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ED बनाम Gems Tunes मालिक Rao Inderjeet Yadav: ‘माफिया नहीं, बिजनेसमैन हूं’—UAE से आए बयान ने मचाया सियासी-कारोबारी तूफान

Rao Inderjeet Yadav ED case इस समय हरियाणा से लेकर दिल्ली और दुबई तक चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री की चर्चित कंपनी Gems Tunes के मालिक और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए मशहूर राव इंद्रजीत यादव को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और खुद यादव के दावों के बीच टकराव लगातार तेज होता जा रहा है।

ईडी की सख्त कार्रवाई और मीडिया ब्रीफिंग के ठीक बाद अब राव इंद्रजीत यादव का संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से आया बयान सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और ज्यादा गरमा दिया है।


🔴 लग्जरी कारों से पहचान, लेकिन अब जांच एजेंसी के घेरे में

राव इंद्रजीत यादव को हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में एक सफल कारोबारी के रूप में जाना जाता है। महंगी लग्जरी कारें, हाई-एंड लाइफस्टाइल और सोशल मीडिया पर सक्रिय मौजूदगी उनकी पहचान रही है। हालांकि अब यही चमक-दमक ईडी की जांच का केंद्र बन गई है।

ईडी का दावा है कि यादव इस समय संयुक्त अरब अमीरात में रहकर अपने कथित नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं, जबकि भारत में उनके और उनके करीबियों के ठिकानों पर कार्रवाई की गई।


🔴 “ED को मेरे यहां से कुछ नहीं मिला” – राव इंद्रजीत यादव का पलटवार

UAE से जारी बयान में राव इंद्रजीत यादव ने साफ कहा कि उनके परिसरों से ईडी को कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। उनके अनुसार,
26 दिसंबर को गुरुग्राम स्थित M3M में उनके दो आवास, निरवाना कंट्री स्थित स्कूल परिसर और दिल्ली के लॉरेंस रोड पर Gems Tunes के कॉर्पोरेट ऑफिस पर ईडी ने तलाशी ली थी।

यादव का दावा है कि इस पूरी कार्रवाई में ईडी सिर्फ 2–3 कंप्यूटर सिस्टम जांच के लिए ले गई, लेकिन “100 रुपए तक की नकदी या कोई अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई”। उन्होंने सवाल उठाया कि फिर करोड़ों की नकदी और ज्वैलरी आखिर आई कहां से?


🔴 ED का दावा: करीबी के घर से 9 करोड़ ज्वैलरी, 5.12 करोड़ कैश

इसके उलट, ईडी ने 31 दिसंबर को मीडिया ब्रीफिंग में बड़ा दावा किया था। एजेंसी के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान राव इंद्रजीत यादव के करीबी अमन कुमार के दिल्ली स्थित सर्वप्रिया विहार आवास से—

  • करीब 9 करोड़ रुपए के हीरे-सोने के जेवर

  • 5.12 करोड़ रुपए नकद

  • और लगभग 35 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी व निवेश से जुड़े दस्तावेज

बरामद किए गए। ईडी का कहना है कि यह बरामदगी कथित अवैध फाइनेंसिंग और जबरन सेटलमेंट नेटवर्क से जुड़ी हुई है।


🔴 “7–8 महीने में माफिया कैसे बन गया?” – यादव का सवाल

Rao Inderjeet Yadav ED case में यादव ने खुद को माफिया या गैंग ऑपरेटर बताए जाने को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि
सिविल नेचर के कारोबारी विवादों को जानबूझकर आपराधिक मामलों में बदला गया है।

उनका दावा है कि उनके खिलाफ दर्ज अधिकतर केस अब खत्म हो चुके हैं और उनमें फाइनल क्लोजर रिपोर्ट लग चुकी है। यादव ने इसे “प्रेशर टैक्टिक्स” बताते हुए आरोप लगाया कि 2–3 पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है।


🔴 बाहुबली इमेज और सोशल मीडिया की ताकत

राव इंद्रजीत यादव ने अपने बयान में सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि—

  • उनके 1 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं

  • Gems Tunes के 10 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर

  • हर महीने करीब 5 बिलियन (500 करोड़) व्यूज

ऐसे में फर्जी अकाउंट्स या हैशटैग की जरूरत ही नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि उन्हें गैंगस्टर या बाहुबली साबित करना एक सोची-समझी साजिश है।


🔴 फाइनेंसिंग नेक्सस और ‘एन्फोर्सर’ का आरोप

ईडी की जांच के अनुसार, Apollo Green Energy Limited जैसी कंपनियां हरियाणा के निजी फाइनेंसरों से नकद में करोड़ों रुपये उधार लेती थीं। विवाद की स्थिति में राव इंद्रजीत यादव कथित तौर पर “एन्फोर्सर” की भूमिका निभाते थे।

एजेंसी का दावा है कि धमकी, हथियार दिखाने और विदेशी गैंग्स की मदद से जबरन सेटलमेंट कराए जाते थे, जिसके बदले भारी कमीशन वसूला जाता था।


🔴 संदीप लाठर केस और सियासी बयान

रोहतक के एएसआई संदीप लाठर के सुसाइड से जुड़े वीडियो में नाम आने को लेकर भी यादव ने सफाई दी। उनका कहना है कि सुसाइड नोट में उनका कोई नाम नहीं है और वीडियो के शब्द किसी और के दबाव में बोले गए हो सकते हैं।

उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को “सीधा-सादा और ईमानदार” बताते हुए प्रशासन और न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया।


🔴 दो अलग कहानियां, एक बड़ा सवाल

Rao Inderjeet Yadav ED case में एक तरफ ईडी कथित अवैध साम्राज्य, करोड़ों की बरामदगी और बाहुबली नेटवर्क की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ यादव खुद को सफल कारोबारी बताते हुए पूरे मामले को साजिश करार दे रहे हैं।

अब सवाल यह है कि जांच एजेंसी के दावे अदालत में किस हद तक टिकते हैं और क्या राव इंद्रजीत यादव अपने आरोपों से खुद को कानूनी तौर पर बेदाग साबित कर पाएंगे।


हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित नाम राव इंद्रजीत यादव और प्रवर्तन निदेशालय के बीच यह टकराव सिर्फ एक कारोबारी विवाद नहीं, बल्कि कानून, सत्ता और पैसे के रिश्तों की गहरी परतों को उजागर करता है। अब निगाहें अदालत और जांच की अगली कड़ी पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि चमकदार लग्जरी लाइफस्टाइल के पीछे सच क्या है।

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