LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका! अब गैस कनेक्शन में मोबाइल नंबर बदलने के लिए करना होगा 90 दिन इंतजार
Liquefied Petroleum Gas यानी एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। पेट्रोलियम कंपनियों ने LPG गैस कनेक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर को तुरंत बदलने की सुविधा फिलहाल स्थगित कर दी है। अब किसी भी उपभोक्ता को अपने गैस कनेक्शन में मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए करीब 90 दिन का इंतजार करना पड़ सकता है।
इस नए नियम के लागू होने के बाद लाखों उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, खासकर उन लोगों की जिनका मोबाइल फोन खो जाता है या जिनका नंबर बंद हो चुका है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि नई प्रक्रिया के कारण गैस बुकिंग और सिलेंडर डिलीवरी दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
बायोमीट्रिक KYC के बिना नहीं होगा नंबर अपडेट
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार अब केवल ओटीपी के जरिए केवाईसी मान्य नहीं होगी। पेट्रोलियम कंपनियों ने नई व्यवस्था के तहत बायोमीट्रिक सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है।
इसका मतलब यह है कि अब उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी जाकर स्वयं बायोमीट्रिक KYC करानी होगी। तभी मोबाइल नंबर अपडेट की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और फर्जी कनेक्शनों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है, लेकिन इससे आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें भी काफी बढ़ सकती हैं।
मोबाइल खोने पर गैस बुकिंग बन सकती है बड़ी समस्या
नए नियम के बाद सबसे बड़ी चिंता उन उपभोक्ताओं को लेकर जताई जा रही है जिनका मोबाइल फोन खो जाता है या जिनका पुराना नंबर बंद हो चुका है।
अगर किसी उपभोक्ता ने गैस बुक कर ली और उसके रजिस्टर्ड नंबर पर ओटीपी आया, लेकिन नंबर उपलब्ध नहीं हुआ, तो उसे गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल पाएगी। क्योंकि अब अधिकांश गैस एजेंसियों में डिलीवरी के समय ओटीपी सत्यापन अनिवार्य हो चुका है।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि पहले उपभोक्ता तुरंत नया नंबर अपडेट करा लेते थे, लेकिन अब इसमें 90 दिन तक का समय लग सकता है। ऐसे में घरेलू रसोई पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
बरेली में LPG किल्लत के बीच बढ़ी लोगों की परेशानी
Bareilly में पहले से चल रही एलपीजी किल्लत के बीच यह नया नियम उपभोक्ताओं के लिए और बड़ी परेशानी बनकर सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक गैस सिलेंडर की कमी की खबरों के चलते लोगों ने तेजी से बुकिंग शुरू कर दी थी। हालात ऐसे हो गए कि सामान्य दिनों की तुलना में बुकिंग तीन गुना तक बढ़ गई।
हालांकि अब स्थिति कुछ हद तक सामान्य बताई जा रही है, लेकिन डिलीवरी में अब भी देरी बनी हुई है।
रोजाना 30 से 35 हजार गैस बुकिंग, डिलीवरी पर दबाव
जिला पूर्ति अधिकारी Manish Kumar Singh के अनुसार शुरुआत में एलपीजी की कमी की चर्चाओं के कारण भारी संख्या में उपभोक्ताओं ने सिलेंडर बुक कराना शुरू कर दिया था।
उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले में रोजाना लगभग 30 से 35 हजार गैस बुकिंग हो रही हैं। हालांकि पहले की तुलना में अब बुकिंग में कमी आई है, लेकिन डिलीवरी सिस्टम पर अब भी काफी दबाव बना हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक कई एजेंसियों में तीन से चार दिन तक का बैकलॉग चल रहा है, जिसके कारण उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
गैस एजेंसी संचालकों ने जताई चिंता
ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव Adarsh Gupta ने कहा कि पहले ओटीपी आधारित केवाईसी प्रक्रिया काफी आसान थी, लेकिन अब बायोमीट्रिक प्रक्रिया लागू होने से दिक्कतें बढ़ेंगी।
उन्होंने बताया कि कई कनेक्शन धारक नौकरी या पढ़ाई के कारण दूसरे शहरों में रहते हैं। ऐसे लोगों को अब बायोमीट्रिक KYC के लिए अपने गृह जिले आना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे।
एजेंसी संचालकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों और बुजुर्ग उपभोक्ताओं को इस नई व्यवस्था में सबसे ज्यादा परेशानी हो सकती है।
सुरक्षा बढ़ाने के पीछे कंपनियों की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोलियम कंपनियां फर्जी कनेक्शन, डुप्लीकेट पहचान और गलत तरीके से इस्तेमाल होने वाले एलपीजी कनेक्शनों पर रोक लगाने के लिए यह सख्त कदम उठा रही हैं।
पिछले कुछ वर्षों में गैस सब्सिडी और घरेलू कनेक्शन से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में कंपनियां अब बायोमीट्रिक सत्यापन को प्राथमिकता दे रही हैं।
हालांकि उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि सुरक्षा जरूरी है, लेकिन प्रक्रिया को इतना जटिल नहीं बनाया जाना चाहिए कि आम लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी झेलनी पड़े।
क्या हो सकती हैं उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी दिक्कतें?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:
- मोबाइल नंबर बदलने में लंबा इंतजार
- गैस बुकिंग में ओटीपी संबंधी परेशानी
- एजेंसी जाकर बायोमीट्रिक KYC कराने की मजबूरी
- बाहर रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त परेशानी
- डिलीवरी में देरी और बैकलॉग बढ़ने की संभावना
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अगर नियमों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए तो शिकायतों की संख्या बढ़ सकती है।
उपभोक्ताओं को सलाह, नंबर और KYC जानकारी रखें अपडेट
गैस एजेंसियों की ओर से उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते अपने मोबाइल नंबर और KYC से जुड़ी जानकारी सही रखें। जिन लोगों के नंबर बंद हो चुके हैं या बदलने वाले हैं, उन्हें जल्द से जल्द एजेंसी से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा उपभोक्ताओं से कहा गया है कि किसी भी अफवाह से बचें और गैस सिलेंडर की अनावश्यक बुकिंग न करें ताकि सप्लाई सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल नंबर अपडेट से जुड़ा नया नियम आने वाले दिनों में बड़ी चुनौती बन सकता है। जहां पेट्रोलियम कंपनियां सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही हैं, वहीं उपभोक्ताओं और गैस एजेंसियों को आशंका है कि इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। खासकर मोबाइल खोने या नंबर बंद होने की स्थिति में गैस बुकिंग और डिलीवरी प्रभावित होने की संभावना से लोगों की चिंता बढ़ गई है।

