मिशन परिवार विकास की धमाकेदार शुरुआत: Muzaffarnagar में ‘सारथी वाहन’ दौड़े, गांव-गांव पहुंचेगा छोटा परिवार–खुशहाल परिवार का संदेश
Muzaffarnagar जिले में स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को Mission Parivar Vikas के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए सारथी वाहन को पूरे जिले में जागरूकता फैलाने के लिए रवाना किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया ने हरी झंडी दिखाकर इन विशेष प्रचार वाहनों को जिलावासियों तक परिवार नियोजन का संदेश पहुंचाने के लिए रवाना किया।
इन वाहनों का उद्देश्य न सिर्फ जानकारी देना है, बल्कि लोगों के बीच परिवार नियोजन से जुड़े भ्रांतियों को खत्म करना, सही साधनों का उपयोग बताना और समाज को “छोटा परिवार—खुशहाल परिवार” का संदेश देना है। यह पूरा अभियान family planning awareness को जमीनी स्तर पर मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सारथी वाहन कैसे करेंगे काम?—शहरी से ग्रामीण तक जागरूकता की सतत यात्रा
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा ने बताया कि मिशन परिवार विकास अभियान के तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियाँ पहले से चल रही हैं, लेकिन सारथी वाहन इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और व्यापक बनाएंगे।
इन वाहनों के माध्यम से—
शहरी मोहल्लों,
ग्रामीण गलियों,
ब्लॉक स्तर के प्रमुख स्थानों
पर लगातार जनजागरूकता का अभियान चलाया जाएगा।
वाहनों में लगी ऑडियो क्लिप्स, पोस्टर, पंपलेट और स्वास्थ्य संदेशों से लोगों को जानकारी दी जाएगी कि परिवार छोटा रखने से स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिरता और जीवन की गुणवत्ता कैसे बेहतर होती है।
Mission Parivar Vikas का मूल संदेश है कि “स्वस्थ परिवार वही है, जो अपने परिवार नियोजन को समझदारी से अपनाए।”
डॉ. दिव्यांक दत्त का बड़ा बयान: ‘गांव-गांव जाकर लोगों को परिवार नियोजन साधनों के लिए प्रेरित किया जाएगा’
जिला परिवार कल्याण एवं लोजिस्टिक्स प्रबंधक डॉ. दिव्यांक दत्त ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सारथी वाहन पूरे जिले के प्रत्येक ब्लॉक में घूमकर लोगों को अस्थाई और स्थाई दोनों प्रकार के परिवार नियोजन साधनों की जानकारी देगा।
साथ ही मुख्य फोकस इन प्रमुख संदेशों पर रहेगा—
दो बच्चों के जन्म में कम से कम तीन साल का अंतर
महिला व पुरुष नसबंदी की सुरक्षित प्रक्रिया
IUCD, कंडोम, छाया, अंतरा, स्टरलाइजेशन जैसे साधनों की उपलब्धता
छोटा परिवार—खुशहाल परिवार की योजना
इसके अलावा सारथी वाहन गांवों में रुककर स्वास्थ्यकर्मियों के साथ छोटे सामुदायिक सत्र भी आयोजित करेगा, जहां लोग अपनी शंकाएँ पूछ सकेंगे।
family planning awareness बढ़ाने के लिए यह प्रयास जिले में स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
त्रैमासिक संरचना वाली यह पहल—हर तीन महीने में नई ऊर्जा के साथ चलेगा अभियान
जिला कार्यक्रम प्रबंधक विपिन कुमार ने बताया कि इस अभियान को त्रैमासिक अंतराल पर संचालित किया जाता है, ताकि लोगों में निरंतर जागरूकता बनी रहे और नई जानकारी हर बार समुदाय तक पहुंचती रहे।
उन्होंने कहा कि इन सारथी वाहनों के माध्यम से—
परिवार नियोजन की आवश्यकता
विभिन्न सुरक्षित साधन
पुरुष एवं महिला नसबंदी की प्रक्रियाएँ
लाभार्थियों को मिलने वाली सरकारी प्रोत्साहन राशि
के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
समाज में परिवार नियोजन से जुड़ी अफवाहें, डर और गलतफहमियाँ दूर करने के लिए सारथी वाहन एक सशक्त उपकरण की तरह कार्य करेगा। यह अभियान ऐसे समय में चलाया जा रहा है जब स्वास्थ्य विभाग देशभर में जनसंख्या नियंत्रण और मातृ-स्वास्थ्य सुधार के बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।
पुरुष सहभागिता पर इस बार विशेष फोकस—“स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार पुरुष सहभागिता से ही”
इस वर्ष मिशन का मुख्य थीम है—
“स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार पुरुष सहभागिता से ही होगा सपना साकार।”
स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि परिवार नियोजन में पुरुषों की भूमिका आज भी अपेक्षाकृत कम है, जबकि सफल परिवार नियोजन में साझा निर्णय लेना आवश्यक है।
इसी संदेश को सारथी वाहन गाँव-गाँव पहुंचाकर यह बताएंगे कि—
पुरुष नसबंदी सुरक्षित है
कंडोम व अन्य साधनों का प्रयोग आसान है
परिवार का स्वास्थ्य बेहतर रहता है
महिलाओं पर अत्यधिक दबाव नहीं पड़ता
यह अभियान एक सामाजिक बदलाव की कोशिश भी है, जिसमें पुरुषों को परिवार नियोजन के मुद्दों पर सक्रिय भागीदार बनाया जाएगा।
ऑडियो क्लिप्स, पंपलेट और इंटरैक्टिव संदेश—लोगों तक आसान भाषा में पहुँचाया जाएगा स्वास्थ्य संदेश
मिशन परिवार विकास अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने इस बार प्रचार सामग्री को बेहद आकर्षक और सहज बनाया है।
सारथी वाहन में लगे स्पीकरों से लगातार यह संदेश प्रसारित होंगे—
“दो बच्चों में तीन साल का अंतर रखें।”
“छोटा परिवार, खुशहाल परिवार।”
“स्वास्थ्य ही भविष्य है, जिम्मेदारी से परिवार नियोजन अपनाएँ।”
पंपलेट में परिवार नियोजन के सभी साधनों की जानकारी साफ़ और सरल भाषा में दी गई है।
इसके अलावा स्वास्थ्यकर्मी मौके पर ही लोगों के सवालों के जवाब भी देंगे।
अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद—अभियान को मिल रहा मजबूत प्रशासनिक समर्थन
इस शुभारंभ अवसर पर
अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर प्रवीण पाल,
आनंद कुमार,
चीफ फार्मासिस्ट रोहित,
कैलाश, मनोज, मोनू, वीरसिंह,
अर्बन आशा कार्यकर्ता
तथा बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
इन सभी ने मिलकर जिले में family planning awareness को बढ़ावा देने और जन-जन तक सही स्वास्थ्य संदेश पहुंचाने के अपने संकल्प को दोहराया।

