Iran-Israel War- इजरायल ने ईरान के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए
Iran-Israel War: इजरायल ने ईरान के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. दावा किया जा रहा है कि ईरान के परमाणु प्लांट पर भी इजरायल ने मिसाइलें दागी हैं. हालांकि, ईरान ने भी इजरायल के हमले का जवाब दिया है और कई प्रांतों में एंटी डिफेंस बैटरीज मिसाइलें दागी हैं.
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के मिसाइलों को नाकाम कर दिया है. वहीं, कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि इजरायल ने इस्फहान में परमाणु संयंत्रों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन से अटैक किया है.
ईरान ने 13 अप्रैल की आधी रात को इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए थे. ईरान ने इजरायल पर 300 से ज्यादा मिसाइलें दागी थीं, जिसे इजरायल ने अमेरिका और अन्य देशों की मदद से नाकाम कर दिया था. हालांकि, उसके बाद से ही यह आशंका जताई जा रही थी कि इजरायल जवाबी कार्रवाई जरूर करेगा.
یک مقام اسرائیلی روز جمعه به روزنامه «واشنگتن پست» گفت که حمله انجام شده در اصفهان به معنای ارسال پیامی به جمهوری اسلامی است که #اسرائیل می تواند به داخل ایران حمله کند.
این مقام اسرائیلی که واشنگتن پست به نام او اشاره نکرد گفت: #حمله_پهپادهای اسرائیلی به یک سایت نظامی در… pic.twitter.com/lcnVQ4l3ED
— LiveIranNews (@Iran_News_2023) April 19, 2024
कुछ समाचार एजेंसियों ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से खबर दिया है कि इजराइल ने मिसाइल से अटैक किया है. ईरान के शहर इस्फाहन के एयरपोर्ट के पास कई धमाकों की आवाज सुनने को मिली. हालांकि, इजराइल के द्वारा अभी तक ईरान पर हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है. ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइट रडार के मुताबिक, धमाकों के बाद ईरानी एयरस्पेस से कई फ्लाइट्स को डायवर्ट कर दिया गया है. अभी तक करीब 8 विमानों के रुट में परिवर्तन किया गया है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल के द्वारा जिस स्थान को मिसाइल से निशाना बनाया गया है, वहीं, ईरान का न्यूक्लियर साइट्स मौजूद है. इस्फहान और नाटान्ज ईरान के यूरेनियम प्रोग्राम का प्रमुख केंद्र रहा है. बता दें कि इससे पहले, 14 अप्रैल को ईरान ने इजराइल पर 300 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन्स से हमला किया था. ईरान के हमले के दौरान इजराइल के नेवातिम एयरबेस को टारगेट किया था.
हालांकि, इजराइली मीडिया के अनुसार, वहां कुछ खास नुकसान नहीं हुआ था. दावा किया जा रहा है कि इजराइल अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की मदद बनाये अपने डिफेंस सिस्टम से ईरान के हमले को रोकने में कामयाब रहा था. ईरान के हमले के बाद से इजराइल के हमले को लेकर कयास लगाये जा रहे थे क्योंकि जवाबी कार्रवाई से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्लानिंग के लिए वॉर कैबिनेट के साथ 5 बैठकें भी की थीं.
एक अमेरिकी अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमला किया है, जो तेजी से बढ़ते मध्य पूर्व संघर्ष में संभावित रूप से खतरनाक वृद्धि है जिसे ईरानी अधिकारी अब तक कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इज़राइल ने कोई टिप्पणी नहीं की है और ईरान ने हमले के स्रोत की पहचान नहीं की है। एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि हवाई सुरक्षा ने तीन ड्रोन रोके और मिसाइल हमले की कोई रिपोर्ट नहीं है।
ईरानी मीडिया ने बताया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े स्थल सुरक्षित थे, और उन क्षेत्रों में शांत दृश्यों के फुटेज प्रकाशित किए जहां विस्फोट की सूचना मिली थी। इटली के कैपरी में बोलते हुए, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि जी7 देश इज़राइल और ईरान के बीच तनाव को “कम करने के लिए प्रतिबद्ध” हैं।
इज़राइल ने कई दिनों तक ईरान के अभूतपूर्व सप्ताहांत हमलों पर अपनी प्रतिक्रिया पर विचार किया था, जिनमें से अधिकांश को रोक दिया गया था। ईरान ने यह हमला इस महीने की शुरुआत में सीरिया में अपने दूतावास परिसर पर संदिग्ध इजरायली हमले के जवाब में किया था।

