Lucknow News: पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर प्रथम दृष्टया दोषी, गिरफ्तारी
Lucknow News: रेप पीड़िता और उसके सहयोगी के द्वारा 16 अगस्त को नई दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट के समक्ष किये गए आत्मदाह के मामले में बसपा सांसद अतुल रॉय के अलावा पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर दूसरे आरोपी हैं। यह गिरफ्तारी मामले की जांच में IPS पर लगे आरोपों के सच होने पर की गई है। उन्हें गोमतीनगर आवास से जीप पर बैठाकर हजरतगंज कोतवाली लाया गया।
मामले में यूपी सरकार द्वारा यूपी पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ,अपर पुलिस महा निदेशक, महिला सुरक्षा और बाल सुरक्षा संगठन की जांच समिति गठित की गई थी। इस सयुंक्त जांच समिति ने अपनी अंतरिम जांच में पीड़िता व उसके सहयोगी के आत्महत्या करने हेतु दुष्प्रेरित करने व उनके सबूतों को गलत ढंग से प्रस्तुत करने समेत पाया।
पूर्व आईपीएस अधिकारी के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस। @Amitabhthakur #watch #ViralVideo pic.twitter.com/sYrh6QAH4d
— News & Features Network (@mzn_news) August 27, 2021
इन्हीं आरोपों में सांसद अतुल रॉय और पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है, जिसमें उनके खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर विवेचना की जा रही है। इस मामले में लखनऊ पुलिस कमिशनरेट को अग्रिम कार्रवाही के लिए निर्देशित किया गया है।
जिन धराओं में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी की गई है, वे बेहद संगीन हैं। उनपर लगाईं कुछ धराएं तो नॉन बेलेबिल हैं। इस धाराओं में तो सिर्फ माननीय न्यायालय के विवेक पर ही अमिताभ ठाकुर को जमानत मिल सकती है। साथ ही उन पर लगीं कुछ धाराओं में आरोप साबित होने की दिशा में उन्हें लंबी सजा तक देने के प्रवधान हैं।
कोर्ट के अधिवक्ता बताते हैं कि किसी भी धारा में जमानत देने के लिए माननीय न्यायालय को खुद का विवेकाधार होता है, लेकिन धारा 120 बी व धारा 306 में आरोपियों को कोर्ट तत्काल पहली ही सुनवाई में जमानत नहीं देती हैं। गिरफ्तार पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर इन दोनों धराओं के भी आरोपी हैं। इसलिए पहली ही सुनवाई की तारीख में उन्हें कोर्ट से जमानत मिलना बेहद कठिन होगा।
साथ ही इस केस में सबसे जटिल पहलू यह भी है कि पीड़ितों ने आत्मदाह करने पहले अपनी रिकॉड्रिंग वीडियो वायरल कर दिया था,जिसमें अमिताभ ठाकुर को आरोपी बताया गया है।
