khatauli के श्री कुंद कुंद जैन इंटर कॉलेज में ‘मानक लेखन प्रतियोगिता’ का भव्य आयोजन, छात्रों ने गुणवत्ता और उपभोक्ता जागरूकता पर रखे दमदार विचार
News-Desk
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BIS Care App, BIS Standard Club, ISI मार्क, Muzaffarnagar education news, उपभोक्ता जागरूकता, खतौली समाचार, भारतीय मानक ब्यूरो, मानक लेखन प्रतियोगिता, शिक्षा समाचार, स्कूल कार्यक्रमkhatauli कस्बे के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान श्री कुंद कुंद जैन इंटर कॉलेज में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के स्टैंडर्ड क्लब के तत्वावधान में एक दिवसीय “मानक लेखन प्रतियोगिता” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए गुणवत्ता, उपभोक्ता सुरक्षा और भारतीय मानकों के महत्व पर अपने विचार प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किए।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय “पेंट” रखा गया था। विद्यार्थियों ने पेंट की गुणवत्ता, मानकीकरण, पर्यावरण सुरक्षा, टिकाऊपन और दैनिक जीवन में बीआईएस मानकों की उपयोगिता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहराई से अपने विचार व्यक्त किए।
पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्रों में जागरूकता, रचनात्मकता और गुणवत्ता के प्रति समझ का विशेष उत्साह देखने को मिला।
युवा पीढ़ी को गुणवत्ता और मानकों के प्रति जागरूक करने का प्रयास
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के प्रति जागरूक करना था। आयोजन के माध्यम से छात्रों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता केवल उसकी मजबूती तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह उपभोक्ता की सुरक्षा और विश्वास से भी जुड़ी होती है।
विद्यालय प्रशासन और बीआईएस स्टैंडर्ड क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि आज के दौर में बाजार में नकली और घटिया उत्पादों की भरमार के बीच उपभोक्ताओं के लिए गुणवत्ता की पहचान करना बेहद जरूरी हो गया है।
छात्रों ने अपने लेखों और प्रस्तुतियों में यह भी बताया कि किस प्रकार मानकीकरण उपभोक्ताओं को सुरक्षित और टिकाऊ उत्पाद उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रधानाचार्य अनुराग जैन ने छात्रों को किया प्रेरित
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य अनुराग जैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए गुणवत्ता और मानकीकरण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि मानक केवल किसी उत्पाद की गुणवत्ता तय करने का माध्यम नहीं होते, बल्कि ये सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की सुरक्षा और उनके विश्वास को सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे हमेशा आईएसआई मार्क और बीआईएस प्रमाणित उत्पादों को ही प्राथमिकता दें।
प्रधानाचार्य ने कहा कि जागरूक उपभोक्ता ही एक मजबूत और सुरक्षित समाज की नींव रखते हैं। उन्होंने छात्रों को अपने परिवार और समाज में भी गुणवत्ता और उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई शानदार प्रतिभा
प्रतियोगिता में विभिन्न टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्णायकों को प्रभावित किया। छात्रों ने पेंट की गुणवत्ता, पर्यावरणीय प्रभाव, टिकाऊपन और सुरक्षित उत्पादों की पहचान जैसे विषयों पर बेहद परिपक्व विचार प्रस्तुत किए।
प्रथम पुरस्कार
निक्की, नोमान, शबनूर और अयान की टीम ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
द्वितीय पुरस्कार
रामिषा, कनिष्का, वंश और विधि सैनी की टीम ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।
तृतीय पुरस्कार
तुबा, राबिया, वर्षा और तानिया की टीम को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
सांत्वना पुरस्कार
पूजा, गरिमा, आंशिका और अंतिम को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
पुरस्कार वितरण के दौरान छात्रों के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था।
मेधावी छात्रों का भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य अनुराग जैन ने परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र मंजीत, ईशान और अनंत कुमार को प्रतीक चिह्न और नकद पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
विद्यालय प्रशासन ने कहा कि प्रतिभाशाली छात्रों का सम्मान अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का कार्य करता है। इस अवसर पर पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी।
BIS Care App की दी गई जानकारी
समारोह के तकनीकी सत्र में विद्यार्थियों को बीआईएस द्वारा विकसित “BIS Care App” के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि इस आधुनिक ऐप की मदद से कोई भी उपभोक्ता घर बैठे किसी उत्पाद पर लगे आईएसआई मार्क या हॉलमार्क की सत्यता की जांच कर सकता है।
छात्रों को लाइव उदाहरणों के जरिए यह भी समझाया गया कि नकली और असली उत्पादों की पहचान कैसे की जाती है। इस जानकारी को लेकर विद्यार्थियों में काफी उत्सुकता दिखाई दी।
हॉलमार्क वाले आभूषण खरीदने पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सोने-चांदी के आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क की जांच करने पर विशेष जोर दिया।
विशेषज्ञों ने कहा कि हॉलमार्क किसी भी आभूषण की शुद्धता और गुणवत्ता की गारंटी माना जाता है। उपभोक्ताओं को हमेशा प्रमाणित आभूषण ही खरीदने चाहिए ताकि उन्हें किसी प्रकार की धोखाधड़ी का सामना न करना पड़े।
छात्रों को उपभोक्ता अधिकारों और सुरक्षित खरीदारी के प्रति भी जागरूक किया गया।
मेंटोर मदन गोपाल के मार्गदर्शन में सफल हुआ आयोजन
पूरे कार्यक्रम का कुशल मार्गदर्शन मेंटर मदन गोपाल द्वारा किया गया, जबकि संचालन प्रवक्ता राजकुमार जैन ने प्रभावशाली तरीके से संभाला।
विद्यालय परिवार और स्टैंडर्ड क्लब की टीम ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, रचनात्मकता और शैक्षिक वातावरण का बेहतरीन समन्वय देखने को मिला।
उपभोक्ता जागरूकता का दिया गया संदेश
कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संकल्प दिलाया गया।
वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में जागरूक उपभोक्ता बनना बेहद जरूरी है। सही उत्पाद की पहचान, गुणवत्ता की समझ और मानकीकरण की जानकारी हर नागरिक के लिए आवश्यक हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल स्तर पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने से बच्चों में जिम्मेदार उपभोक्ता बनने की समझ विकसित होती है।
शैक्षिक आयोजनों से बढ़ रही विद्यार्थियों की जागरूकता
शिक्षाविदों का कहना है कि प्रतियोगिताएं केवल पुरस्कार जीतने का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे विद्यार्थियों में शोध, विश्लेषण और सामाजिक समझ विकसित करने का कार्य करती हैं।
खतौली के इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि छात्र केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे गुणवत्ता, सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकारों जैसे गंभीर विषयों पर भी गहराई से सोच रहे हैं।

