Majhola: प्रेमिका से मिलने बागपत जाना था, रामरतन की हत्या के पीछे छिपी दोस्ती की कहानी
Majhola मझोला के नया मुरादाबाद निवासी कार चालक रामरतन की हत्या के इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने फिर एक बार समाज में उठने वाली समस्याओं को सामने लाया है। यह घटना न केवल एक व्यक्ति की मौत का कारण बनी है, बल्कि इसने भी सामाजिक विचारधारा पर सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही, यह घटना हमें यह भी दिखाती है कि किसी की जिंदगी को संकट में डालने से पहले लोग कितनी बेहिसाब क्रूरता तक पहुंच सकते हैं।
नया मुरादाबाद निवासी कार चालक रामरतन की हत्या तीन बदमाशों ने कार लूटने के लिए की थी। पुलिस ने मंगलवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया। बिजनौर निवासी मुख्य आरोपी अभय विश्नोई को अपनी प्रेमिका से मिलने बागपत चलाना था।
इसलिए उसने अपने दो अन्य दोस्तों के साथ साजिश रचकर मुरादाबाद के इंपीरियल तिराहा स्थित टैक्सी स्टैंड से राम रतन की कार बुक कराई थी। बिलारी में ले जाकर तालाब में डुबोकर उसकी हत्या करने के बाद कार लूटकर भाग गए थे।
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि कोतवाली के इंपीरियल तिराहा टैक्सी स्टैंड से दो मार्च की सुबह करीब पांच बजे तीन युवक रातरतन की कार बुक कराकर ले गए थे। इसके बाद से रामरतन लापता था। इसी बीच 5 मार्च को बिलारी थाना क्षेत्र के तिसबा गांव स्थित तालाब में एक शव मिला था।
मृतक की जेब से एक फोटो स्टूडियो का कार्ड मिला था। इसी कार्ड की मदद से मृतक की पहचान मझोला के नया मुरादाबाद निवासी कार चालक रामरतन के रूप में हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत होने की पुष्टि हुई थी। एसओजी ने इस केस पर काम किया।
टैक्सी स्टैंड की फुटेज की मदद से टीम ने बिजनौर के स्योहरा थाना क्षेत्र के भगवानपुर रेनी निवासी अभय विश्नोई, इसी गांव में रहने वाले उसके दोस्त दीप विश्नोई और बिलारी थाना क्षेत्र के गांव आजमपुर निवासी मधुर चौधरी को दबोच लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर अमरोहा के कैलसा में खड़ी रामरतन की कार भी बरामद कर ली थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी अभय विश्नोई ने बताया कि उसे अपनी प्रेमिका से मिलने बागपत जाना था। इसके लिए कार की जरूरत थी।
उसने अपने दोस्तों की मदद से कार बुक की थी। रामरतन से ठाकुरद्वारा के लिए कार बुक कराई थी। कार में बैठने के बाद रामरतन पर दबाव बनाया कि वह कार लेकर बागपत चले लेकिन रामरतन ने जाने से इन्कार कर दिया था।
इसके बाद रामरतन के हाथ पैर बांध कर बिलारी के तिसाबा गांव स्थित तालाब में डुबो कर मार दिया था। इसके बाद उसकी कार लेकर भाग गए थे। मंगलवार दोपहर बाद तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
रामरतन की हत्या की घटना में उसकी कार लूटने का मामूला इल्जाम लगा है। यह एक बहुत ही दुखद तथ्य है कि लोग अपने लाभ के लिए किसी की जिंदगी को खतरे में डालने से पीछे नहीं हटते। इस घटना ने समाज को यह सिखाता है कि हमें अपने समाज की सुरक्षा के लिए अधिक जागरूक और सावधान रहना होगा।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से हमें यह भी सिखने को मिलता है कि हमारे समाज में अभी भी कई समस्याएं हैं जो हमें हल करने की आवश्यकता है। उच्च शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, और भावनात्मक विकास के क्षेत्र में भी हमें और भी मेहनत करनी चाहिए।
इस घटना को देखते हुए हमें यह भी सोचने की आवश्यकता है कि हमारे समाज में कैसे इस तरह की हिंसा और अत्याचार को रोका जा सकता है। यह घटना हमें समझाती है कि हमें अपने समाज में समरसता और सामंजस्य को बढ़ावा देना होगा।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को देखते हुए हमें यह भी समझना चाहिए कि हमें अपने समाज में कैसे इस तरह की हिंसा और अत्याचार को रोका जा सकता है। यह घटना हमें समझाती है कि हमें अपने समाज में समरसता और सामंजस्य को बढ़ावा देना होगा।
