ISIS आतंकी मोहम्मद जोएब खान का खुलासा- छत्रपति संभाजीनगर के 50 मुस्लिम लड़कों को धमाके करने की ट्रेनिंग दी
आतंकवादी संगठन ISIS के खिलाफ भारतीय सुरक्षा एजेंसी NIA ने एक महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की है, जिसमें ISIS के संदिग्ध आतंकी मोहम्मद जोएब खान का नाम सामने आया है। मोहम्मद जोएब खान ने NIA की पूछताछ में बताया है कि उन्होंने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से कई युवाओं को आतंकी ट्रेनिंग दी थी, जिन्हें बम बनाने और देश के विभिन्न हिस्सों में हमले करने की साजिश बनाने में मदद मिली थी।
ISIS को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. इस साल 15 फरवरी 2024 को गिरफ्तार जोएब खान ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के 50 लड़कों को ट्रेनिंग दी है. इन सभी लड़कों को बम बनाने से लेकर उसे प्लांट करने और देश के विभिन्न हिस्सों में धमाके करने की ट्रेनिंग दी गई है. इन सभी से जुड़ने के लिए बकायदा एक WhatsApp ग्रुप बनाया गया था. इसके जरिये ही ये सभी आपस कनेक्ट होते थे और बातचीत करते थे. जोएब खान ने NIA को बताया कि बेरोजगार युवकों को टारगेट कर उन्हें पैसे और लड़कियों का लालच दिया जाता था. इसके बाद वे सभी जुड़ जाते थे.
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किए गए ISIS के संदिग्ध आतंकी मोहम्मद जोएब खान से पूछताछ में बेहद ही अहम खुलासा हुआ है. NIA की जांच में पता चला है कि मोहम्मद जोएब खान सोशल मीडिया के जरिए ISIS में शामिल होने के लिए मुस्लिम युवकों को अप्रोच करता था. उसके टारगेट पर बेरोजगार मुस्लिम युवक होते थे. वह बेरोजगार मुस्लिम युवकों को पैसा और लड़की ऑफर करता था. इतना ही नहीं, जिन 50 युवकों को उसने रिक्रूट किया था, उनका एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था. इसी के जरिये वे एक-दूसरे से कनेक्ट होते थे.
आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकी जोएब खान ने जांच एजेंसी को बताया कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये ही वह सभी 50 लड़कों से कनेक्ट होता था. साथ ही इसी ग्रुप के जरिए उन्हें बम बनाने की ट्रेनिंग देता था. इन सभी लड़कों को देश के तमाम संवेदनशील जगहों पर बम धमाके करने की ट्रेनिंग देने और उसकी साजिश रचने की जानकारी देता था. NIA अब उन 50 लड़कों की तलाश में जुटी है, जिन्हें जोएब खान ने रिक्रूट किया था. जोएब खान ISIS आतंकी मोहम्मद शोएब खान के इशारे पर इन सब चीजों को अंजाम दे रहा था. शोएब खन को NIA ने लीबिया से गिरफ्तार किया है.
जोएब खान छत्रपति संभाजीनगर के हरसुल इलाके का रहने वाला है. पेशे से इंजीनियर जोएब के खिलाफ 12 जुलाई को मुंबई में स्थित एनआईए की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई थी.
जोएब खान के खिलाफ लगाई गई चार्जशीट में यह बात स्पष्ट रूप से उजागर करती है कि उन्होंने सामाजिक मीडिया का उपयोग करके गरीब और बेरोजगार युवाओं को आतंकवाद की जालीम धराएं सुलझाने का प्रयास किया था। उन्होंने युवाओं को पैसे और अन्य लालचों के जरिए बांधा और उन्हें गुमराह करने की कोशिश की थी।
यह घटना आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को फिर से सामने लाती है। विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात यह है कि आतंकवादी संगठन अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग अविलंबी रूप से कर रहे हैं। इससे समाज में उनका प्रभाव भी दिखाई दे रहा है, जिससे न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा में खतरा है, बल्कि सामाजिक स्थितियों में भी गहरा प्रभाव पड़ रहा है।
इस घटना के माध्यम से यह साबित होता है कि हमें आतंकवाद के खिलाफ समय रहते कठोर कार्रवाई करने की जरूरत है। न केवल सुरक्षा एजेंसियों को ही बल्कि समाज के हर व्यक्ति को भी इस धारा के खिलाफ एकजुट होकर इस समस्या को सुलझाने के लिए कार्रवाई करने की जरूरत है। विशेष रूप से युवाओं को सही मार्ग पर दिशा देने के लिए सरकारी और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा।
इस तरह की घटनाएं हमें यह सिखाती हैं कि आतंकवाद को हर हाल में रोकना होगा और समाज को उससे सुरक्षित रखने के लिए हमें सभी तरह के जुर्माने और तंत्रों को मजबूत करने की जरूरत है। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर सुरक्षा को और बढ़ावा देना भी महत्वपूर्ण है ताकि यहां ऐसी घटनाओं को फैलने से रोका जा सके।
आखिरकार, भारतीय समाज को सतर्क रहना होगा और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर इस समस्या को सुलझाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी। न केवल सरकारी तंत्रों की बल्कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम इस दिशा में कदम उठाएं और आतंकवाद को नकारें।

