कंगना रनौत की फिल्म ‘Emergency’ के ब्रिटेन में विरोध से हड़कंप, खालिस्तानी समर्थकों का हिंसक रुख, भारत ने जताई गंभीर चिंता
कंगना रनौत की हालिया रिलीज़ फिल्म ‘Emergency ‘ को लेकर ब्रिटेन में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म की स्क्रीनिंग में खालिस्तानी समर्थक तत्वों द्वारा किए गए हिंसक विरोध और धमकियों ने न सिर्फ फिल्म प्रेमियों को हिलाकर रख दिया है, बल्कि इसने भारत और ब्रिटेन के बीच भी एक नया विवाद उत्पन्न कर दिया है।
कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ पर खालिस्तानी समर्थकों का हमला
कंगना की फिल्म ‘इमरजेंसी’ का प्रदर्शन लंदन और अन्य ब्रिटिश शहरों के सिनेमाघरों में देखा गया था, लेकिन इस प्रदर्शन के दौरान कई सिनेमाघरों में अव्यवस्था का माहौल बन गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ खालिस्तानी समर्थक तत्वों ने सिनेमाघरों में घुसकर फिल्म देख रहे दर्शकों को धमकाया और उन्हें फिल्म देखने से रोकने की कोशिश की। इन तत्वों ने न केवल दर्शकों को डराया, बल्कि कई सिनेमाघरों में फिल्म की स्क्रीनिंग तक रोक दी। यह मामला ब्रिटेन की संसद में भी पहुंचा, जहां विपक्षी सांसदों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई और सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
भारत सरकार की सख्त प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने इस गंभीर मामले पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत इस प्रकार के हिंसक विरोधों और धमकियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाता रहा है और इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि यूके सरकार इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी।
रंधीर जायसवाल ने कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विचारों की आजादी को चयनात्मक रूप से लागू नहीं किया जा सकता, और जो लोग इसे बाधित कर रहे हैं, उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। हम इस मुद्दे को नियमित रूप से यूके सरकार के सामने रखते रहे हैं।”
ब्रिटेन में खालिस्तानी आतंकवादियों का कृत्य
ब्रिटेन के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने आरोप लगाया कि नॉर्थ-वेस्ट लंदन में खालिस्तानी समर्थक आतंकवादियों ने सिनेमाघरों में घुसकर दर्शकों को धमकाया। ब्लैकमैन ने यह भी दावा किया कि बर्मिंघम, मैनचेस्टर, वूल्वरहैम्प्टन और अन्य शहरों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके चलते सिनेमाघरों को फिल्म की स्क्रीनिंग रोकनी पड़ी।
सांसद ने यूके की गृह सचिव से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की और इस पर कड़ा बयान जारी करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि इस तरह के हिंसक विरोधों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसे तत्काल रोकने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए।
कंगना रनौत की प्रतिक्रिया
कंगना रनौत ने इस विरोध पर अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया के जरिए व्यक्त की। उन्होंने इसे “कला और कलाकार का उत्पीड़न” करार देते हुए कहा कि यह फिल्म की छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश थी। कंगना ने ट्वीट किया, “पंजाब के कई शहरों से रिपोर्ट आ रही है कि फिल्म ‘इमरजेंसी’ को प्रदर्शन से रोकने की कोशिश की जा रही है। यह पूरी तरह से झूठ है और मेरी फिल्म को नुकसान पहुंचाने के लिए यह दुष्प्रचार किया जा रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करती हैं और सिख धर्म को भी अपने जीवन में करीब से देखा है। कंगना ने इस विरोध को पूरी तरह से निराधार और उनके खिलाफ एक राजनीतिक साजिश बताया।
पंजाब में भी फिल्म को लेकर विवाद
भारत में भी कंगना की फिल्म को लेकर विवाद गहराया था, खासकर पंजाब में। पंजाब में कुछ कट्टरपंथी समूहों ने फिल्म की स्क्रीनिंग का विरोध किया था और इसे ‘राजनीतिक दखल’ करार दिया था। फिल्म में 1975 की आपातकालीन स्थिति के दौरान इंदिरा गांधी के शासन के बारे में कंगना ने खुलकर अपनी राय व्यक्त की है, जो कुछ लोगों को पसंद नहीं आई।
कंगना ने इस विरोध के खिलाफ खड़े होकर कहा था कि उन्हें अपने विचार व्यक्त करने का पूरा अधिकार है और कोई भी फिल्म, विशेषकर अगर वह ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित हो, उसे एक दर्शक वर्ग तक पहुंचने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने इसे कलाकारों की स्वतंत्रता पर हमला बताया और कहा कि यह कला और कलाकार का उत्पीड़न है।
यूके और भारत के बीच बढ़ता तनाव
ब्रिटेन में कंगना की फिल्म ‘इमरजेंसी’ के विरोध ने दोनों देशों के बीच एक नया तनाव पैदा किया है। भारत सरकार ने इस मुद्दे को यूके सरकार के सामने बार-बार उठाया है, और यह अपेक्षाएं जताई हैं कि ब्रिटिश सरकार इस हिंसक विरोध को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
यही नहीं, भारत सरकार ने यह भी कहा है कि यह घटना सिर्फ फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी हमला है। भारतीय हाई कमीशन ने इस मुद्दे पर अपनी निरंतर निगरानी रखी है और यह सुनिश्चित किया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाए।
कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ को लेकर ब्रिटेन में उठे विरोध और धमकियों ने यह साबित कर दिया है कि दुनिया भर में कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय सरकार ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और उम्मीद जताई है कि यूके सरकार इस मामले में जल्दी से जल्दी कार्रवाई करेगी। फिल्म के खिलाफ चल रहा यह विरोध केवल एक फिल्म का मामला नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के खिलाफ है जो अपनी अभिव्यक्ति को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करना चाहते हैं।

