Kanpur Kalyanpur Murder Robbery Case: क्राइम सीरियल से सीखी वारदात की साजिश, 48 घंटे में आरोपी गिरफ्तार—27 लाख के गहने बरामद
News-Desk
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kanpur, ईशु शर्मा गिरफ्तारी, ऑपरेशन त्रिनेत्र कानपुर, कानपुर क्राइम न्यूज, निर्मला सिंह हत्या मामला, बुजुर्ग महिला हत्या लूट, यूपी अपराध समाचारKanpur के कल्याणपुर स्थित आवास विकास-एक क्षेत्र में हुई बुजुर्ग महिला निर्मला सिंह की हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी ईशु शर्मा उर्फ आर्यन को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से लगभग 27 लाख रुपये के गहने, सोने का बिस्कुट तथा वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने क्राइम सीरियल देखकर वारदात की योजना बनाई थी और पहले से रेकी कर पूरी साजिश को अंजाम दिया।
ऑपरेशन त्रिनेत्र और 500 सीसीटीवी कैमरों से मिली अहम सफलता
डीसीपी वेस्ट S. N. Qasim Abidi के अनुसार हत्या और लूट की रिपोर्ट 23 अप्रैल को मृतका के पति हरेंद्र सिंह ने दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की 12 टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गईं।
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की पहचान रावतपुर निवासी ईशु शर्मा उर्फ आर्यन के रूप में हुई। उसे 25 अप्रैल की सुबह गंगा इन्क्लेव के पीछे केसा मार्ग से गिरफ्तार कर लिया गया।
छह महीने से कर रहा था इलाके की रेकी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मूल रूप से कानपुर देहात के मूसानगर क्षेत्र के खिरियनपुर गांव का निवासी है और पिछले छह महीनों से रावतपुर में किराये पर रह रहा था।
इस दौरान वह मृतका के घर के सामने स्थित पार्क में अक्सर आता-जाता था और धीरे-धीरे उसने यह जानकारी जुटा ली कि घर में बुजुर्ग दंपती रहते हैं तथा दोपहर के समय पुरुष सदस्य अक्सर बाहर चले जाते हैं। इसी जानकारी के आधार पर उसने वारदात की योजना बनाई।
ड्रोन गिरने का बहाना बनाकर घर में दाखिल हुआ आरोपी
वारदात वाले दिन जैसे ही हरेंद्र सिंह दवा लेने के लिए घर से बाहर निकले, आरोपी ने ड्रोन गिरने का बहाना बनाकर घर में प्रवेश कर लिया। इसके बाद उसने निर्मला सिंह का गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने घर के दो लॉकर तोड़कर लगभग 27 लाख रुपये के जेवरात और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गया। पूरी वारदात बेहद कम समय में अंजाम दी गई।
34 मिनट के भीतर पूरी घटना को दिया अंजाम
जांच में सामने आया कि आरोपी ने केवल 34 मिनट के भीतर हत्या और लूट की पूरी वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज में वह चेहरे को नारंगी गमछे से ढंककर घर में प्रवेश करते और बाद में पार्क की दीवार फांदकर निकलते हुए दिखाई दिया।
घर से बाहर निकलते समय उसके हाथ में बोरी या झोले जैसा सामान भी दिखाई दिया, जिसमें लूटे गए गहने और नकदी होने की आशंका जताई गई।
गहनों को बाथरूम के पाइप में छिपाकर रखा था
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने लूटे गए गहनों को तार से बांधकर अपने घर के बाथरूम के पाइप में छिपा दिया था, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने सभी गहने बरामद कर लिए। बरामद सामान की कीमत लगभग 27 लाख रुपये बताई जा रही है।
साइबर ठगी से जुड़े खाते का भी मिला सुराग
पुलिस के अनुसार आरोपी 12वीं पास है और उसका बैंक खाता पहले साइबर ठगी में म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जा चुका है। इस खाते में करीब एक लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन भी सामने आया है।
इस पहलू की जांच अलग से की जा रही है ताकि आरोपी के संभावित आपराधिक नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
घटना के समय दवा लेने बाहर गए थे पति
घटना के दिन निर्मला सिंह ने अपने पति हरेंद्र सिंह को चक्कर आने की शिकायत बताई थी। इसके बाद वह दोपहर करीब 1:03 बजे मेडिकल स्टोर से दवा लेने निकल गए।
उनके घर से बाहर निकलने के तीन मिनट बाद ही आरोपी घर में दाखिल हुआ और वारदात को अंजाम दिया। करीब 1:40 बजे वह मौके से फरार हो गया।
गले पर कसाव के निशान से हत्या की पुष्टि
जब हरेंद्र सिंह घर लौटे तो उन्होंने कमरे में सामान बिखरा हुआ देखा। बेडरूम में पहुंचने पर पत्नी जमीन पर गिरी हुई मिलीं और उनके गले पर तार जैसे कसाव के निशान दिखाई दिए।
इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।
परिवार शादी की तैयारी में जुटा था, उसी बीच हुई वारदात
परिवार के अनुसार 20 मई को छपरा निवासी भतीजी की शादी के लिए करीब छह से सात लाख रुपये के गहने तैयार करवाए गए थे। इसी सिलसिले में परिवार 28 या 29 अप्रैल को छपरा जाने की योजना बना रहा था।
वारदात के बाद परिवार की शादी की तैयारियों पर भी गहरा असर पड़ा है और परिजन सदमे में हैं।
पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ के बाद आरोपी तक पहुंच बनाई
प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया था, जिनमें घरेलू सहायिका और एसी मैकेनिक भी शामिल थे। बाद में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की पहचान स्पष्ट हो गई।
जांच अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से पूरे मामले का तेजी से खुलासा संभव हो सका।

