Mahoba के जैतपुर में मतदाता सूची में हड़कंप: एक मकान पर 4,271 मतदाता, जांच में जुटी प्रशासनिक मशीनरी
Mahoba, जैतपुर – त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच महोबा के कस्बा जैतपुर में मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी सामने आई है। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान बीएलओ (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) ने जब डोर-टू-डोर सर्वे किया, तो वार्ड नंबर 3 से 8 तक एक ही मकान नंबर 803 में 4,271 मतदाता दर्ज पाए गए।
मतदाता सूची में दर्ज त्रुटियों की गंभीरता
यहां मतदाता क्रमांक 2,283 से 6,969 तक का विवरण एक ही मकान नंबर पर दर्ज था। यह संख्या न केवल असामान्य है, बल्कि राज्य निर्वाचन आयोग की निगरानी और पंचायत चुनाव की प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। मामले की जानकारी बीएलओ रश्मि ने तत्काल एसडीएम कुलपहाड़ को दी और अधिकारियों ने जांच के निर्देश जारी कर दिए।
अन्य गाँवों में भी सामने आई गड़बड़ी
जैतपुर की घटना से पहले ग्राम पंचायत पनवाड़ी में भी एक मकान में 243 और दूसरे मकान में 185 मतदाता दर्ज मिले थे। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मतदाता सूची में कई स्थानों पर डुप्लीकेट और त्रुटिपूर्ण रिकॉर्ड मौजूद हैं।
AI की मदद से हुई जांच में लाखों संभावित डुप्लीकेट मतदाता
जनपद महोबा में पंचायत चुनाव की तैयारी के लिए चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से एआई तकनीक का उपयोग कर जांच में 1,06,542 संभावित डुप्लीकेट मतदाता सामने आ चुके हैं। वर्तमान में उनका सत्यापन और संशोधन किया जा रहा है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण का महत्व और समयसीमा
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान 29 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान नाम जोड़ने, मृतकों के नाम हटाने और संशोधन का काम पूरा किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में मकान नंबर की व्यवस्था न होने के कारण पिछले पुनरीक्षण में बीएलओ की ओर से कई त्रुटियाँ दर्ज हो गई थीं।
बीएलओ सर्वे और मानवीय त्रुटि
कुंवर पंकज, अपर जिलाधिकारी, महोबा के अनुसार, वर्ष 2021 की मतदाता सूची में मकान नंबर की गलती मानवीय त्रुटि थी। उसी कारण से कई मतदाताओं का नाम एक ही मकान नंबर पर दर्ज हो गया। अब वर्तमान पुनरीक्षण में बीएलओ डोर-टू-डोर सर्वे कर यह गलती दुरुस्त कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत जैतपुर में मतदाता सूची की स्थिति
वार्ड नंबर 3 से 8 तक एक ही मकान में हजारों मतदाता दिखना प्रशासनिक और तकनीकी दृष्टि से असामान्य है। इससे न केवल चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं, बल्कि नागरिकों में भी मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर संदेह पैदा होता है।
पंचायत चुनावों में मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर असर
चुनाव से पहले मतदाता सूची की शुद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक ही मकान पर हजारों मतदाता दर्ज होने से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न लग जाता है।
जांच और सुधार के प्रयास
स्थानीय प्रशासन और चुनाव आयोग की टीम इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच में जुट गई है। अधिकारी सुनिश्चित कर रहे हैं कि सूची में दर्ज सभी मतदाता सही और सत्यापित हों।
महोबा के जैतपुर में सामने आई यह घटना पंचायत चुनाव की तैयारियों में एक चेतावनी के रूप में सामने आई है। मतदाता सूची में एक ही मकान पर 4,271 मतदाता दर्ज होना चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाता है। प्रशासन और बीएलओ लगातार डोर-टू-डोर सर्वे कर सूची में संशोधन कर रहे हैं ताकि सभी मतदाताओं के नाम सही और सत्यापित हों।

