Jhansi Woman Auto Driver Murder: झांसी की पहली महिला ऑटो चालक अनीता चौधरी की गोली मारकर हत्या, हादसे की थ्योरी गिरी, लूट और साजिश की परतें खुलीं
Jhansi woman auto driver murder ने पूरे बुंदेलखंड को झकझोर कर रख दिया है। आत्मनिर्भरता और संघर्ष की मिसाल बन चुकी झांसी की पहली महिला ऑटो चालक अनीता चौधरी की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई। 40 वर्षीय अनीता का खून से सना शव देर रात सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के पास पड़ा मिला, जबकि कुछ ही दूरी पर उसका ऑटो सड़क पर पलटा हुआ था।
🔴 सड़क किनारे शव, ऑटो पलटी हुई, फैली सनसनी
घटना रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात की है। अनीता रविवार रात करीब 9:30 बजे घर से ऑटो लेकर निकली थी। रात लगभग 1:30 बजे स्थानीय लोगों ने कॉलोनी के पास सड़क किनारे एक महिला का रक्तरंजित शव देखा। थोड़ी दूरी पर उसकी ऑटो पलटी हुई थी।
सूचना मिलते ही नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन भी वहां पहुंच गए। शव के गले और सिर के आसपास खून के गहरे निशान थे, जिससे परिजनों को शुरू से ही हत्या की आशंका थी।
🔴 परिजनों का आरोप: हत्या के बाद लूटपाट
अनीता के देवर दिलदार सिंह ने मौके पर ही हत्या और लूटपाट का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि अनीता के शरीर से मंगलसूत्र, कान-नाक के गहने, पायल और मोबाइल फोन गायब थे। परिवार का कहना था कि यह महज हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है।
🔴 पुलिस की शुरुआती थ्योरी: हादसा, लेकिन…
शुरुआत में पुलिस इस घटना को सड़क हादसा मानकर चल रही थी। यहां तक कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुलिस ने बिना पुष्ट आधार के “भ्रामक खबरें” न फैलाने की हिदायत भी दे दी। इससे परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी पलट दी।
🔴 पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा: गोली मारकर हत्या
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि अनीता के गले को भेदते हुए एक गोली सिर की ओर जाकर फंसी थी। साथ ही छर्रे के भी निशान पाए गए। यह स्पष्ट हो गया कि अनीता की मौत किसी हादसे में नहीं, बल्कि गोली मारकर की गई हत्या है।
इसके बाद पुलिस को अपनी शुरुआती थ्योरी बदलनी पड़ी और हत्या का केस दर्ज किया गया।
🔴 चश्मदीद का बयान: गोली की आवाज से सुन्न हो गए थे कान
Jhansi woman auto driver murder मामले में एक अहम मोड़ तब आया, जब चश्मदीद सामने आया। बताया गया कि अनीता पर जब हमला हुआ, उस वक्त उसका एक दोस्त ऑटो में मौजूद था। उसने बयान दिया कि आरोपियों ने गोली चलाई, जिसकी तेज आवाज से उसके कान सुन्न हो गए।
उसका कहना है कि आसपास कई सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनमें पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। गोली चलने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में वह दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा, जहां पुलिस मौजूद थी, और फिर थाने जाकर बयान दर्ज कराया।
🔴 दोस्ती बनी मौत की वजह? तीन साल पुराना रिश्ता
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मुकेश झा से अनीता की दोस्ती करीब तीन साल पुरानी थी। मुकेश होटल चलाता है और अन्य छोटे-बड़े काम करता है। दोस्ती के दौरान उसने अनीता के लिए कई गहने भी बनवाए थे।
हालांकि, पिछले कुछ समय से दोनों के बीच विवाद चल रहा था। अनीता ने मुकेश के खिलाफ नवाबाद थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। कुछ महीने पहले स्टेशन परिसर में दोनों के बीच मारपीट तक हुई थी, जिसमें परिवार के लोग भी थाने पहुंचे थे।
🔴 FIR दर्ज, दो आरोपी हिरासत में
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकेश झा, उसके पुत्र शिवम और मनोज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने शिवम और मनोज को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी मुकेश की तलाश में देर रात तक दबिश दी जाती रही।
मुकेश पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
🔴 संघर्ष की मिसाल थी अनीता चौधरी
अनीता चौधरी केवल Jhansi woman auto driver murder की पीड़िता नहीं थीं, बल्कि संघर्ष और आत्मनिर्भरता की पहचान थीं। वह स्नातक थीं और करीब 15 साल तक एक प्राइवेट कंपनी में सुपरवाइजर के तौर पर काम कर चुकी थीं।
2020 में कंपनी के एक अधिकारी से विवाद के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी। बाद में मैनेजर ने वापस बुलाने की कोशिश की, लेकिन अनीता अपने फैसले पर अडिग रहीं।
🔴 आर्थिक तंगी और ऑटो चलाने का फैसला
अनीता का पति द्वारका बस स्टैंड के पास ठेला लगाता है, जिससे घर का खर्च ठीक से नहीं चलता था। कुछ समय के लिए अनीता बच्चों को लेकर महाराष्ट्र भी गई, लेकिन वहां काम नहीं मिला। वापस लौटने पर परिवार की खराब हालत देखकर उसने ऑटो चलाने का फैसला किया।
घर वालों ने विरोध किया, लेकिन अनीता नहीं मानीं।
🔴 फाइनेंस पर ऑटो, बनी झांसी की पहली महिला चालक
पति के दस्तावेजों पर लोन देने को कोई बैंक तैयार नहीं था। अंततः एक निजी बैंक ने फाइनेंस पर ऑटो देने की हामी भरी। 18 फरवरी 2021 को अनीता ने नई ऑटो खरीदी। पड़ोस के युवक ने उसे ऑटो चलाना सिखाया।
इसी तरह वह झांसी की पहली महिला ऑटो चालक बनीं।
🔴 सम्मान और पहचान
कई सामाजिक संस्थाओं ने अनीता के साहस को सराहा। तत्कालीन डीआईजी जोगेंद्र कुमार खुद उसके ऑटो में बैठकर उसका हौसला बढ़ा चुके थे। अनीता ने अपने ऑटो पर “जनपद झांसी पुलिस” और “झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर” का पोस्टर भी लगवा रखा था।
🔴 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अनीता की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। परिवार में पति के अलावा बेटी साक्षी (18) और जानू (16) पढ़ाई कर रही हैं, जबकि एक बेटी की शादी हो चुकी है। मां की हत्या ने बच्चों का भविष्य अनिश्चित कर दिया है।
🔴 SSP का बयान: जल्द गिरफ्तारी का दावा
झांसी के एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने कहा कि शुरुआत में सूचना हादसे जैसी थी, लेकिन चश्मदीद के सामने आने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या की पुष्टि हुई है। नामजद आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।

