वैश्विक

Japan में 6.8 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही: शॉपिंग मॉल की मंजिल ढही, 50 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका; राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर

Japan Earthquake ने एक बार फिर दुनिया को भूकंप प्रभावित क्षेत्रों की संवेदनशीलता का एहसास करा दिया है। जापान के दक्षिणी कुमामोटो प्रांत में मंगलवार को आए 6.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। तेज झटकों के बाद काशिमा शहर स्थित एक शॉपिंग मॉल की दूसरी मंजिल ढह गई, जिससे 50 से अधिक लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार कई लोग घायल हुए हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।

भूकंप के बाद कुछ समय के लिए सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी। हालांकि बाद में जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने स्थिति की समीक्षा के बाद इस चेतावनी को वापस ले लिया। इसके बावजूद प्रशासन ने तटीय और प्रभावित क्षेत्रों में उच्च सतर्कता बनाए रखी है।


शाम 4:27 बजे आया शक्तिशाली भूकंप

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 4:27 बजे आया।

  • तीव्रता: 6.8
  • केंद्र की गहराई: लगभग 10 किलोमीटर
  • केंद्र: कुमामोटो प्रांत, क्यूशू क्षेत्र
  • राजधानी टोक्यो से दूरी: लगभग 900 किलोमीटर

कम गहराई में आए भूकंप के कारण झटके काफी तेज महसूस किए गए और कई इमारतों, सड़कों तथा पुलों को नुकसान पहुंचा।


शॉपिंग मॉल की दूसरी मंजिल ढही, बचाव अभियान जारी

भूकंप के सबसे गंभीर प्रभावों में से एक काशिमा शहर के एक शॉपिंग मॉल में देखने को मिला, जहां इमारत की दूसरी मंजिल का हिस्सा ढह गया।

दमकल विभाग और आपदा राहत एजेंसियों के अनुसार—

  • मलबे में 50 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है।
  • कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
  • घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।
  • राहत दल भारी मशीनों और खोजी उपकरणों की मदद से बचाव कार्य में जुटे हैं।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया है ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए।


भूकंप के बाद मॉल में धमाके की भी सूचना

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भूकंप के कुछ समय बाद शॉपिंग मॉल में एक धमाके की भी सूचना मिली।

दमकल विभाग ने बताया कि धमाके के बाद इमारत का एक हिस्सा और क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि धमाके के कारणों को लेकर अभी आधिकारिक जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां स्थिति का आकलन कर रही हैं।


60 से अधिक आफ्टरशॉक ने बढ़ाई चिंता

मुख्य भूकंप के बाद क्षेत्र में झटकों का सिलसिला लगातार जारी है।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार—

  • अब तक 60 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं।
  • इनकी तीव्रता 1 से 4 के बीच रही।
  • शाम के समय 4.2 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया।

विशेषज्ञों ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।


1.5 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश

भूकंप के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्यूशू द्वीप के विभिन्न इलाकों में रहने वाले 1.5 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाने के निर्देश दिए।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से कहा कि आफ्टरशॉक की संभावना को देखते हुए सतर्क रहें और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।


सड़कों, पुलों और ऐतिहासिक इमारतों को नुकसान

भूकंप के बाद सामने आई तस्वीरों और वीडियो में व्यापक क्षति दिखाई दे रही है।

प्रभावित क्षेत्रों में—

  • कई सड़कों में बड़ी दरारें पड़ गईं।
  • कुछ पुलों का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
  • भवनों की बाहरी दीवारें गिर गईं।
  • कई स्थानों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं।
  • धूल के बड़े गुबार उठते दिखाई दिए।

कुमामोटो का ऐतिहासिक कुमामोटो कैसल भी भूकंप से प्रभावित हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इसकी पत्थर की दीवार का एक हिस्सा ढह गया।


48 हजार से अधिक घरों की बिजली गुल

भूकंप के बाद कुमामोटो प्रीफेक्चर में 48,300 से अधिक घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए संबंधित टीमें युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं।

बिजली कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि—

  • टूटे हुए बिजली के तारों से दूर रहें।
  • किसी भी विद्युत क्षति की तुरंत सूचना दें।
  • क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरणों का उपयोग न करें।

बुलेट ट्रेन सेवाएं रोकी गईं

भूकंप के बाद सुरक्षा कारणों से दक्षिण-पश्चिमी जापान में कई बुलेट ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गईं।

इस कारण प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। रेलवे अधिकारी पटरियों और पुलों का निरीक्षण करने के बाद ही सेवाएं सामान्य करने की प्रक्रिया में जुटे हैं।


3600 सैनिक राहत अभियान में तैनात

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकइची ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए अब तक लगभग 3,600 सैन्यकर्मियों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

इसके अतिरिक्त जापान सेल्फ डिफेंस फोर्स के और जवानों को भी राहत कार्यों के लिए भेजा जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर—

  • मलबे में फंसे लोगों को निकालने,
  • राहत सामग्री पहुंचाने,
  • चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने,
  • और आवश्यक सेवाएं बहाल करने

के लिए लगातार कार्य कर रही है।


परमाणु संयंत्र सुरक्षित, IAEA रखे हुए है नजर

भूकंप के बाद सबसे बड़ी चिंता परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा को लेकर थी।

जापान की न्यूक्लियर रेगुलेशन अथॉरिटी ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को जानकारी दी कि सेंदाई परमाणु ऊर्जा संयंत्र को भूकंप से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

IAEA ने भी कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

यह सतर्कता वर्ष 2011 के फुकुशिमा परमाणु हादसे के अनुभव को देखते हुए बरती जा रही है।


सुनामी चेतावनी जारी हुई, बाद में वापस ली गई

भूकंप के तुरंत बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने तटीय क्षेत्रों के लिए एक मीटर तक ऊंची सुनामी लहरों की आशंका जताते हुए चेतावनी जारी की थी।

तटीय इलाकों में लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए।

बाद में समुद्री परिस्थितियों की समीक्षा के पश्चात चेतावनी वापस ले ली गई, लेकिन प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील जारी रखी।


जापान क्यों आता है बार-बार भूकंप की चपेट में?

जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है।

इसके प्रमुख कारण हैं—

  • चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों का मिलन क्षेत्र,
  • प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थिति,
  • समुद्र के भीतर लगातार भूगर्भीय गतिविधियां।

यही कारण है कि जापान में हर वर्ष लगभग 1,500 भूकंप दर्ज किए जाते हैं। इनमें अधिकांश हल्के होते हैं, लेकिन समय-समय पर शक्तिशाली भूकंप भी आते रहते हैं।


फिर भी जापान कैसे करता है नुकसान कम?

बार-बार भूकंप आने के बावजूद जापान ने आपदा प्रबंधन का मजबूत मॉडल विकसित किया है।

इसमें शामिल हैं—

  • भूकंपरोधी भवन निर्माण,
  • अत्याधुनिक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली,
  • नियमित आपदा अभ्यास,
  • तेज राहत एवं बचाव व्यवस्था,
  • आधुनिक संचार प्रणाली।

इन्हीं व्यवस्थाओं के कारण बड़े भूकंपों के बावजूद कई अन्य देशों की तुलना में जनहानि और नुकसान को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।


अपडेट: जापान के कुमामोटो प्रांत में आए 6.8 तीव्रता के भूकंप के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। शॉपिंग मॉल के ढहने, कई इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान, अनेक आफ्टरशॉक तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा, राहत कार्य और क्षति के आकलन पर लगातार काम कर रहा है। उपलब्ध जानकारी समय के साथ बदल सकती है और आधिकारिक एजेंसियों द्वारा जारी अद्यतन सूचनाओं के अनुसार स्थिति स्पष्ट होती रहेगी।

 

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: info@poojanews.com

News-Desk has 22370 posts and counting. See all posts by News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

16 + sixteen =