KRK: अपमानजनक ट्वीट के लिए न्यायिक हिरासत में भेजे गए कमाल राशिद खान
KRK कमाल राशिद खान को अदालत ने रविवार 4 सितंबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. उनपर साल 2021 में एक अभिनेत्री से छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ था. केआरके के खिलाफ साल 2021 में एक अभिनेत्री से साथ फिल्म में लीड रोल देने का वादा कर कथित रूप से छेड़खानी करने के आरोप है. बता दें कि 52 वर्षीय अभिनेता केआरके बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म ‘लक्ष्मी’ पर अपमानजनक ट्वीट के लिए न्यायिक हिरासत में है. इस मामले में जमानत याचिका पर कल यानि 5 सितंबर को अदालत में सुनवाई होनी है.
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि वह 2017 में मुंबई आई थी और वह एक अभिनेत्री, गायिका और फिटनेस मॉडल थी. उसने बताया कि वह एक हाउस पार्टी के दौरान ही खान से मिली थी. उस वक्त केआरके ने शिकायतकर्ता के सामने खुद को एक फिल्म निर्माता के तौर पर पेश किया और दोनों के बीच मोबाइल नंबर एक्सचेंज हुआ. थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार केआरके ने अभिनेत्री से कहा कि वह अभिनेता इमरान हाशमी के साथ कैप्टन नवाब नामक एक फिल्म में उसे मुख्य भूमिका देंगे और मोबाइल पर अश्लील टिप्पणी की.
दर्ज एफ़आईआर के अनुसार जनवरी 2019 में, अभिनेता खान ने शिकायतकर्ता अभिनेत्री को अपने जन्मदिन के अवसर पर बंगले पर बुलाया. लेकिन शिकायतकर्ता उस दिन नहीं गयी, लेकिन कुछ दिनों बाद शाम करीब 7 बजे वह उसके बंगले पर गयी. उसने बताया कि गर्मी बहुत ज्यादा होने की वजह से केआरके उसे अपने बंगले के पहली मंजिल के कमरे में ले गया. वहां उसने अभिनेत्री को नशीली पदार्थ पीने की पेशकश की जिसे उसने मना कर दिया. दर्ज आरोप के अनुसार फिर संतरे की जूस में केआरके ने अभिनेत्री को नशीला पदार्थ दिया जिसे पीने के बाद उसे चक्कर आने लगे. इसके बाद खान ने उसके साथ यौन संबंध बनाने की कोशिश की. शिकायतकर्ता ने कहा कि वह डर गई और वहां से चली गई.
अभिनेत्री ने बताया कि उसने साल 2021 में इस घटना की जानकारी अपने एक दोस्त को दी तो उसने पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी. इसके बाद उसने वर्सोवा पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. शनिवार को वर्सोवा पुलिस ने केआरके को जेल से हिरासत में ले लिया.
उसे रविवार को बांद्रा में एक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया और वर्सोवा पुलिस ने उसकी हिरासत लेने की कोशिश की. खान के वकील ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि शिकायतकर्ता ने झूठे आरोप लगाए थे. लेकिन धाराएं जमानती होने के कारण मजिस्ट्रेट ने पुलिस हिरासत से इनकार कर दिया और खान को न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

