Mahoba News: सरकारी संपत्ति के तीन हिस्सों की रजिस्ट्री कर बेच डाला गया,3 करोड़ 71 लाख 59 हजार रुपये रिकवरी का नोटिस जारी
Mahoba News: जिला पंचायत की संपत्ति पर 46 साल से अवैध कब्जे किये भू माफिया पर कोई कार्यवाही ना होने से तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकारी संपत्ति के तीन हिस्सों की रजिस्ट्री कर बेच डाला गया है तो अन्य हिस्से में दुकानें बनाकर किराए पर चलाई जा रही है। अवैध कब्जे को हटाने के लिए अब जिला पंचायत ने कब्जा धारी के खिलाफ 3 करोड़ 71 लाख 59 हजार रुपये रिकवरी का नोटिस जारी किया है। जिसके बाद से भूमाफिया (land mafia) कब्जाधारी में हड़कंप मचा है। जिला पंचायत विभाग ने बेदखली के नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के अंदर कब्जा हटाने की चेतावनी दी है और ना हटाने पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के आदेश दिए हैं।
शहर के चर्चित आल्हा चौक चौराहे के समीप सड़क से लगी बेशकीमती जिला पंचायत विभाग की संपत्ति पर पिछले 46 साल से अवैध कब्जा है। यहीं नहीं इस कब्जे के तीन हिस्सों को बेचकर रजिस्ट्री भी कर दी गई तो वहीँ अन्य हिस्सों में दुकानें बनाकर लोगों को किराए पर दे दिया गया और जिम्मेदार अधिकारी खामोश बने रहे।
महोबा के सामाजिक और आरटीआई कार्यकर्ता जीवनलाल चौरसिया ने इस मामले को लेकर अधिकारियों की चौखटों पर बार-बार शिकायतें की फिर भी सरकारी बेशकीमती संपत्ति के कब्जे धारी पर ना तो कोई कार्यवाही हुई और ना ही कब्जे को हटाया गया। उसकी शिकायतों का ही असर है कि अब जिला पंचायत विभाग ने अपनी बेशकीमती संपत्ति को पाने के लिए कब्जेधारियों को नोटिस भेज दिए है।
एसडीएम सदर जीतेन्द्र कुमार बताते हैं कि उक्त संपत्ति जिला पंचायत की है। अपर मुख्य अधिकारी ने आरसी भेजी थी उसकी बसूली के सापेक्ष पर तहसीलदार को निर्देशित किया गया है यदि नहीं जमा किया गया तो फिर वारंट जारी किया जायेगा।
बताया जाता है कि जिला पंचायत विभाग की इस बेशकीमती संपत्ति का वर्ष 1946 में 30 साल के लिए पट्टा हुआ था और 1975 में उक्त आवासीय पट्टा समाप्त हो जाने के बावजूद भी उस पर भू माफिया ने कब्जा जमा लिया, जबकि दिए गया पट्टा आवासीय था उसके बाद भी दुकानों का निर्माण कर व्यवसायिक कार्य किए गए। चार बार गजट कर उक्त जमीन को जिला पंचायत की बताया जा चुका है लेकिन फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर कोई कार्यवाही नहीं की।
आखिरकार जिला पंचायत ने अब बेशकीमती जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए आरोपी भूमाफिया को 3 करोड़ 71 लाख 59 हजार का रिकवरी नोटिस थमा दिया है साथ ही अन्य कब्जे धारियों को भी बेदखली के नोटिस देते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता जीवन लाल चौरसिया बताते हैं कि पिछले 4 साल से सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए अधिकारियों को पत्र लिख रहे हैं। कोतवाली से लेकर तहसील और तहसील से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक में शिकायत की गई लेकिन यहां पर कोई कार्रवाई नहीं हुई बल्कि उसे ही प्रताड़ित किया जा रहा है उसे डर है कि कहीं उसके साथ कोई अनहोनी न हो जाए इसलिए वह सुरक्षा की भी मांग कर रहा है।

