60,244 नव आरक्षियों ने ली शपथ, सीएम Yogi Adityanath ने कहा—अनुशासन ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत
Yogi Adityanath की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश में एक ऐतिहासिक आयोजन हुआ, जब राज्य भर में एक साथ 60,244 नव नियुक्त आरक्षियों की पासिंग आउट परेड आयोजित की गई। पुलिस लाइन, पीएसी बटालियन और विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों पर एक साथ आयोजित इस समारोह ने प्रदेश के पुलिस बल को बड़ी संख्या में नई ऊर्जा प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में परेड की सलामी ली और प्रशिक्षण पूरा कर चुके नव आरक्षियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
लखनऊ पुलिस लाइन में मुख्य समारोह, परिजनों में दिखा उत्साह और गर्व का माहौल
राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्य समारोह में बड़ी संख्या में अधिकारियों, प्रशिक्षकों और आरक्षियों के परिजन मौजूद रहे। पासिंग आउट परेड के दौरान नव आरक्षियों की अनुशासित चाल और प्रशिक्षण प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल भर्ती प्रक्रिया का समापन नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
महिला आरक्षियों के प्रदर्शन की मुख्यमंत्री ने की विशेष सराहना
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षियों के प्रदर्शन की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और यह राज्य के लिए सकारात्मक संकेत है।
महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती उपस्थिति से न केवल पुलिस व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति सुरक्षा और विश्वास का वातावरण भी सुदृढ़ होता है।
बेहतर प्रशिक्षण से तैयार हुआ अनुशासित पुलिस बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक प्रशिक्षित पुलिस बल ही प्रभावी कानून व्यवस्था की रीढ़ होता है।
उन्होंने प्रसिद्ध कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशिक्षण में जितना अधिक पसीना बहता है, वास्तविक परिस्थितियों में उतना ही कम संघर्ष करना पड़ता है। इसी सोच के साथ नव आरक्षियों को तैयार किया गया है।
प्रदेश के 75 जिलों में स्थापित किए गए साइबर थाने
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि बदलते अपराध स्वरूप को देखते हुए राज्य के सभी 75 जिलों में साइबर थानों की स्थापना की जा चुकी है। इससे डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।
साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों के बीच यह कदम पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में तीन महिला पीएसी बटालियन गठित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य महिला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है।
यह पहल सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ प्रशासनिक संरचना में लैंगिक संतुलन को भी मजबूत करने का प्रयास मानी जा रही है।
जीरो टॉलरेंस नीति से मजबूत हुई कानून-व्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के परिणामस्वरूप प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध और माफिया गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में दंगों की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है और पुलिस बल का मनोबल लगातार मजबूत हुआ है।
नव आरक्षियों से अपेक्षा—सेवा, संवेदनशीलता और अनुशासन को बनाएं आधार
मुख्यमंत्री ने नव आरक्षियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज के विश्वास की प्रतीक भी होती है।
उन्होंने युवाओं से जनता के साथ संवाद बनाए रखने और सेवा भावना के साथ कार्य करने की अपील की।
प्रदेश पुलिस बल को मिला नया बल, सुरक्षा व्यवस्था और होगी मजबूत
60,244 आरक्षियों की एक साथ पासिंग आउट परेड को प्रदेश पुलिस इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। इससे राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में प्रशिक्षित आरक्षियों की तैनाती से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

