Jalesar gang war: जलेसर में शाका और बाबा गैंग की फायरिंग से मचा तांडव, गोलियों से कांपा इलाका, पुलिस के हाथ लगे सुराग
Jalesar gang war उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जलेसर कस्बे में शुक्रवार को दिनदहाड़े गोलियों की बौछार ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। दो कुख्यात गिरोह — शाका और बाबा गैंग — के बीच हुई आधे घंटे की फायरिंग से कस्बे की गलियां थर्रा उठीं। एमजीएम इंटर कॉलेज के सामने मैदान में दोनों गैंगों ने खुलेआम एक-दूसरे पर गोलियां बरसाईं। गोलीबारी के दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और दहशत के मारे लोग घरों में दुबक गए।
मोटरसाइकिल रैली से शक्ति प्रदर्शन, फिर हुई गैंगवार की शुरुआत
घटना से पहले इलाके में कुछ असामान्य गतिविधियां देखी गईं। दोनों गैंगों के सदस्यों ने बाइकों पर शक्ति प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली, जिससे पहले से ही माहौल गर्म हो गया था। दरगाह के पास दोनों गिरोह के सदस्य आमने-सामने आए, जहां कहा-सुनी और आपसी भिड़ंत के बाद मामला गंभीर हो गया।
इसके बाद सभी लोग एमजीएम इंटर कॉलेज के मैदान की ओर बढ़े, जहां खुलेआम फायरिंग शुरू कर दी गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक लगातार आधे घंटे तक तड़तड़ाहट होती रही। इस दौरान किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरा इलाका गोलियों की गूंज से कांप उठा।
पुलिस आई तो भाग खड़े हुए बदमाश, मौके से मिला सुराग
सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद थाना जलेसर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों गैंग के सदस्य वहां से फरार हो चुके थे। हालांकि, बदमाशों की हड़बड़ी में चार मोटरसाइकिलें और दो ई-रिक्शे मौके पर ही छूट गईं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।
थाना प्रभारी डॉ. सुधीर राघव ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत फोर्स तैनात कर दी गई है। सीओ जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह खुद मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके का निरीक्षण किया।
गैंगवार के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन: पीएसी तैनात, चेकिंग अभियान शुरू
पुलिस ने इस गैंगवार को बेहद गंभीरता से लिया है। घटना के बाद क्षेत्र में पीएसी की तैनाती कर दी गई है और दो उपनिरीक्षकों को मौके पर तैनात कर चेकिंग अभियान शुरू किया गया है। संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गहन जांच की जा रही है।
सीओ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त लहजे में कहा, “जो भी इस तरह की अराजकता फैलाने में शामिल है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों की पहचान कर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है, जल्द ही गिरफ्तारी भी की जाएगी।”
अपराध की जड़ में वर्चस्व की लड़ाई: जलेसर बना गैंग रंजिश का अखाड़ा
सूत्रों के अनुसार, शाका और बाबा गैंग के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर तनातनी चल रही है। जलेसर और आसपास के इलाकों में दोनों गैंगों का अच्छा-खासा नेटवर्क फैला हुआ है। कुछ दिनों से दोनों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई थी, जो अब फायरिंग के रूप में सामने आ गई।
पुलिस को आशंका है कि यह गैंगवार केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की भूमिका हो सकती है। इसी आधार पर पुलिस ने दोनों गैंगों की पुरानी आपराधिक गतिविधियों की भी जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल: “पहली बार ऐसा देखा…”
फायरिंग की घटना के बाद जलेसर कस्बे में डर का माहौल साफ नजर आने लगा है। बाजार जल्दी बंद हो गए, सड़कें सूनी पड़ गईं और लोग घरों में कैद हो गए।
स्थानीय निवासी राहुल शर्मा ने बताया, “पहली बार हमने ऐसी दिनदहाड़े फायरिंग देखी है। ऐसा लगता है जैसे फिल्म का कोई सीन चल रहा हो। गोलियों की आवाज इतनी भयानक थी कि छोटे बच्चे तक सहम गए।”
वहीं अंजू देवी, जो घटना स्थल से कुछ दूरी पर रहती हैं, कहती हैं, “हमने तुरंत दरवाजे बंद कर लिए और बच्चों को अंदर छुपा दिया। डर के मारे पूरा दिन किसी ने घर से बाहर झांकने तक की हिम्मत नहीं की।”
जलेसर पुलिस के सामने बड़ी चुनौती: गैंग को खत्म करना प्राथमिकता
अब जलेसर पुलिस और एटा जिला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन गैंगों की कमर तोड़ने की है। घटना ने साफ कर दिया है कि दोनों गैंगों के पास हथियारों की कोई कमी नहीं है और वह कानून-व्यवस्था को खुलेआम चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।
डीआईजी स्तर से रिपोर्ट मांगी गई है, और विशेष टीमों का गठन कर गिरोह के सदस्यों की तलाश की जा रही है। साथ ही इनकी सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित हिंसा को रोका जा सके।
क्या अब बदलेगा जलेसर का भविष्य या फिर और गूंजेंगी गोलियां?
घटना के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह पहली और आखिरी बार था? या फिर आने वाले दिनों में यह गैंगवार और भयंकर रूप लेगा? प्रशासन के सामने यह स्पष्ट संकेत है कि अगर अभी सख्ती नहीं बरती गई तो ये गिरोह किसी भी दिन किसी बड़ी त्रासदी को अंजाम दे सकते हैं।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी और शांति बहाल की जाएगी। लेकिन अब जनता चाहती है सिर्फ वादे नहीं, एक्शन।

