कर दी गई । मंगलवार को पशुपति कुमार पारस अपने सभी सांसदों के साथ पटना आएंगे और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।

 

News Desk

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