Muzaffarnagar में क्रांतिसेना का सदस्यता अभियान तेज, 20 से अधिक युवाओं ने थामा संगठन का दामन
News-Desk
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Lalit Mohan Sharma, muzaffarnagar politics, political news up, Youth Politics, क्रांतिसेना, मुजफ्फरनगर समाचार, युवा राजनीति, संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, हिंदुत्व संगठनMuzaffarnagar में क्रांतिसेना द्वारा चलाया जा रहा सदस्यता अभियान लगातार गति पकड़ता दिखाई दे रहा है। संगठन के कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में एक बार फिर 20 से अधिक युवाओं ने पहुंचकर क्रांतिसेना की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने नए सदस्यों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उन्हें संगठन की विचारधारा एवं उद्देश्यों से अवगत कराया।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। संगठन पदाधिकारियों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में युवा स्वेच्छा से संगठन से जुड़ रहे हैं, जिससे क्रांतिसेना का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है।
ठाकुर विकास सिंह को युवा इकाई का जिला अध्यक्ष बनाया गया
कार्यक्रम के दौरान गांव बामन खेड़ी निवासी ठाकुर विकास सिंह को क्रांतिसेना की युवा इकाई का जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
संगठन के संस्थापक अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा ने नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा कि युवाओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी किसी भी संगठन की ताकत होती है और क्रांतिसेना लगातार युवाओं को संगठन से जोड़ने पर जोर दे रही है।
10 दिनों में 50 से ज्यादा युवाओं के जुड़ने का दावा
संस्थापक अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा ने कहा कि संगठन द्वारा चलाए जा रहे सदस्यता अभियान को व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 दिनों में 50 से अधिक युवा स्वयं कार्यालय पहुंचकर संगठन की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं।
उन्होंने इसे संगठन की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत बताते हुए कहा कि युवाओं का भरोसा क्रांतिसेना की विचारधारा और कार्यशैली पर लगातार मजबूत हो रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में सदस्यता अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
हिंदुत्व और जनहित के मुद्दों पर खुलकर काम करने का दावा
ललित मोहन शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि क्रांतिसेना की विचारधारा पूरी तरह स्पष्ट है और संगठन “ना दबाव, ना झुकाव” की नीति पर कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि संगठन केवल हिंदुत्व के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और जनहित से जुड़े अन्य विषयों पर भी मुखरता से अपनी बात रखता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई तथाकथित हिंदूवादी संगठन केवल राजनीतिक महिमामंडन तक सीमित रह गए हैं, जबकि क्रांतिसेना गौहत्या, गोतस्करी और अन्य सामाजिक मुद्दों पर खुलकर आवाज उठाती है।
युवाओं और बुद्धिजीवी वर्ग के समर्थन का किया दावा
कार्यक्रम में संगठन पदाधिकारियों ने दावा किया कि समाज का बुद्धिजीवी वर्ग और युवा वर्ग बड़ी संख्या में क्रांतिसेना के साथ जुड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि संगठन की स्पष्ट विचारधारा और आक्रामक जनहित नीति के कारण युवाओं में तेजी से लोकप्रियता बढ़ रही है। कई नए सदस्यों ने भी संगठन को मजबूत करने और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इन युवाओं ने ग्रहण की सदस्यता
कार्यक्रम के दौरान जिन लोगों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की उनमें ठाकुर विकास सिंह, एडवोकेट आवतोष शर्मा, निशांत कुमार, शिवा सोलंकी, प्रणव कुमार, कपिल कुमार, योगेश, विकास कुमार, सुनील शर्मा, सुभाषचंद, सुमित कुमार, योगेंद्र त्यागी, दीपचंद, ओमवीर, गौरव सिंह, जुगल किशोर, दाताराम, अमित कुमार, प्रधुमन सिंह, दीपक कुमार और प्रशांत प्रजापति सहित 20 से अधिक युवा शामिल रहे।
सदस्यता ग्रहण करने वाले युवाओं ने संगठन की मजबूती और सामाजिक मुद्दों पर सक्रियता से कार्य करने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में कई पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में क्रांतिसेना के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष शरद कपूर, जिला अध्यक्ष मुकेश त्यागी, जिला प्रभारी आनंद प्रकाश गोयल, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के मंडल अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा, संजीव वर्मा, महानगर प्रमुख देवेंद्र चौहान, उज्ज्वल पंडित, पुष्पेंद्र शर्मा, नितिन राणा, योगेश कुमार अग्रवाल, राजेंद्र तायल, सुरेश प्रजापति, शैलेंद्र विश्वकर्मा, सुनील प्रजापति, सोनू कश्यप, अमित शर्मा, बॉबी शाहिद सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के बीच सदस्यता अभियान चर्चा में
मुजफ्फरनगर में इन दिनों विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। ऐसे माहौल में क्रांतिसेना का सदस्यता अभियान भी स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं को संगठन से जोड़ने की रणनीति भविष्य की राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी कहना है कि किसी भी संगठन की वास्तविक ताकत उसके जमीनी कार्यों और जनसरोकारों से तय होती है।
युवाओं में सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी बढ़ने के संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार हाल के वर्षों में युवाओं की सामाजिक और राजनीतिक संगठनों में भागीदारी तेजी से बढ़ी है। रोजगार, सामाजिक मुद्दों और वैचारिक राजनीति को लेकर युवा खुलकर अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।
मुजफ्फरनगर में भी विभिन्न संगठनों द्वारा चलाए जा रहे सदस्यता अभियान इसी बदलते सामाजिक और राजनीतिक माहौल की ओर संकेत करते हैं।

