Muzaffarnagar जानसठ थाना समाधान दिवस में सख्त रुख: डीएसपी रूपाली राय के निर्देशों से फरियादियों को राहत, मौके पर हुआ शिकायत का त्वरित निस्तारण
Jansath Thana Samadhan Diwas के तहत शनिवार को Muzaffarnagar जानसठ कोतवाली परिसर में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम ने एक बार फिर प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता का संदेश दिया। शासन के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस विशेष दिवस पर डीएसपी रूपाली राय स्वयं मौके पर मौजूद रहीं और जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उनका स्पष्ट संदेश था कि थाने में आने वाला कोई भी फरियादी खाली हाथ न लौटे और हर शिकायत का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए।
🔴 प्रशासनिक पहल का असर: कम शिकायतें, ज्यादा भरोसा
इस बार समाधान दिवस में एक दिलचस्प और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आने वाले फरियादियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही और पूरे दिन में केवल एक ही शिकायत दर्ज की गई। स्थानीय जानकारों का मानना है कि यह स्थिति कहीं न कहीं पुलिस-प्रशासन के प्रति बढ़ते विश्वास और पहले से किए गए प्रभावी निस्तारण का संकेत भी हो सकती है।
हालांकि, शिकायतों की संख्या कम होने के बावजूद डीएसपी रूपाली राय ने इस एकमात्र मामले को भी पूरी गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत मौके पर भेजकर समस्या का निस्तारण कराने के निर्देश दिए, जिसके बाद फरियादी को उसी दिन राहत मिली।
🔴 डीएसपी रूपाली राय का स्पष्ट संदेश: छोटी शिकायत भी बड़ी जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान डीएसपी रूपाली राय ने उपस्थित पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए कि थाना समाधान दिवस पर आने वाली हर छोटी-बड़ी शिकायत को समान गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि जनता के बीच भरोसा कायम करना भी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी फरियादी की समस्या को नजरअंदाज करना प्रशासनिक लापरवाही की श्रेणी में आएगा। उनका जोर इस बात पर था कि शिकायतों का निस्तारण केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए।
🔴 पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई पर जोर
Jansath Thana Samadhan Diwas के दौरान डीएसपी ने विशेष रूप से राजस्व से जुड़े मामलों में पुलिस और राजस्व टीम के संयुक्त प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद, सीमांकन, कब्जे और पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय से ही स्थायी समाधान निकल सकता है।
उनका मानना है कि जब दोनों टीमें मिलकर मौके पर कार्रवाई करती हैं, तो विवादों की जड़ तक पहुंचना आसान होता है और भविष्य में दोबारा शिकायत की संभावना भी कम हो जाती है।
🔴 कोतवाली परिसर में अनुशासन और व्यवस्था का प्रदर्शन
शनिवार को कोतवाली परिसर में प्रशासनिक अनुशासन और व्यवस्था साफ तौर पर देखने को मिली। फरियादियों के बैठने, शिकायत दर्ज कराने और अधिकारियों से बातचीत के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई थीं। पुलिसकर्मियों की सक्रियता और सहयोगात्मक रवैये ने कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्थानीय लोगों ने भी इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के समाधान दिवस जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करते हैं।
🔴 वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व
इस मौके पर इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक रामवीर सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार और महिला उपनिरीक्षक अर्पणा यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि प्रशासन इस कार्यक्रम को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखता है।
अधिकारियों ने न केवल शिकायतों की प्रक्रिया को समझा, बल्कि मौके पर ही अपने अधीनस्थों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
🔴 जनता की प्रतिक्रिया: भरोसे की नई शुरुआत
कार्यक्रम के बाद फरियादियों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की पहल की सराहना की। कई लोगों का कहना था कि पहले शिकायत लेकर थाने जाना एक मुश्किल काम माना जाता था, लेकिन अब समाधान दिवस जैसे कार्यक्रमों से लोगों को अपनी बात सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।
यह भी देखा गया कि महिलाएं और बुजुर्ग फरियादी भी बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर रहे थे, जो प्रशासन के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत है।
🔴 कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द की दिशा में कदम
जानसठ क्षेत्र में थाना समाधान दिवस केवल शिकायत निस्तारण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने का एक मंच भी बनता जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय पर विवादों का समाधान होने से झगड़े, तनाव और कानूनी मामलों में कमी आती है।
डीएसपी रूपाली राय ने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल समस्या सुलझाना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी समस्याएं पैदा ही न हों, इसके लिए जागरूकता फैलाना है।
🔴 आगे की रणनीति: निगरानी और फॉलो-अप पर जोर
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में समाधान दिवस के दौरान दर्ज की गई शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाएगी। हर मामले का फॉलो-अप सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष निगरानी प्रणाली पर भी काम किया जा रहा है, ताकि फरियादियों को बार-बार थाने के चक्कर न लगाने पड़ें।

