सीएचसी रामनगर के प्रभारी चिकित्साधिकारी की मनमानी से स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल
रामनगर। सीएचसी रामनगर के प्रभारी चिकित्साधिकारी कभी भी समय से सीएचसी नही आते जिससे तमाम तरह की अव्यवस्थाएं व्याप्त हैं।उनके न आने से अन्य डॉक्टर भी नही आते जिससे मरीजों के लिए सरकार का फ्री इलाज का दावा केवल सपना बना है। ओपीडी भी प्रभावित है।
रामनगर में करीब नौ महीने पहले प्रभारी चिकित्साधिकारी रामनगर सूरतगंज सीएचसी से प्रसव के एक मामले में लापरवाही बरतने पर हटाए गए थे और तत्कालीन सीएमओ रमेश चंद्रा ने काफी डाँटा था।
राजनीतिक दांव पेंच फिट करने के कारण इन्हें रामनगर भेज दिया गया। यंहा जब से आए है तब से इनकीं मनमानी जारी है।प्रसव कराने आने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव बिना रुपया लिए नही होता है।
बताया जाता है कि दो हजार रुपए प्रसव कराने वाली एक एएनएम लेती हैं जिस पर पूर्व में लगे आरोप पर विभागीय लिखा पढ़ी भी पूर्व अधीक्षक कर चुके है।
इनकीं वसूली से त्रस्त आशा बहुए भी दीवाली के बाद प्रदर्शन करने वाली हैं।आशा बहू के भुगतान में कर्मचारी समीर के माध्यम से प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वारा आधी धन राशि वसूल ली जाती है।
अभी जब यंहा आए थे तो इनके द्वारा सीएचसी के पुराने स्क्रेप भी नियम विरुद्ध बेंच लिए गए। सूरतगंज में एक कर्मी को गाली देने का मामला वायरल हुआ था
जिस पर कप्तान ने इन पर मुकदमा रामनगर थाने में दर्ज करवाया गया था। इनकीं शिकायत नगर के सभासदों ने सीएमओ से की है।सीएमओ ने बताया कि इनके बारे में सूचनाएं मिली हैं।शिकायत आने पर जांच होंगी।

